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नासिर हुसैन ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट में साइम अयूब को अचानक मौका देने पर PCB के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने वीरेंद्र सहवाग के 2011 के इंग्लैंड दौरे का उदाहरण दिया।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में खराब प्रदर्शन के बाद टीम से सात खिलाड़ियों को बाहर कर दिया। तीसरे टेस्ट के लिए बोर्ड ने पांच अनकैप्ड खिलाड़ियों को टीम में रखा, जबकि साइम अयूब और अब्दुल्ला फैजल वापस आ गए। PCB का यह निर्णय हालांकि विवादों में घिर गया। पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम ने भी कहा कि टीम में बदलावों को लेकर उनकी सलाह नहीं ली गई थी। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने अब साइम अयूब को टीम में शामिल करने के फैसले पर सवाल उठाया है।
तीसरे टेस्ट में भी पाकिस्तान ने बुरा प्रदर्शन किया
पाकिस्तान पहले ही अपने पहले दो टेस्ट मैच गंवा चुका था। नतीजतन, तीसरा टेस्ट उसके लिए सीरीज बचाने में असफल रहा, लेकिन टीम से कम से कम अंतिम मैच में उसका बेहतर प्रदर्शन होना चाहिए था। पाकिस्तान की बल्लेबाजी एक बार फिर खराब हो गई।
तीसरे टेस्ट की पहली पारी में पूरी पाकिस्तानी टीम 133 रन पर ऑलआउट हो गई। टीम ने 34 ओवर भी नहीं खेले थे कि अधिकांश बल्लेबाज पवेलियन लौट गए थे। इस प्रदर्शन ने टीम चयन और अचानक बदलावों पर प्रश्न उठाए।
CPL से सीधे साइम अयूब को बुलाने पर प्रश्न
तीसरे टेस्ट से पहले साइम अयूब कैरेबियन प्रीमियर लीग (CPL) में खेलते थे। वहां से सीधे इंग्लैंड भेजा गया और टेस्ट टीम में शामिल हो गए। नासिर हुसैन ने PCB का यह निर्णय पूरी तरह से गलत समझा।
इस्लाम हुसैन ने स्काई स्पोर्ट्स से बातचीत करते हुए कहा कि साइम अयूब को इस समय टीम में नहीं होना चाहिए था क्योंकि उन्होंने लंबे समय से पहली श्रेणी क्रिकेट नहीं खेला है। अक्टूबर 2025 में अयूब का अंतिम प्रथम श्रेणी मुकाबला हुआ था। यही कारण था कि वे सीधे एक अलग प्रारूप से टेस्ट क्रिकेट की कठिन परिस्थितियों में उतर गए।
हुसैन ने सवाल उठाया कि किसी खिलाड़ी को विदेश से सीधे इंग्लैंड आकर ड्यूक्स गेंद और तेज गेंदबाजी आक्रमण का सामना करना कितना उचित है?
‘टेस्ट क्रिकेट में अनादर’
नासिर हुसैन ने PCB के निर्णय पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि इस तरह खिलाड़ी को सीधे कठिन परिस्थितियों में उतारना टेस्ट क्रिकेट के प्रति अनादर है। उन्हें लगता है कि टेस्ट क्रिकेट क्रिकेट का सबसे कठिन संस्करण है, विशेष रूप से इंग्लैंड में शीर्ष क्रम पर बल्लेबाजी करना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता।
हुसैन ने कहा कि सही रणनीति नहीं हो सकती कि किसी खिलाड़ी को किसी दूसरे देश से अचानक बुलाकर कहना कि अब जाकर टेस्ट मैच खेलो। उनका कहना है कि टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट का अनुभव रखना और परिस्थितियों को अपनाना बेहद महत्वपूर्ण है।
दोनों पारियों में साइम अयूब ने कोई रन नहीं बनाया।
तीसरे टेस्ट में साइम अयूब के प्रदर्शन के बाद नासिर हुसैन की चिंता बढ़ी। पाकिस्तान के लिए खेलने उतरे अयूब ने दोनों पारियों में एक भी गोल नहीं बनाया। इसलिए उनका अचानक टेस्ट टीम में शामिल होना प्रश्नवाचक था।
हां, हुसैन का कहना है कि अयूब को टेस्ट मैच में उतारने से पहले प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलकर खुद को तैयार करने का अवसर मिलना चाहिए था, जो किसी खिलाड़ी की क्षमता का अंतिम आकलन करना उचित नहीं होगा।
वीरेंद्र सहवाग का उदाहरण देकर स्पष्टीकरण दिया
नासिर हुसैन ने अपनी बात को समझाने के लिए वीरेंद्र सहवाग (भारतीय दिग्गज बल्लेबाज) का भी उदाहरण दिया। 2011 में भारत के इंग्लैंड दौरे को वे याद करते हैं। सहवाग को उस दौरे के दौरान टेस्ट सीरीज के बीच में इंग्लैंड भेजा गया था।
सहवाग ने तीसरे टेस्ट में एडबेस्टन में दोनों पारियों में अपना खाता नहीं खोल सका। हुसैन ने कहा कि सहवाग कहीं अधिक अनुभवी और बड़े खिलाड़ी थे, लेकिन अचानक इंग्लैंड में उतरना उनके लिए आसान नहीं था।
उनका कहना था कि साइम अयूब से तुरंत सफलता की उम्मीद करना उचित नहीं है जब वीरेंद्र सहवाग जैसे अनुभवी खिलाड़ी को भी मुश्किल हुई थी।
PCB के निर्णयों पर अधिक दबाव
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के फैसलों पर दबाव बढ़ा है क्योंकि टीम में लगातार बदलाव और खराब प्रदर्शन हुआ है। सात खिलाड़ियों को बाहर करने और अचानक कुछ नए खिलाड़ियों को मौका देने से टीम की स्थिरता पर प्रश्न उठता है।
बाबर आजम ने कहा कि सीरीज पहले से ही हाथ से निकल चुकी है और टीम को अब कुछ खोने के लिए नहीं है। खिलाड़ियों से इस तरह खुलकर खेलने की उम्मीद की जाती थी। लेकिन प्रारंभिक प्रदर्शन ने पाकिस्तान की समस्याओं को कम करने के बजाय और अधिक गंभीर बना दिया।
नासिर हुसैन ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में सफलता के लिए प्रतिभा के अलावा प्रारूप की तैयारी और परिस्थितियों का अनुभव भी चाहिए। पाकिस्तान को अब सही तरीके से अपने खिलाड़ियों को तैयार करना होगा और घरेलू क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट की तैयारी का मजबूत आधार बनाना होगा।