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पंजाब में ‘वार अगेंस्ट ड्रग्स’ अभियान की समीक्षा बैठक में अमन अरोड़ा ने नशे की जड़ों को खत्म करने और उपचार व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया।
पंजाब में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ‘वार अगेंस्ट ड्रग्स’ अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया है। कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने फगवाड़ा में अभियान की समीक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में नशे की समस्या की जड़ों को खत्म करने और नशे से प्रभावित लोगों के उपचार की प्रक्रिया को और मजबूत बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
मंत्री अमन अरोड़ा ने बैठक में मौजूद लोगों से नशे के खिलाफ अभियान को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने के लिए सुझाव मांगे। इस दौरान विभिन्न लोगों ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। मंत्री ने सभी के सुझावों की सराहना करते हुए उनका धन्यवाद किया और कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में समाज की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है।
पंजाब में होंगी करीब 15 हजार जनसभाएं
बैठक के बाद अभियान को लेकर जानकारी साझा करते हुए अमन अरोड़ा ने बताया कि ‘वार अगेंस्ट ड्रग्स’ को और प्रभावी बनाने के लिए पंजाब के गांवों और शहरों के वार्डों में करीब 15 हजार जनसभाएं आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों का उद्देश्य लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करना और अभियान में आम जनता की भागीदारी को बढ़ाना है।
मंत्री के मुताबिक, गांवों और शहरी वार्डों में होने वाली इन जनसभाओं के जरिए नशे के खिलाफ सरकार की मुहिम को घर-घर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब समाज के लोग इस अभियान से जुड़ेंगे तो नशे के खिलाफ चल रही मुहिम को और मजबूती मिलेगी।
नशे की जड़ों को खत्म करने पर जोर
‘ਯੁੱਧ ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ’ ਮੁਹਿੰਮ ਦੀ ਸਮੀਖਿਆ ਨੂੰ ਮੁੱਖ ਰੱਖਦੇ ਹੋਏ ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ @AroraAmanSunam ਨੇ ਅੱਜ ਫਿਲੌਰ ਵਿਖੇ ਇੱਕ ਬੈਠਕ ਕੀਤੀ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੇ ਜੜ੍ਹੋਂ ਖ਼ਾਤਮੇ ਅਤੇ ਪੀੜਤਾਂ ਦੇ ਇਲਾਜ ਦੀ ਲਹਿਰ ਨੂੰ ਬਿਹਤਰ ਬਣਾਉਣ ਸੰਬੰਧੀ ਵਿਚਾਰ-ਵਟਾਂਦਰੇ ਹੋਏ। ਸਭ ਨੇ ਆਪੋ-ਆਪਣੇ ਕੀਮਤੀ ਸੁਝਾਅ ਸਾਂਝੇ ਕੀਤੇ ਜਿਹਨਾਂ ਵਾਸਤੇ ਮੰਤਰੀ… pic.twitter.com/yn9r07H2Ty
— AAP Punjab (@AAPPunjab) September 11, 2026
फगवाड़ा में हुई बैठक के दौरान नशे की समस्या के मूल कारणों पर भी चर्चा की गई। मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि केवल नशे के खिलाफ कार्रवाई करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसकी जड़ों को खत्म करने के साथ-साथ नशे की गिरफ्त में आए लोगों के उपचार और पुनर्वास पर भी ध्यान देना जरूरी है।
बैठक में नशे से प्रभावित लोगों के लिए उपचार व्यवस्था को बेहतर बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। सरकार का जोर नशे की रोकथाम के साथ-साथ प्रभावित लोगों को उपचार उपलब्ध कराने पर भी है।
जनभागीदारी से मजबूत होगा अभियान
अमन अरोड़ा ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें समाज, परिवारों और स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से गांवों और शहरों के वार्डों में बड़ी संख्या में जनसभाएं आयोजित करने की योजना बनाई गई है।
उन्होंने बैठक में मिले सुझावों के लिए सभी का आभार व्यक्त किया और कहा कि इन सुझावों से अभियान को और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। जनसभाओं के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने और नशे के खिलाफ सामूहिक प्रयास को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।
उपचार और जागरूकता दोनों पर फोकस
‘वार अगेंस्ट ड्रग्स’ अभियान के तहत सरकार की रणनीति में एक तरफ नशे की समस्या की जड़ों पर प्रहार करने और दूसरी तरफ प्रभावित लोगों के उपचार को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। फगवाड़ा की बैठक में भी इसी दिशा में सुझावों और संभावित कदमों पर चर्चा की गई।
करीब 15 हजार जनसभाओं के प्रस्ताव के जरिए अभियान को व्यापक जनआंदोलन का रूप देने की कोशिश की जा रही है। आने वाले समय में इन बैठकों के माध्यम से पंजाब के अलग-अलग गांवों और शहरी वार्डों में लोगों को अभियान से जोड़ने पर फोकस रहेगा। मंत्री अमन अरोड़ा ने सभी से नशे के खिलाफ इस मुहिम में सहयोग करने की अपील की।