चोटों से उबरने के बाद मयंक यादव ने जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे T20I में शानदार वापसी की। 18 रन देकर 2 विकेट चटकाते हुए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बने।
भारतीय तेज गेंदबाजी के सबसे सनसनीखेज सितारों में से एक मयंक यादव (Mayank Yadav) ने एक बार फिर अपनी रफ्तार और धारदार गेंदबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान आकर्षित किया है। गुरुवार को हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में 24 वर्षीय इस युवा तेज गेंदबाज ने प्लेयर ऑफ द मैच (Player of the Match) प्रदर्शन करते हुए अपनी अंतरराष्ट्रीय वापसी का शानदार शंखनाद किया। अपने 4 ओवर के स्पेल में मयंक ने महज 18 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। इस दमदार प्रदर्शन ने उन सभी आशंकाओं को खारिज कर दिया है कि चोटों के लंबे सिलसिले के बाद उनकी गेंदबाजी की गति और तीव्रता (Intensity) पर असर पड़ा है।
IPL 2024 में ‘सुपरसोनिक’ एंट्री: 150kmph की रफ्तार से हिलाया था विश्व क्रिकेट
मयंक यादव ने पहली बार आईपीएल 2024 में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) की ओर से पदार्पण करते हुए सनसनी फैला दी थी। उन्होंने अपने शुरुआती दोनों मुकाबलों में लगातार दो बार ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का पुरस्कार जीतकर इतिहास रचा था।
- तूफानी गति: मयंक ने 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से भी तेज ‘थंडरबॉल्ट’ गेंदे फेंककर ग्लेन मैक्सवेल और कैमरन ग्रीन जैसे विश्व स्तरीय बल्लेबाजों को अपनी बाउंसरों और यॉर्कर पर आउट किया था।
- अद्भुत नियंत्रण: केवल रफ्तार ही नहीं, बल्कि उनकी लाइन और लेंथ पर नियंत्रण ने पूर्व क्रिकेटरों और दिग्गजों को चकित कर दिया था, जिसके बाद उन्हें भारतीय गेंदबाजी का भावी सितारा माना जाने लगा था।
- दो सालों का दर्दनाक संघर्ष: चोटों के कारण तीन सीजन में खेल सके केवल 10 मैच
मयंक की यह शुरुआत जितनी धमाकेदार थी, उनका सफर चोटों के कारण उतना ही उतार-चढ़ाव भरा रहा। डेब्यू के तुरंत बाद लगी चोट उनके आने वाले कठिन समय का संकेत साबित हुई।
चोटों के कारण मयंक को लंबे समय तक नेशनल क्रिकेट अकादमी (NCA) में पुनर्वास (Rehabilitation) से गुजरना पड़ा। उनके लिए मैदान से दूर रहना मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन उन्होंने अपनी फिटनेस पर काम करना जारी रखा।
हरारे T20I में मयंक का जलवा: रफ्तार और फॉर्म की वापसी के दिए मजबूत संकेत
जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे टी20 मैच में मयंक यादव की वापसी भारतीय टीम प्रबंधन और प्रशंसकों के लिए राहत की बड़ी खबर लेकर आई।
- किफायती गेंदबाजी: मयंक ने 4.50 की बेहद किफायती इकोनॉमी रेट से 18 रन देकर 2 विकेट चटकाए।
- निरंतर गति: उन्होंने पूरे स्पेल के दौरान अपनी पुरानी आक्रामकता और 150 किमी/घंटे के आसपास की गति को बनाए रखा, जिससे बल्लेबाजों को हाथ खोलने का जरा भी मौका नहीं मिला।
- मैच विनिंग स्पेल: इस स्पेल ने जिम्बाब्वे के मध्यक्रम की कमर तोड़ दी और भारत की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई, जिसके लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।
मयंक यादव की यह वापसी केवल एक मैच का शानदार प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह उनके कड़े परिश्रम और कभी न हार मानने वाले जज्बे का प्रतीक है। यदि मयंक अपनी फिटनेस और गति को इसी तरह बनाए रखने में सफल रहते हैं, तो वे आने वाले समय में भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण का सबसे मुख्य और घातक हथियार साबित होंगे। क्रिकेट प्रशंसक अब आगामी दौरों में भी इस युवा एक्सप्रेस स्पीडस्टर की घातक गेंदबाजी देखने के लिए बेताब हैं।