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चोटों के कारण लंबे समय से क्रिकेट से दूर रहीं पूजा वस्त्राकर की वापसी की उम्मीद बढ़ी है। 2026 महिला प्रीमियर लीग के लिए RCB ने उन्हें टीम में शामिल किया है।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर पूजा वस्त्राकर लंबे समय तक टीम का अहम हिस्सा रही हैं। 2024 महिला टी20 विश्व कप तक वह भारतीय टीम में नियमित रूप से खेलती नजर आईं। अपनी तेज गेंदबाजी के साथ-साथ निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी करने की क्षमता के कारण पूजा को टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में गिना जाता रहा है। हालांकि इसके बाद उनके करियर का एक दौर चोटों से प्रभावित रहा, जिसके चलते उन्हें लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहना पड़ा।
2025 की शुरुआत में चोटों ने बढ़ाई परेशानी
साल 2025 की शुरुआत पूजा वस्त्राकर के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। उन्हें लगातार चोटों की समस्या से जूझना पड़ा और इस सिलसिले में पहली बड़ी चोट कंधे की थी। इस चोट के कारण वह महिला प्रीमियर लीग से बाहर हो गई थीं। इसके अलावा अप्रैल में श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज के लिए भी वह उपलब्ध नहीं हो सकीं।
किसी भी खिलाड़ी के लिए लगातार चोटों के बीच मैदान से बाहर रहना चुनौतीपूर्ण होता है। खासकर पूजा जैसी खिलाड़ी के लिए, जिनकी टीम में भूमिका गेंद और बल्ले दोनों से महत्वपूर्ण रही है। चोट के कारण उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की लय प्रभावित हुई और उन्हें फिटनेस हासिल करने के लिए लंबी पुनर्वास प्रक्रिया से गुजरना पड़ा।
नवंबर 2025 में शुरू हुआ पुनर्वास
चोट से उबरने की दिशा में पूजा वस्त्राकर ने नवंबर 2025 में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में अपना पुनर्वास शुरू किया। बेंगलुरु स्थित अकादमी में उन्होंने अपनी फिटनेस और वापसी पर काम किया। लंबे समय तक चोट के बाद क्रिकेट में लौटने के लिए केवल शारीरिक रूप से फिट होना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि खिलाड़ी को गेंदबाजी, बल्लेबाजी और मैच परिस्थितियों के लिए भी दोबारा तैयार होना पड़ता है।
पूजा के लिए भी यह दौर धैर्य और मेहनत से भरा रहा। उनका लक्ष्य पूरी तरह फिट होकर प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी करना था, ताकि वह एक बार फिर घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट के जरिए अपने प्रदर्शन की लय हासिल कर सकें।
विश्व कप जीत के बाद RCB ने जताया भरोसा
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक महिला विश्व कप जीत के कुछ सप्ताह बाद पूजा वस्त्राकर को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने उन्हें 2026 महिला प्रीमियर लीग के लिए अपनी टीम में शामिल किया। यह फैसला पूजा के लिए खास महत्व रखता है, क्योंकि चोटों के कारण लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहने के बाद किसी फ्रेंचाइजी का उन पर भरोसा जताना उनके लिए सकारात्मक संकेत है।
आरसीबी के साथ जुड़ने से पूजा को प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी का एक महत्वपूर्ण मंच मिल सकता है। महिला प्रीमियर लीग पिछले कुछ वर्षों में भारतीय महिला क्रिकेटरों के लिए अपनी फिटनेस, फॉर्म और कौशल साबित करने का बड़ा मंच बन चुकी है। ऐसे में पूजा के लिए 2026 का सत्र अपनी पुरानी लय वापस पाने का अवसर हो सकता है।
ऑलराउंड क्षमता बनाती है उन्हें खास
पूजा वस्त्राकर की सबसे बड़ी ताकत उनकी ऑलराउंड क्षमता है। वह तेज गेंदबाजी के साथ निचले क्रम में तेजी से रन बनाने में भी सक्षम हैं। भारतीय टीम में उनकी मौजूदगी से गेंदबाजी आक्रमण को अतिरिक्त विकल्प मिलता है और बल्लेबाजी क्रम में भी गहराई आती है।
यही वजह है कि चोटों के बावजूद उनकी वापसी को भारतीय महिला क्रिकेट के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा सकता है। अगर वह पूरी तरह फिट होकर मैदान पर उतरती हैं और अपनी पुरानी लय हासिल करती हैं, तो उनके पास टीम में दोबारा मजबूत दावेदारी पेश करने का मौका होगा।
चोट के बाद वापसी की राह आसान नहीं
किसी खिलाड़ी के लिए चोट के बाद वापसी हमेशा आसान नहीं होती। लंबे ब्रेक के बाद मैच की गति, गेंदबाजी की लय और शरीर को उच्च स्तर के प्रतिस्पर्धी क्रिकेट के लिए तैयार करना चुनौतीपूर्ण होता है। पूजा ने नवंबर 2025 से अपने पुनर्वास पर काम करके इस चुनौती का सामना करने की दिशा में कदम बढ़ाया।
अब 2026 महिला प्रीमियर लीग उनके लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकती है। आरसीबी की टीम में चयन से उन्हें खुद को साबित करने और प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में अपनी वापसी को मजबूत करने का मौका मिलेगा।
भारतीय क्रिकेट के लिए भी अच्छी खबर
पूजा वस्त्राकर की वापसी की खबर केवल उनकी फ्रेंचाइजी के लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के लिए भी उत्साहजनक है। वह पिछले वर्षों में भारतीय टीम के लिए उपयोगी तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं। अगर चोटों से पूरी तरह उबरने के बाद वह मैदान पर अपनी फिटनेस और फॉर्म हासिल कर लेती हैं, तो आने वाले समय में भारतीय टीम को उनका अनुभव और ऑलराउंड क्षमता दोनों मिल सकते हैं।
2026 WPL में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ उनका जुड़ना उनके करियर में एक नए अध्याय की शुरुआत हो सकता है। लंबे चोटिल दौर के बाद अब नजर इस बात पर होगी कि पूजा मैदान पर वापसी के बाद किस तरह प्रदर्शन करती हैं और क्या वह एक बार फिर भारतीय महिला टीम में अपनी जगह मजबूत कर पाती हैं।