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रणबीर कपूर ने कोलकाता में दशहरे के दौरान दिए अपने बयान पर माफी मांगी है। अभिनेता ने कहा कि उनकी जुबान फिसल गई थी। जानिए पूरा मामला और फिल्म रामायण से जुड़ी खास बातें।
रणबीर कपूर इन दिनों नितेश तिवारी की आगामी फिल्म ‘रामायण’ को लेकर चर्चा में हैं। इसी बीच दशहरे के एक कार्यक्रम में दिए गए उनके बयान को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हो गया। बयान का वीडियो वायरल होने के बाद अभिनेता को आलोचनाओं और ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। अब रणबीर कपूर ने इस मामले पर सफाई देते हुए माफी मांगी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दशहरे के मौके पर बोलते समय उनकी जुबान फिसल गई थी और वह अपनी बात सही तरीके से नहीं रख पाए। अभिनेता ने यह सफाई चेन्नई में आयोजित फिल्म ‘रामायण’ के संगीत और ऑडियो लॉन्च कार्यक्रम के दौरान दी। इस मौके पर उन्होंने अपनी बात समझाने के लिए अपनी वर्ष 2011 में आई फिल्म ‘रॉकस्टार’ के एक लोकप्रिय गीत की पंक्ति का भी जिक्र किया।
दशहरे पर दिए बयान के लिए रणबीर कपूर ने मांगी माफी
रणबीर कपूर ने चेन्नई में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वह पिछले दिन हुई एक घटना के लिए माफी मांगना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि वह कोलकाता में दशहरे के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जहां बोलते समय उनकी जुबान फिसल गई थी। अभिनेता ने स्वीकार किया कि उनके शब्दों से उनकी बात का अर्थ गलत निकल गया, जबकि उनका इरादा कुछ और कहने का था। रणबीर ने अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा कि वह यह संदेश देना चाहते थे कि बुराई चाहे कितनी भी ताकतवर क्यों न हो, अंत में जीत अच्छाई और सच्चाई की ही होती है। उनके अनुसार, दशहरे का पर्व भी इसी संदेश की याद दिलाता है। अभिनेता की इस सफाई के बाद विवाद का केंद्र उनके मूल बयान और उसके पीछे की मंशा बन गया है।
क्या था रणबीर कपूर के दशहरा बयान का विवाद?
यह विवाद उस समय शुरू हुआ, जब कोलकाता में दशहरे के एक कार्यक्रम के दौरान रणबीर कपूर के संबोधन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। अभिनेता दशहरे के महत्व और बुराई पर अच्छाई की जीत के संदेश के बारे में बात कर रहे थे। हालांकि, उनके शब्दों का अर्थ ऐसा निकला, जिससे लोगों को लगा कि वह अपने संदेश में उलटा अर्थ व्यक्त कर रहे हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने उनके बयान पर सवाल उठाए, जबकि कुछ लोगों ने इसे बोलते समय हुई सामान्य गलती बताया। रणबीर कपूर के भगवान राम की भूमिका निभाने की वजह से भी इस बयान पर लोगों का ध्यान अधिक गया। फिल्म ‘रामायण’ में भगवान राम का किरदार निभाने जा रहे अभिनेता से जुड़े इस विवाद में दशहरे के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को लेकर भी चर्चा हुई। हालांकि, अभिनेता ने बाद में स्पष्ट कर दिया कि वह अच्छाई और सच्चाई की जीत का संदेश देना चाहते थे।
‘रॉकस्टार’ के गाने की पंक्ति से समझाई अपनी बात
माफी मांगने और सफाई देने के दौरान रणबीर कपूर ने अपनी फिल्म ‘रॉकस्टार’ के गीत ‘जो भी मैं’ की एक पंक्ति का उल्लेख किया। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “जो भी मैं कहना चाहूं, बर्बाद करे अल्फाज मेरे।” इस पंक्ति के जरिए अभिनेता ने यह समझाने की कोशिश की कि कभी-कभी व्यक्ति कुछ कहना चाहता है, लेकिन उसके शब्द बात का अर्थ बदल देते हैं। वर्ष 2011 में रिलीज हुई ‘रॉकस्टार’ में रणबीर कपूर के अभिनय और फिल्म के संगीत को काफी पहचान मिली थी। इस फिल्म का संगीत ए.आर. रहमान ने तैयार किया था। चेन्नई में आयोजित ‘रामायण’ के संगीत और ऑडियो लॉन्च कार्यक्रम में ए.आर. रहमान भी मौजूद थे। रणबीर का अपनी पुरानी फिल्म के गीत का जिक्र करना कार्यक्रम का एक उल्लेखनीय पल रहा।
नितेश तिवारी की ‘रामायण’ में भगवान राम बनेंगे रणबीर कपूर
रणबीर कपूर की आगामी फिल्म ‘रामायण’ भारतीय सिनेमा की चर्चित परियोजनाओं में शामिल है। नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि साई पल्लवी माता सीता के किरदार में नजर आएंगी। यश फिल्म में रावण और सनी देओल हनुमान की भूमिका निभाते दिखाई देंगे। वहीं, रवि दुबे लक्ष्मण का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा कर रहे हैं और इसे दो भागों में प्रस्तुत करने की योजना है।
बड़े स्तर पर तैयार हो रही है फिल्म
‘रामायण’ को बड़े पैमाने पर तैयार किया जा रहा है। फिल्म के दृश्य प्रभावों की जिम्मेदारी ऑस्कर विजेता विजुअल इफेक्ट्स कंपनी डीएनईजी संभाल रही है। इसके संगीत से ए.आर. रहमान और हैंस जिमर जुड़े हुए हैं। फिल्म को लेकर दर्शकों में पहले से ही उत्सुकता बनी हुई है, क्योंकि इसमें भारतीय महाकाव्य की कहानी को बड़े सिनेमाई स्तर पर पेश करने की तैयारी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फिल्म का पहला भाग 5 नवंबर 2026 को दुनियाभर में रिलीज होने वाला है।
रणबीर कपूर की दशहरे वाले बयान पर दी गई सफाई के बाद अब उनका ध्यान आगामी फिल्म ‘रामायण’ पर है। अभिनेता ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी और स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य अच्छाई तथा सच्चाई की जीत का संदेश देना था। सोशल मीडिया पर शुरू हुआ यह विवाद एक बार फिर दिखाता है कि सार्वजनिक मंचों पर दिए गए बयानों के शब्दों और उनके अर्थ को लेकर कितनी तेजी से चर्चा शुरू हो सकती है।