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तीसरे यूथ वनडे में श्रीलंका ने भारत को आखिरी गेंद पर 1 विकेट से हराकर सीरीज 2-1 से जीती। वीके विनीत के 131 रनों के बाद चमिका हीनातिगला ने खेली 84* रनों की मैच जिताऊ पारी।
भारतीय अंडर-19 टीम ने एक बहुत रोमांचक मोड़ पर श्रीलंका के खिलाफ खेले गए तीसरे और अंतिम युथ वनडे में हार मान ली। टीम इंडिया को भी भारत के महान बल्लेबाज वीके विनीत की 131 रनों की शानदार शतकीय पारी ने जीत नहीं दिला सकी। मैच की आखिरी गेंद पर श्रीलंका ने शुरुआती झटकों से उबरते हुए एक विकेट से रोमांचक जीत दर्ज की। श्रीलंका ने इस जीत के साथ तीन मैचों की युथ वनडे सीरीज को 2-1 से जीत कर ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया। भारत ने पहले मैच में चार विकेट से जीत हासिल की थी, लेकिन श्रीलंका ने दूसरे मैच में आठ विकेट से जीत हासिल की और तीसरे मैच में अंतिम गेंद पर पासा पलटकर सीरीज जीत ली। अब दोनों टीमों को 13 जुलाई से 16 जुलाई तक गाले में पहला राष्ट्रीय टेस्ट मैच खेलना होगा।
तेज और लक्ष्य पर बल्लेबाजी: भारत ने 290 रनों का विशाल स्कोर बनाया
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय युवा टीम की शुरुआत बहुत बुरी रही, लेकिन वीके विनीत ने मध्यक्रम में भारतीय पारी को संभाला और उसे मजबूत स्थिति में पहुंचाया। विनीत ने 136 गेंदों का सामना करते हुए 131 रनों की मैराथन पारी खेली, जिसमें उन्होंने 13 शानदार चौके और 3 बड़े छक्के जड़े। विनीत को दूसरे छोर से लक्ष्या रायचंदानी ने मदद की, जिन्होंने 63 गेंदों में 61 रनों की शानदार पारी खेली। तीसरे विकेट के लिए इन दोनों बल्लेबाजों ने 19.3 ओवरों में 108 रनों की महत्वपूर्ण शतकीय साझेदारी की। इन दोनों की बदौलत भारत ने निर्धारित 50 ओवरों में 8 विकेट के नुकसान पर 290 रन बनाए। श्रीलंका की गेंदबाजी में सबसे सफल रहे सेथमिका सेनेविरात्ने, जिन्होंने 10 ओवर में 41 रन देकर 4 विकेट चटकाए, जबकि गिमहान मेंडिस ने 2 विकेट चटकाए।
पहले झटके और सेनुजा वेकुनागोडा की प्रतिक्रिया
श्रीलंकाई टीम की शुरुआत बहुत बुरी रही जब वह 291 रनों के कड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी। भारत के गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी करते हुए श्रीलंका के तीन शीर्ष बल्लेबाजों को 52 रनों के स्कोर पर पवेलियन भेजा था। 12वें ओवर में श्रीलंकाई पारी संकट में घिरी, इसे संभालने का जिम्मा सेनुजा वेकुनागोडा ने उठाया। वेकुनागोडा ने भारतीय गेंदबाजों पर काउंटर-अटैक करते हुए 59 गेंदों में 67 रन बनाए। इस पारी में उन्होंने दस चौके और एक छक्का लगाए, जिससे श्रीलंका मैच में वापस आ गया। जब वेकुनागोडा खतरनाक लग रहे थे, भारतीय गेंदबाज शाविन विनोद ने 27वें ओवर में उन्हें आउट कर भारत को बड़ी राहत दी। मैच में शाविन विनोद ने 41 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए।
चमिका हीनातिगला का अद्भुत प्रदर्शन: आखिरी ओवर का रोमांच
वेकुनागोडा के बाहर निकलने के बाद भी श्रीलंका ने साहस नहीं खोया। नंबर छह पर बल्लेबाजी करने आए चमिका हीनातिगला ने एक छोर संभालकर मैच को अंतिम ओवर तक ले गए। श्रीलंका को आखिरी ओवर में जीत के लिए सिर्फ एक विकेट बचा था और उनके पास 11 रनों की कमी थी। भारत का आखिरी ओवर फेंकना मोहित उल्वा को सौंपा गया। क्रीज पर मौजूद हीनातिगला ने ओवर की दूसरी गेंद पर अविश्वसनीय चौका जड़ दिया। इसके बाद मैच पूरी तरह फंस गया, लेकिन हीनातिगला ने पांचवीं गेंद पर क्रीज से आगे बढ़कर एक विशाल छक्का जड़कर मैच श्रीलंका को जीता। उन्होंने आखिरी गेंद पर जीत के लिए एक रन की जरूरत को आसानी से पूरा किया। हीनातिगला ने 68 गेंदों में 84 रन बनाकर अपनी टीम को रोंगटे खड़े कर देने वाली जीत दिलाई।