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फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में जूड बेलिंघम ने एज़्टेका स्टेडियम में इतिहास रच दिया। मैक्सिको के खिलाफ 96 सेकंड में 2 गोल दागकर उन्होंने माराडोना के रिकॉर्ड की बराबरी की और मैच जिताऊ टैकल किया।
फीफा विश्व कप 2026 (FIFA World Cup 2026) अब अपने सबसे रोमांचक और अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है, जहां नॉकआउट (Round of 16) के मुकाबले शुरू हो चुके हैं। हर दिन मैदान पर कई ऐतिहासिक कहानियां लिखी जा रही हैं, लेकिन ईएसपीएन इंडिया (ESPN India) ने इस नॉकआउट स्टेज का वह जादुई पल चुना है जिसने पूरे दिन की खेल भावना और रोमांच को अकेले परिभाषित कर दिया। मैक्सिको के ऐतिहासिक और अजेय माने जाने वाले एज़्टेका स्टेडियम (Azteca Stadium) में इंग्लैंड और मैक्सिको के बीच खेले गए इस रोंगटे खड़े कर देने वाले मुकाबले के हीरो रहे इंग्लैंड के युवा सनसनी जूड बेलिंघम (Jude Bellingham)। बेलिंघम ने न केवल अपनी जादुई बल्लेबाजी… माफ कीजिएगा, फुटबॉल स्किल से माराडोना के एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड की बराबरी की, बल्कि आखिरी सेकंड में एक ऐसा चमत्कारी गोल-बचाव (Goal-line clearance) किया जिसने इंग्लैंड को विश्व कप से बाहर होने से बचा लिया।
एज़्टेका का खौफनाक माहौल और मैक्सिको की वापसी
मैक्सिको का एज़्टेका स्टेडियम फुटबॉल की दुनिया में किसी रहस्यमयी और अजेय किले से कम नहीं माना जाता। इस मैदान पर मैक्सिको ने अपने पूरे इतिहास में कभी कोई विश्व कप मैच नहीं हारा था (10 मैचों में अजेय) और 88 प्रतिस्पर्धी अंतरराष्ट्रीय मैचों में उन्हें यहां केवल दो बार हार का सामना करना पड़ा था। 80,000 से अधिक दर्शकों के शोर और भारी दबाव के बीच इंग्लैंड ने मैच में शानदार शुरुआत करते हुए 2-0 की बढ़त बना ली थी। लेकिन मैक्सिको ने जोरदार वापसी की और स्कोर को 1-2 कर दिया। पहले हाफ के इंजरी टाइम (45’+4′) में मैक्सिको को एक कॉर्नर मिला। जैसे ही राउल जिमेनेज ने कॉर्नर को फ्लिक किया, गेंद सीधे अनमार्क खड़े मैक्सिकन कप्तान सेसर मोंटेस के पास पहुंची। वह गोल पोस्ट से महज तीन गज की दूरी पर थे और पूरा स्टेडियम ‘गोल…’ चिल्लाने ही वाला था कि तभी मैदान पर एक चमत्कार हुआ।
जूड बेलिंघम का वो जादुई डिफेंसिव टैकल, जिसने मैच पलट दिया
जब जिमेनेज ने गेंद को फ्लिक किया था, तब जूड बेलिंघम मोंटेस से काफी दूर थे। इंग्लैंड का कोई भी दूसरा डिफेंडर खतरे को भांप नहीं पाया था, लेकिन बेलिंघम ने पलक झपकते ही गेंद की दिशा को पढ़ा। उन्होंने तीन बेहद लंबी और तेज दौड़ लगाई और मोंटेस के शॉट लेने से ठीक एक मिलीसेकंड पहले अपना लंबा पैर अड़ाकर गेंद को गोल लाइन से बाहर क्लियर कर दिया।
यह टैकल इतना सटीक और जोखिम भरा था कि अगर बेलिंघम की टाइमिंग एक सेंटीमीटर भी इधर-उधर होती, तो यह या तो पेनल्टी (और रेड कार्ड) होता या फिर स्कोर 2-2 से बराबर हो जाता। थकी हुई इंग्लैंड की टीम के लिए एज़्टेका के इस माहौल में 2-2 की बराबरी से उबरना नामुमकिन था। लेकिन बेलिंघम की इस बुद्धिमत्ता और रफ्तार ने इंग्लैंड की बढ़त को बरकरार रखा।
डिएगो माराडोना के ऐतिहासिक रिकॉर्ड की बराबरी
इस अद्भुत डिफेंसिव खेल को दिखाने से कुछ मिनट पहले ही जूड बेलिंघम ने आक्रामक फुटबॉल का वो नजारा पेश किया था जिसे देखकर महान डिएगो माराडोना (Diego Maradona) की याद ताजा हो गई। बेलिंघम ने मैच में महज 96 सेकंड के भीतर दो शानदार गोल दागकर इंग्लैंड को 2-0 की शुरुआती बढ़त दिलाई थी।
इस ब्रेस (एक मैच में दो गोल) के साथ ही जूड बेलिंघम एज़्टेका स्टेडियम में किसी विश्व कप मैच में दो गोल करने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए हैं, जब से महान डिएगो अरमांडो माराडोना ने इस मैदान पर यह कारनामा किया था। बेलिंघम ने पूरे मैच के दौरान मैक्सिकन मिडफील्ड को छकाते हुए अपनी ड्रिबलिंग और कौशल से उसी निर्भीकता और चमक का प्रदर्शन किया, जिसे देखकर खुद माराडोना भी गर्व करते।
दबाव में निखरने वाला असली चैंपियन
एज़्टेका स्टेडियम की ऊंचाई (High Altitude), ऑक्सीजन की कमी और 80 हजार विरोधी प्रशंसकों की डरावनी गूंज के बीच जहां बड़े-बड़े खिलाड़ियों के पैर डगमगा जाते हैं, वहां जूड बेलिंघम ने खुद को दुनिया का सबसे बेहतरीन मिडफील्डर साबित किया। वह मैदान पर हर जगह मौजूद थे—खतरे को टाल रहे थे, अटैक का नेतृत्व कर रहे थे और टीम का हौसला बढ़ा रहे थे। 23 साल से भी कम उम्र में इस तरह के महामुकाबले में ऐसा ऑलराउंड प्रदर्शन करना यह दिखाता है कि बेलिंघम का नाम फुटबॉल के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों की सूची में क्यों शामिल होने जा रहा है। ईएसपीएन के मुताबिक, उनका यह अविश्वसनीय टैकल इस फीफा विश्व कप के सबसे जादुई और निर्णायक पलों में हमेशा याद रखा जाएगा।