Table of Contents
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार बिजली कर्मचारियों के साथ है और गुरुग्राम-नूंह में निजी कंपनियों को बिजली आपूर्ति लाइसेंस देने के मामले में HERC के फैसले के खिलाफ APTEL में अपील करेगी।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मौजूदा स्थिति को लेकर प्रशासनिक सचिवों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनियों को बिजली आपूर्ति के लाइसेंस दिए जाने से जुड़े मामले पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस मामले में हरियाणा सरकार बिजली कर्मचारियों के साथ खड़ी है और हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) के फैसले के खिलाफ अपीलीय विद्युत न्यायाधिकरण (APTEL) में अपील करेगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार इस मामले में मजबूती से अपना पक्ष रखेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि बिजली कर्मचारी यूनियन चाहें तो सरकार उनकी पसंद के वकीलों के माध्यम से भी मामले की पैरवी कराने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों से संवाद जारी रखने की बात कहते हुए कहा कि बातचीत के लिए सरकार के दरवाजे हमेशा खुले हैं।
बिजली कर्मचारियों से हड़ताल न करने की अपील
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बिजली यूनियनों से अपील की कि वे हड़ताल पर जाने से बचें। उन्होंने अधिकारियों को त्योहारों के दौरान बिजली आपूर्ति निर्बाध बनाए रखने और कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
त्योहारों के समय घरों, बाजारों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य जरूरी सेवाओं में बिजली की मांग बढ़ सकती है। ऐसे में सरकार ने संबंधित अधिकारियों को आपूर्ति व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने और किसी भी संभावित व्यवधान से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा।
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP की अध्यक्षता में मौजूदा हालातों पर प्रशासनिक सचिवों के साथ समीक्षा बैठक हुई।
“गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को बिजली आपूर्ति का लाइसेंस मिलने के मामले में हरियाणा सरकार पूरी तरह बिजली कर्मचारियों के साथ है। सरकार HERC के निर्णय के खिलाफ APTEL में अपील कर मामले की मजबूती से पैरवी करेगी। बिजली यूनियन चाहें तो सरकार इस मामले की पैरवी के लिए उनकी पसंद के वकीलों के माध्यम से भी केस लड़ने को तैयार है। कर्मचारियों के लिए बातचीत के दरवाजे हमेशा खुले हैं।” — मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी
मुख्यमंत्री ने बिजली यूनियनों से हड़ताल पर न जाने की अपील करते हुए अधिकारियों को त्योहारी सीजन में निर्बाध बिजली आपूर्ति और कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज ने स्पष्ट किया कि सरकार ने निजी कंपनी को बिजली आपूर्ति का लाइसेंस देने के लिए कोई आवेदन नहीं मांगा था और सरकार ने इंजीनियर्स एसोसिएशन के साथ मिलकर शुरू से ही निजी कंपनी को लाइसेंस देने का विरोध किया है।
#Haryana #Electricity
— DPR Haryana (@DiprHaryana) October 21, 2026
मुख्यमंत्री की अपील का उद्देश्य बिजली कर्मचारियों और सरकार के बीच संवाद बनाए रखते हुए आम जनता को बिजली आपूर्ति में परेशानी से बचाना है।
गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनियों को लाइसेंस देने का मामला
बैठक में गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनियों को बिजली आपूर्ति के लाइसेंस दिए जाने से संबंधित मुद्दे पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार HERC के फैसले के खिलाफ APTEL में अपील दायर करेगी और मामले में मजबूती से अपनी दलीलें रखेगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बिजली यूनियन यदि अपनी पसंद के वकीलों के जरिए पैरवी कराना चाहती है तो सरकार इस विकल्प पर भी तैयार है। उनके बयान के मुताबिक, इस मामले में कर्मचारियों के साथ संवाद और कानूनी प्रक्रिया दोनों जारी रहेंगे।
इस मामले में आगे की स्थिति अपीलीय विद्युत न्यायाधिकरण में होने वाली सुनवाई और संबंधित कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने भी सरकार का पक्ष रखा
हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने स्पष्ट किया कि निजी कंपनियों को बिजली आपूर्ति के लाइसेंस देने के लिए सरकार की ओर से कोई आवेदन नहीं मांगा गया था। उन्होंने कहा कि सरकार ने शुरुआत से ही इंजीनियर्स एसोसिएशन के साथ मिलकर निजी कंपनियों को लाइसेंस देने के फैसले का विरोध किया है।
ऊर्जा मंत्री के बयान का उद्देश्य इस मुद्दे पर राज्य सरकार की स्थिति स्पष्ट करना था। मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री के बयानों के अनुसार, सरकार इस मामले में कर्मचारियों के हितों और बिजली आपूर्ति व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर अपना पक्ष रख रही है।
त्योहारों में बिजली और कानून-व्यवस्था पर विशेष ध्यान
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि त्योहारों के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम लोगों को आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
बिजली कर्मचारियों की यूनियनों और सरकार के बीच यह मुद्दा बातचीत तथा कानूनी प्रक्रिया के जरिए सुलझाने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि संवाद के रास्ते खुले हैं और सरकार मामले की पैरवी के लिए तैयार है।
हरियाणा सरकार की ओर से HERC के फैसले को APTEL में चुनौती देने की घोषणा के बाद अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी। वहीं, सरकार ने बिजली यूनियनों से अपील की है कि वे हड़ताल से बचते हुए त्योहारों के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने में सहयोग करें।