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CM नायब सिंह सैनी ने शोधकर्ताओं से जमीनी समस्याओं के समाधान पर केंद्रित रिसर्च करने की अपील की। जल प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन और कृषि पर शोध को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उच्च शिक्षा संस्थानों से जुड़े शोधकर्ताओं के साथ संवाद करते हुए राज्य में शोध और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने शोधकर्ताओं से ऐसी रिसर्च को प्राथमिकता देने का आह्वान किया, जिसका सीधा संबंध जमीनी स्तर की समस्याओं से हो और जिसके जरिए आम लोगों के सामने आने वाली चुनौतियों का व्यावहारिक समाधान खोजा जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं का ज्ञान और शोध क्षमता हरियाणा को शोध, नवाचार और ज्ञान आधारित विकास का अग्रणी केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने शोधकर्ताओं से समाज और प्रदेश की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अपने शोध विषयों का चयन करने की अपील की।
जमीनी समस्याओं पर हो शोध
नायब सिंह सैनी ने कहा कि शोध केवल अकादमिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका लाभ समाज तक पहुंचना भी जरूरी है। उन्होंने शोधकर्ताओं से स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान के लिए नई तकनीक, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार का इस्तेमाल करने को कहा।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, युवाओं के पास ज्ञान, प्रतिभा और नई सोच की ताकत है। यदि इन क्षमताओं को प्रदेश की जरूरतों से जोड़ा जाए तो हरियाणा में ज्ञान आधारित विकास को नई गति दी जा सकती है।
जल प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन पर फोकस
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने उच्चतर शिक्षण संस्थानों के शोधकर्ताओं के साथ संवाद करते हुए जमीनी समस्याओं के समाधान पर केंद्रित अनुसंधान को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
“युवाओं के ज्ञान और शोध से हरियाणा को अनुसंधान, नवाचार और ज्ञान आधारित विकास का अग्रणी केंद्र बनाने में मदद… pic.twitter.com/pLsdWijEoZ
— DPR Haryana (@DiprHaryana) September 11, 2026
मुख्यमंत्री ने शोधकर्ताओं को जल प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष ध्यान देने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि बदलते पर्यावरण और जल संसाधनों से जुड़ी चुनौतियां भविष्य के लिए गंभीर विषय हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों में वैज्ञानिक और व्यावहारिक शोध की आवश्यकता है।
जल संरक्षण, पानी के बेहतर उपयोग और उपलब्ध जल संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन से जुड़े शोध प्रदेश के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। मुख्यमंत्री ने शोधकर्ताओं से ऐसे समाधान विकसित करने पर जोर दिया, जिन्हें जमीनी स्तर पर लागू किया जा सके।
कृषि क्षेत्र में नवाचार की जरूरत
नायब सिंह सैनी ने कृषि को भी शोध का महत्वपूर्ण क्षेत्र बताते हुए इस दिशा में नए प्रयोग और तकनीकी समाधान विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि किसानों से जुड़ी समस्याओं का समाधान खोजने में शोध और नवाचार की बड़ी भूमिका हो सकती है।
कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप समाधान विकसित करने से किसानों को लाभ पहुंचाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने शोधकर्ताओं से प्रदेश की कृषि संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए उपयोगी रिसर्च करने का आह्वान किया।
हरियाणा को रिसर्च और इनोवेशन का केंद्र बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के ज्ञान और शोध क्षमता का बेहतर इस्तेमाल करके हरियाणा को रिसर्च, इनोवेशन और ज्ञान आधारित विकास का प्रमुख केंद्र बनाया जा सकता है। इसके लिए उच्च शिक्षा संस्थानों, शोधकर्ताओं और सरकार के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
उन्होंने शोधकर्ताओं के साथ संवाद के दौरान उनके विचारों और सुझावों को भी महत्व दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी के शोधकर्ता अपनी प्रतिभा और नवाचार के जरिए प्रदेश की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
नायब सिंह सैनी ने शोधकर्ताओं से अपील की कि वे ऐसे विषयों पर काम करें, जिनका प्रभाव समाज और आम लोगों के जीवन पर दिखाई दे। जल प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन और कृषि जैसे क्षेत्रों में समाधान आधारित शोध को बढ़ावा देकर हरियाणा को ज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में आगे ले जाने का प्रयास किया जा सकता है।