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पंजाब के सुनाम स्थित इलवाल गांव में अमन अरोड़ा ने ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना के तहत लाल लकीर के भीतर बने घरों के मालिकों को स्वामित्व दस्तावेज वितरित किए।
पंजाब की भगवंत मान सरकार की ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना के तहत लोगों को उनके घरों का मालिकाना हक देने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में कैबिनेट मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने सुनाम के इलवाल गांव में लाल लकीर के भीतर आने वाले घरों के मालिकों को कानूनी स्वामित्व दस्तावेज वितरित किए। इस दौरान उन्होंने लाभार्थियों को बधाई दी और योजना के माध्यम से उनकी संपत्ति से जुड़े लंबे समय से लंबित मामलों के समाधान की बात कही।
लाल लकीर के भीतर बने घरों के मालिकों को राहत
पंजाब के कई गांवों में लाल लकीर के भीतर स्थित मकानों के स्वामित्व से जुड़े मामले लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण रहे हैं। ऐसे में ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना का उद्देश्य पात्र परिवारों को उनके घरों के मालिकाना हक से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें अपनी संपत्ति की कानूनी पहचान मिल सके।
इलवाल गांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अमन अरोड़ा ने घरों के मालिकों को स्वामित्व दस्तावेज सौंपे। इन दस्तावेजों से लाभार्थियों को अपने मकानों पर मालिकाना हक से जुड़े मामलों में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे संपत्ति के स्वामित्व को लेकर बनी अनिश्चितता दूर करने और भविष्य में दस्तावेजी जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिल सकती है।
भगवंत मान सरकार की योजना का उद्देश्य
ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ ਤੇ ‘ਆਪ’ ਪੰਜਾਬ ਪ੍ਰਧਾਨ @AroraAmanSunam ਨੇ ਸੁਨਾਮ ਦੇ ਪਿੰਡ ਈਲਵਾਲ ਵਿਖੇ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ‘ਮੇਰਾ ਘਰ ਮੇਰੇ ਨਾਮ’ ਯੋਜਨਾ ਤਹਿਤ ਲਾਲ ਲਕੀਰ ਦੇ ਅੰਦਰ ਆਉਂਦੇ ਘਰਾਂ ਦੇ ਮਾਲਕਾਂ ਨੂੰ ਘਰਾਂ ਦੇ ਕਾਨੂੰਨੀ ਮਾਲਕੀ ਦੇ ਦਸਤਾਵੇਜ਼ ਵੰਡੇ ਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਮੁਬਾਰਕਾਂ ਦਿੱਤੀਆਂ। ਇਸ ਨਾਲ਼ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਜਾਇਦਾਦ ਦੀ ਮਾਲਕੀ ਸਬੰਧੀ ਕਈ ਸਾਲਾਂ ਤੋਂ ਚਲੀਆਂ ਆ ਰਹੀਆਂ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਦਾ ਹੱਲ ਹੋ ਜਾਵੇਗਾ। ਲਾਭਪਾਤਰੀਆਂ ਨੇ ਇਸ ਯੋਜਨਾ ਤਹਿਤ ਕੀਤੇ ਉਪਰਾਲੇ ਲਈ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਦਾ ਦਿਲੋਂ ਧੰਨਵਾਦ ਕੀਤਾ।
— AAP Punjab (@AAPPunjab) October 21, 2026
‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना पंजाब सरकार की उन पहलों में शामिल है, जिनका उद्देश्य लाल लकीर के भीतर रहने वाले पात्र लोगों को उनके घरों के स्वामित्व से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराना है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई परिवार लंबे समय से अपने मकानों में रह रहे हैं, लेकिन उनके पास स्वामित्व साबित करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की कमी हो सकती है।
ऐसे परिवारों को कानूनी दस्तावेज उपलब्ध कराने से संपत्ति संबंधी मामलों में स्पष्टता लाने और लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान में मदद मिल सकती है। हालांकि, दस्तावेज मिलने के बाद संपत्ति के हस्तांतरण, ऋण या अन्य कानूनी प्रक्रियाओं में उनकी उपयोगिता संबंधित नियमों और दस्तावेजों की शर्तों पर निर्भर करेगी।
लाभार्थियों ने जताया आभार
इलवाल गांव में योजना के तहत दस्तावेज प्राप्त करने वाले लाभार्थियों ने पंजाब सरकार के प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया। उनके लिए यह पहल घर के स्वामित्व से जुड़े पुराने मुद्दों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान अमन अरोड़ा ने लाभार्थियों को बधाई दी। योजना का लाभ मिलने से संबंधित परिवारों को अपने घरों के स्वामित्व के दस्तावेज हासिल करने में मदद मिली है।
संपत्ति के अधिकार से जुड़ी समस्याओं के समाधान पर जोर
लाल लकीर के भीतर रहने वाले परिवारों के लिए घर का स्वामित्व केवल रहने की जगह तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संपत्ति की कानूनी पहचान और भविष्य की जरूरतों से भी जुड़ा है। ऐसे में स्वामित्व दस्तावेज उपलब्ध कराने की पहल लोगों को अपने संपत्ति संबंधी रिकॉर्ड व्यवस्थित करने में सहायता दे सकती है।
सुनाम के इलवाल गांव में दस्तावेज वितरण कार्यक्रम के जरिए ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना के अंतर्गत लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने पर जोर दिया गया। पंजाब सरकार की इस पहल से पात्र परिवारों को अपने मकानों के स्वामित्व से जुड़े मामलों में राहत मिलने की उम्मीद है।