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भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को रिकवरी की उम्मीद है। Gift Nifty 120 अंक चढ़कर 24,085 पर पहुंचा। बुधवार को सेंसेक्स और निफ्टी लगातार तीसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए।
गुरुवार, 3 सितंबर को शुरू हुआ कारोबारी सत्र भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक दिखाई दे रहा है। घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में बुधवार को लगातार तीसरे सत्र में गिरावट दर्ज की गई थी। गुरुवार सुबह गिफ्ट निफ्टी में तेजी देखने को मिली, जिससे बाजार में शुरुआती रिकवरी की उम्मीद बढ़ी है। Gift Nifty सुबह 7:39 बजे 24,085 के स्तर पर कारोबार कर रहा था और 120 अंक (0.50%) की बढ़त दर्ज की गई। नतीजतन, गुरुवार को भारतीय बाजार सकारात्मक रुख से खुल सकते हैं।
तीसरे दिन लगातार गिरावट से निवेशकों की चिंता बढ़ी
भारतीय शेयर बाजार बुधवार का कारोबारी सत्र कमजोर रहा। तीसरे कारोबारी सत्र में प्रमुख बेंचमार्क सूचकांकों में गिरावट हुई। व्यापार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 0.49 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,570.35 के स्तर पर बंद हुआ। NSE Nifty भी 141.35 अंक, यानी 0.59 प्रतिशत गिरकर 23,914.45 पर बंद हुआ।
बाजार में निरंतर गिरावट ने निवेशकों को चिंतित कर दिया है। खासकर आज जब वैश्विक स्तर पर कई चुनौतियां हैं। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने निवेशकों को चिंतित कर दिया है।
Nifty Gift ने राहत का संकेत दिया
गुरुवार के कारोबार से पहले गिफ्ट निफ्टी में आई तेजी का अनुमान लगाया जा रहा है कि यह राहत का संकेत है। 7:39 बजे सुबह, गिफ्ट निफ्टी 24,085 के स्तर पर था, जो पिछले स्तर से 120 अंक, या 0.50% ऊपर था। Gift Nifty में तेजी अक्सर भारतीय बाजार की संभावित प्रारंभिक दिशा को दिखाती है।
यद्यपि, सिर्फ गिफ्ट निफ्टी की तेजी पर निर्भर करके पूरे कारोबारी सत्र का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा। बाजार खुलने के बाद बाजार की दिशा को वैश्विक बाजारों की चाल, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और स्थानीय राजनीतिक घटनाक्रम प्रभावित कर सकते हैं। नतीजतन, निवेशकों की नजर शुरुआती कारोबार पर रहेगी, साथ ही दिनभर के वैश्विक संकेतों पर भी रहेगी।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें चिंता बढ़ाती हैं
कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी भारतीय शेयर बाजार को बहुत चिंतित कर रही है। भारत कच्चे तेल के आयात से बहुत कुछ खरीदता है। ऐसे में तेल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ने से देश की आयात लागत पर दबाव बढ़ सकता है।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें चालू खाते के दबाव और महंगाई को भी प्रभावित कर सकती हैं। यही कारण है कि तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भारतीय इक्विटी बाजार में निवेशकों की भावनाओं पर भी प्रभाव डालता है। आने वाले कारोबारी सत्रों में कच्चे तेल की चाल बाजार को प्रभावित कर सकती है।
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष भी बाजार पर प्रभाव डाल रहे हैं।
पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक संघर्ष ने वैश्विक निवेशकों को परेशान कर दिया है। क्षेत्रीय संघर्ष के बढ़ने से वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका रहती है। निवेशक ऐसे परिस्थितियों में जोखिमपूर्ण एसेट्स को लेकर अधिक सतर्क होते हैं।
इसका अप्रत्यक्ष असर भी भारतीय बाजार पर हो सकता है। भारतीय शेयर बाजार की धारणा, खासकर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक स्तर पर जोखिम से बचने की प्रवृत्ति से प्रभावित हो सकती है। इन वैश्विक चिंताओं में बुधवार को बाजार में जारी कमजोरी भी शामिल थी।
अंतरराष्ट्रीय बॉन्ड यील्ड में वृद्धि से दबाव
इक्विटी बाजार भी वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से घबरा गए हैं। बॉन्ड यील्ड बढ़ने पर निवेशकों को अधिक सुरक्षित निवेश का विचार आ सकता है। शेयर बाजार में जोखिम लेने की क्षमता इससे प्रभावित हो सकती है।
अंतरराष्ट्रीय ब्याज दरों और पूंजी के प्रवाह पर भी ऊंची बॉन्ड यील्ड का असर पड़ता है। भारत सहित उभरते बाजारों पर दबाव देखने को मिल सकता है अगर विदेशी निवेशकों की नीति बदलती है।
24,000 का स्तर निफ्टी के लिए महत्वपूर्ण है
बुधवार को निफ्टी 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे चला गया और 23,914.45 के स्तर पर बंद हुआ। यह स्तर निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा क्योंकि गुरुवार को बाजार में संभावित सकारात्मक शुरुआत हो सकती है। बाजार में सकारात्मक धारणा मजबूत हो सकती है यदि निफ्टी दोबारा 24,000 के ऊपर मजबूती बनाए रखने में सफल रहता है।
वहीं, बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है अगर वैश्विक संकेत कमजोर रहते हैं और बिकवाली का दबाव फिर से बढ़ता है। निवेशकों को शुरुआती तेजी के बावजूद सतर्क रहना चाहिए।
आज बाजार किस पर निर्भर करेगा?
गुरुवार को घरेलू बाजार की चाल निर्धारित करने में कई घटकों का महत्वपूर्ण योगदान होगा। Gift Nifty के शुरुआती तेजी बाजार को सकारात्मक शुरूआत दे सकता है, लेकिन इसके बाद कच्चे तेल की कीमतें, पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक घटनाक्रम, वैश्विक बॉन्ड यील्ड और विदेशी बाजारों की चाल सब कुछ महत्वपूर्ण होगा।
कुल मिलाकर, लगातार तीसरे दिन बुधवार की गिरावट के बाद गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में सुधार की उम्मीद है। Gift Nifty में 120 अंकों की तेजी ने बाजार को सकारात्मक संकेत दिए हैं, लेकिन निवेशकों को पूरे कारोबारी सत्र के दौरान वैश्विक संकेतों और बाजार की अस्थिरता पर ध्यान देना होगा।