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दिल्ली के इंडिया गेट के पास वायु गुणवत्ता AQI 238 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में है। AAP ने बढ़ते प्रदूषण को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा।
राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने के बीच इंडिया गेट के आसपास वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 238 दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, इस स्तर को ‘खराब’ श्रेणी में रखा जाता है। सुबह के समय सामने आए दृश्यों के साथ दिल्ली की हवा की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर चिंता जताई जा रही है।
AAP का BJP सरकार पर निशाना
दिल्ली में बढ़ते AQI को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार पर तंज कसा है। पार्टी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि उसे भरोसा है कि सरकार इस मुद्दे पर तुरंत सक्रिय होगी और AQI मॉनिटरों पर पानी का छिड़काव करेगी। AAP की यह टिप्पणी प्रदूषण से निपटने के तरीकों और सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाने के संदर्भ में आई है।
पार्टी के बयान का आशय प्रदूषण के वास्तविक स्रोतों पर कार्रवाई करने के बजाय केवल निगरानी उपकरणों के आसपास पानी छिड़कने जैसी कार्रवाई पर सवाल उठाना है। हालांकि, AQI मॉनिटरों पर पानी छिड़कने की किसी वास्तविक सरकारी कार्रवाई की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। इसलिए इसे AAP के राजनीतिक कटाक्ष के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
इंडिया गेट के आसपास AQI 238, हवा की गुणवत्ता खराब
दिल्ली में AQI बढ़ रहा है।
हमें यकीन है कि भाजपा सरकार तुरंत ही इस पर Action Mode में आएगी और AQI monitors पर पानी का छिड़काव करेगी… 🥲
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) October 22, 2026
CPCB के हवाले से दी गई जानकारी के अनुसार, इंडिया गेट के आसपास AQI 238 दर्ज किया गया। वायु गुणवत्ता सूचकांक 201 से 300 के बीच होने पर हवा को ‘खराब’ श्रेणी में रखा जाता है। इस स्तर पर प्रदूषण का असर विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों पर पड़ सकता है। स्वस्थ लोगों को भी लंबे समय तक प्रदूषित हवा में रहने से परेशानी हो सकती है।
AQI का स्तर किसी स्थान और समय के अनुसार बदल सकता है। इसलिए इंडिया गेट के आसपास दर्ज आंकड़े को पूरे दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता का एकमात्र प्रतिनिधि नहीं माना जाना चाहिए। शहर के अलग-अलग इलाकों में प्रदूषण का स्तर अलग हो सकता है।
प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम जरूरी
दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए धूल नियंत्रण, निर्माण स्थलों पर नियमों का पालन, वाहनों से निकलने वाले धुएं पर निगरानी, कचरा जलाने पर रोक और औद्योगिक उत्सर्जन को नियंत्रित करने जैसे कदम महत्वपूर्ण हैं। प्रदूषण के स्तर और स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर संबंधित एजेंसियों को प्रभावी उपाय लागू करने की जरूरत होती है।
AQI मॉनिटर हवा में प्रदूषण के स्तर को मापने और उसकी निगरानी करने का काम करते हैं। मॉनिटर के आसपास पानी का छिड़काव करना अपने आप में शहर के प्रदूषण के स्रोतों को नियंत्रित करने का विकल्प नहीं है। इसीलिए प्रदूषण से निपटने के उपायों का आकलन वास्तविक वायु गुणवत्ता और जमीन पर लागू किए गए कदमों के आधार पर किया जाना चाहिए।
दिल्ली की हवा पर नजर
इंडिया गेट के आसपास AQI 238 दर्ज होने की जानकारी के बाद राजधानी में वायु प्रदूषण का मुद्दा फिर चर्चा में है। AAP ने इस आंकड़े के संदर्भ में BJP सरकार पर कटाक्ष किया है। अब प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सरकार और संबंधित एजेंसियों की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रहेगी।