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पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने ग्रामीण खेल बुनियादी ढांचे को लेकर मान सरकार की योजना साझा की। हर गांव में आधुनिक खेल मैदान और जिम बनाए जा रहे हैं।
पंजाब को एक बार फिर खेलों की महाशक्ति और देश का गौरव बनाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने ग्रामीण स्तर पर एक अभूतपूर्व खेल क्रांति का आगाज कर दिया है। राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सरकार की इस दूरदर्शी योजना की सराहना करते हुए कहा कि वैश्विक मंच पर देश का नाम रोशन करने और नए कीर्तिमान स्थापित करने का सफर पंजाब के गांवों (पिंडों) की मिट्टी से ही शुरू हो चुका है। सरकार का मुख्य लक्ष्य हर गांव के बच्चे को अंतरराष्ट्रीय स्तर का खेल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करना है।
“मेडल जीतने का सपना अब गांवों में होगा सच”
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने स्पष्ट किया कि अतीत में पर्याप्त संसाधनों और अच्छे मैदानों की कमी के कारण ग्रामीण अंचलों की छिपी हुई खेल प्रतिभाएं दम तोड़ देती थीं। मान सरकार ने इसी कमी को दूर करने के लिए विशेष बजटीय प्रावधान किए हैं:
खेलों के लिए रिकॉर्ड बजट: पंजाब सरकार ने खेल बजट को ऐतिहासिक रूप से बढ़ाते हुए ₹1,763 करोड़ से अधिक का आवंटन किया है। इसके तहत राज्य के करीब 13,000 गांवों में आधुनिक खेल मैदान विकसित करने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है, ताकि हर बच्चे को अपनी क्षमता निखारने के लिए घर के पास ही सबसे बेहतर माहौल मिल सके।
‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान को खेल मैदानों से मिल रही मजबूती
ਖੇਡਾਂ ਵਿੱਚ ਵਿਸ਼ਵ ਪੱਧਰ ‘ਤੇ ਨਵੀਆਂ ਉੱਚਾਈਆਂ ਹਾਸਿਲ ਕਰਨ ਦਾ ਸਫ਼ਰ ਪਿੰਡਾਂ ਤੋਂ ਹੀ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਚੁੱਕਾ ਹੈ। ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਵੱਲੋਂ ਇਸੇ ਸੋਚ ਨਾਲ ਹਰ ਪਿੰਡ ਵਿੱਚ ਆਧੁਨਿਕ ਖੇਡ ਮੈਦਾਨ ਤਿਆਰ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ, ਤਾਂ ਜੋ ਹਰ ਬੱਚੇ ਨੂੰ ਆਪਣੀ ਕਾਬਲੀਅਤ ਨਿਖ਼ਾਰਨ ਲਈ ਬਿਹਤਰ ਮਾਹੌਲ ਮਿਲੇ। ਅੱਜ ਇਨ੍ਹਾਂ ਮੈਦਾਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਸੀਨਾ ਵਹਾਉਣ ਵਾਲੇ… pic.twitter.com/R6bzAIoqsY
— Adv Harpal Singh Cheema (@HarpalCheemaMLA) July 6, 2026
हरपाल सिंह चीमा ने अमृतसर के लोपोके गांव और संगरूर के दिड़बा निर्वाचन क्षेत्र में आधुनिक खेल मैदानों के उद्घाटन के दौरान कहा कि ये केवल खेल के मैदान नहीं हैं, बल्कि पंजाब की भावी पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार का ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ (Yudh Nashean Virudh) अभियान तभी पूरी तरह सफल होगा जब युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में मोड़ा जाएगा।
जब गांव का युवा सुबह और शाम इन मैदानों में पसीना बहाएगा, तो वह बुरी आदतों से कोसों दूर रहेगा। इन अत्याधुनिक मैदानों में अभ्यास करने वाले युवा आने वाले समय में न केवल राष्ट्रीय बल्कि ओलंपिक और एशियाई खेलों जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के लिए गोल्ड मेडल (Gold Medals) जीतेंगे।
अंतरराष्ट्रीय स्तर की कोचिंग और बुनियादी सुविधाएं
इस खेल क्रांति को धरातल पर उतारने के लिए पंजाब सरकार सिर्फ मैदान ही नहीं बना रही, बल्कि वहां ओपन जिम (Village Gyms) और उन्नत खेल उपकरण भी स्थापित कर रही है। पहले चरण में 3,100 से अधिक ग्रामीण खेल मैदानों का काम तेजी से पूरा किया जा रहा है, जिनमें से कई जनता को समर्पित किए जा चुके हैं। इसके साथ ही, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश के लिए मेडल जीत चुके खिलाड़ियों को कोचिंग और मेंटरशिप के काम में जोड़ा जा रहा है ताकि ग्रामीण युवाओं को पेशेवर मार्गदर्शन मिल सके।
हरपाल सिंह चीमा ने भरोसा जताया कि मान सरकार का यह ठोस कदम पंजाब के खोए हुए गौरव को वापस लाएगा और राज्य का युवा पूरी दुनिया में भारत की शान बढ़ाएगा।