Table of Contents
इंग्लैंड के खिलाफ निराशाजनक प्रदर्शन के बाद मोहम्मद कैफ ने 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का बचाव किया है। कैफ ने कहा कि जिम्बाब्वे दौरे से पहले वैभव थोड़े नर्वस हो सकते हैं, लेकिन एक 50-60 रन की पारी उन्हें फिर से चमका देगी।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ (Mohammad Kaif) का मानना है कि 15 वर्षीय युवा बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) को इंग्लैंड के खिलाफ टी20आई सीरीज में मौके तो मिले, लेकिन वे उन्हें बड़ी पारियों में नहीं बदल सके। कैफ के अनुसार, हालिया निराशाजनक प्रदर्शन के बाद आगामी जिम्बाब्वे दौरे (Zimbabwe T20Is) से पहले युवा बल्लेबाज के मन में थोड़ा दबाव और घबराहट होना स्वाभाविक है।
राजस्थान रॉयल्स के लिए आईपीएल 2026 (IPL 2026) में शानदार प्रदर्शन करते हुए सबसे कम उम्र में ‘ऑरेंज कैप’ जीतने के बाद वैभव को सीधे भारतीय सीनियर टी20 टीम में शामिल किया गया था। आयरलैंड के खिलाफ 0-2 की सीरीज हार के दौरान बाहर रहने के बाद, उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ अंतिम तीन टी20 मैचों के लिए संजू सैमसन की जगह प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया था। हालांकि, इंग्लैंड दौरा उनके लिए निराशाजनक रहा, जहां वे 3 पारियों में केवल 42 रन (औसत 14) ही बना सके और साउथेम्प्टन में खेले गए सीरीज के आखिरी मैच से उन्हें ड्रॉप कर दिया गया।
‘एक 50-60 रन की पारी से चमक उठेंगे वैभव’ — मोहम्मद कैफ’
क्रिकबज (Cricbuzz) से बातचीत के दौरान मोहम्मद कैफ ने वैभव सूर्यवंशी की क्षमता पर पूरा भरोसा जताया, लेकिन साथ ही उनके मानसिक स्थिति और आगामी चुनौतियों पर भी बात की।
कैफ ने कहा:
“वैभव सूर्यवंशी को मौका मिला, लेकिन उनके बल्ले से कोई बड़ा स्कोर नहीं निकला। वह खुद भी टीम के लिए बड़ा योगदान देना चाहते होंगे, क्योंकि वे एक बेहतरीन और क्लास बल्लेबाज हैं। 15 साल की उम्र में आईपीएल जैसी लीग में ऑरेंज कैप जीतना अपने आप में बहुत बड़ी बात है।”
कैफ ने आगे कहा:
“अभी के माहौल को देखते हुए, वे थोड़े नर्वस हो सकते हैं। लेकिन अगर उनके बल्ले से एक बार 50-60 रनों की अच्छी पारी निकल आती है, तो वे फिर से चमक उठेंगे। उनके टैलेंट पर किसी को भी रत्ती भर शक नहीं है।”
शॉर्ट बॉल और जोफ्रा आर्चर की चुनौती
इंग्लैंड के खिलाफ अपनी पदार्पण सीरीज में वैभव ने कुछ मौकों पर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी की झलक जरूर दिखाई, लेकिन वे अच्छी शुरुआत को बड़ी पारियों में बदलने में नाकाम रहे। इस दौरान इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर (Jofra Archer) की शॉर्ट बॉल (Short Ball) उनके लिए एक बड़ी कमजोरी बनकर सामने आई, जिसका फायदा विरोधी गेंदबाजों ने जमकर उठाया।
जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की आगामी टी20 सीरीज में भी विरोधी टीम के तेज गेंदबाज उनकी इस कमजोरी को निशाना बनाने की पूरी कोशिश करेंगे। हालांकि, जिम्बाब्वे का हरारे स्पोर्ट्स क्लब मैदान वैभव के लिए नया नहीं है। इसी साल की शुरुआत में खेले गए अंडर-19 विश्व कप (U19 World Cup) के नॉकआउट मुकाबलों में वैभव ने इसी मैदान पर लगातार दो शतक जड़े थे। ऐसे में पुराने और जाने-पहचाने माहौल में वापसी करने से उनके आत्मविश्वास को बल मिल सकता है।
वीवीएस लक्ष्मण का मार्गदर्शन और टीम का माहौल
जिम्बाब्वे दौरे पर भारतीय टीम के नियमित मुख्य कोच गौतम गंभीर की अनुपस्थिति में पूर्व दिग्गज वीवीएस लक्ष्मण (VVS Laxman) अंतरिम मुख्य कोच (Stop-Gap Head Coach) की भूमिका निभा रहे हैं। गंभीर के आक्रामक और सख्त स्वभाव के विपरीत लक्ष्मण शांत और सौम्य स्वभाव के लिए जाने जाते हैं।
युवा और दबाव महसूस कर रहे वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी के लिए ड्रेसिंग रूम में लक्ष्मण की मौजूदगी काफी मददगार साबित हो सकती है। लक्ष्मण का शांत मार्गदर्शन वैभव को मानसिक दबाव से उबारने और अपने स्वाभाविक खेल पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करेगा।
जिम्बाब्वे में खुद को साबित करने का बड़ा मौका
इंग्लैंड के खिलाफ असफलताओं के बावजूद चयनकर्ताओं ने वैभव पर भरोसा कायम रखते हुए उन्हें जिम्बाब्वे दौरे की टीम में बनाए रखा है। हालांकि, भारतीय टीम में जगह पक्की करने के लिए उन पर प्रदर्शन करने का भारी दबाव रहेगा। जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज जीत भारत के लिए अपेक्षित परिणाम होगी, लेकिन व्यक्तिगत तौर पर 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के लिए यह सीरीज अपने आलोचकों को जवाब देने और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी उपयोगिता साबित करने का सबसे शानदार अवसर है।