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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर देशभर में भक्ति और उत्साह का माहौल रहा। PM मोदी और राहुल गांधी ने शुभकामनाएं दीं, जबकि मथुरा, अयोध्या, दिल्ली, पुरी और केरल में विशेष पूजा हुई।
देशभर में शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धार्मिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। देश के अलग-अलग हिस्सों में मंदिरों को भव्य रूप से सजाया गया और आधी रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना, मंगल आरती और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने देशवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं।
राहुल गांधी ने दी जन्माष्टमी की शुभकामनाएं
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के माध्यम से देशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई दी। उन्होंने अपने संदेश में उम्मीद जताई कि यह पावन पर्व लोगों के जीवन में खुशी और उल्लास लेकर आएगा।
राहुल गांधी ने लिखा कि वह श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर सभी लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई देते हैं। उन्होंने कामना की कि यह त्योहार लोगों के जीवन को आनंद और प्रसन्नता से भर दे। उनके संदेश में जन्माष्टमी के साथ जुड़े आनंद, नई ऊर्जा और सकारात्मकता की भावना को रेखांकित किया गया।
अयोध्या में आधी रात श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की तैयारियां
भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में भी जन्माष्टमी को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। आधी रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को मनाने के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास महाराज ने बताया कि अयोध्या में हर वर्ष पारंपरिक रूप से जन्माष्टमी का पर्व उत्साह के साथ मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि भगवान राम की नगरी अयोध्या में भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव आधी रात को पूरे उत्साह और धार्मिक परंपराओं के साथ मनाया जाएगा। मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गईं।
मथुरा को लेकर भी चर्चा, संत ने की नेताओं से दर्शन की अपील
जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा भी चर्चा में रही। महामंडलेश्वर विष्णु दास महाराज ने मथुरा के विकास और धार्मिक महत्व का उल्लेख करते हुए राजनीतिक नेताओं से इस पावन अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद लेने की अपील की।
उन्होंने कहा कि अयोध्या के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ध्यान अब मथुरा के विकास पर है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव का उल्लेख करते हुए जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा आने और भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद लेने की बात कही।
केरल के अंबलप्पुझा मंदिर में उमड़े श्रद्धालु
जन्माष्टमी के अवसर पर केरल के ऐतिहासिक अंबलप्पुझा श्री कृष्ण स्वामी मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से भक्त पहुंचे। श्रद्धालुओं ने मंदिर के आध्यात्मिक वातावरण और स्थानीय लोगों के आतिथ्य की सराहना की।
एक श्रद्धालु ने बताया कि यह उनकी मंदिर की पहली यात्रा थी और उनका अनुभव बेहद शानदार रहा। उन्होंने केरल के लोगों के सहयोग और गर्मजोशी की भी प्रशंसा की तथा कहा कि जन्माष्टमी के दिन मंदिर में आकर दर्शन करना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
पुरी में धमेंद्र प्रधान ने भगवान जगन्नाथ के किए दर्शन
ओडिशा के पुरी स्थित प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर में केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर उन्होंने विश्व कल्याण और देश की समृद्धि की कामना की।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भगवान जगन्नाथ के दर्शन का अवसर उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने प्रार्थना की कि लोगों के हृदय में आध्यात्मिकता और भक्ति की भावना बढ़े, जिससे व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ समाज और देश का सामूहिक कल्याण सुनिश्चित हो सके।
PM मोदी ने श्रीकृष्ण के निष्काम कर्म के संदेश को किया याद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जन्माष्टमी के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं में निहित निष्काम कर्म के संदेश को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि श्रीकृष्ण के दिव्य संदेशों में निस्वार्थ कर्म की गहरी प्रेरणा है, जिसने लगातार मानवता का मार्गदर्शन किया है।
उन्होंने कामना की कि भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और आराधना को समर्पित यह पावन अवसर लोगों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शक्ति का संचार करे। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश का समापन “जय श्री कृष्ण” के साथ किया।
दिल्ली से मथुरा तक मंदिरों में विशेष पूजा
जन्माष्टमी के अवसर पर राजधानी दिल्ली समेत देशभर के मंदिरों में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। दिल्ली के इस्कॉन मंदिर, ईस्ट ऑफ कैलाश और द्वारका सेक्टर-13 में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने मंगल आरती में हिस्सा लिया और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की।
वहीं, मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में भी जन्माष्टमी समारोह के दौरान विशेष मंगल आरती और पूजा का आयोजन हुआ। भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि पर दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु भक्ति में झूमते और नृत्य करते नजर आए।
देशभर में भक्ति और उत्सव का माहौल
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भगवान कृष्ण के जन्म की स्मृति में मनाया जाने वाला प्रमुख हिंदू पर्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार यह पर्व भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। देशभर में भक्त इस दिन उपवास रखते हैं और आधी रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।
इस वर्ष भी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, केरल, ओडिशा समेत देश के विभिन्न हिस्सों में मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। नेताओं के शुभकामना संदेशों से लेकर मंदिरों में विशेष पूजा और मंगल आरती तक, जन्माष्टमी ने देशभर में भक्ति, उल्लास, प्रेम और सकारात्मकता का माहौल बनाया।