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शिक्षक दिवस 2026 पर अरविंद केजरीवाल ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को नमन कर शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने दिल्ली-पंजाब के स्कूलों में शिक्षकों की भूमिका को अहम बताया।
देशभर में शनिवार को शिक्षक दिवस 2026 मनाया जा रहा है। इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पूर्व राष्ट्रपति, महान दार्शनिक और शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की और देशवासियों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। केजरीवाल ने शिक्षकों के योगदान को सर्वोच्च बताते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार बेहतर बुनियादी ढांचा उपलब्ध करा सकती है, लेकिन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को मजबूत आधार और सही दिशा देने का काम शिक्षक ही करते हैं।
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को दी श्रद्धांजलि
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक संदेश साझा करते हुए पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर वह उन्हें गहरा सम्मान अर्पित करते हैं और सभी देशवासियों को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं।
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के महान दार्शनिक, विद्वान और शिक्षक के रूप में जाने जाते हैं। शिक्षा और सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को याद करते हुए हर वर्ष 5 सितंबर को भारत में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। यह दिन शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है।
शिक्षकों को बताया शिक्षा व्यवस्था की रीढ़
केजरीवाल ने अपने संदेश में शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि वह शिक्षकों को अपने दिल में सर्वोच्च स्थान देते हैं। उन्होंने विशेष रूप से दिल्ली और पंजाब के सरकारी स्कूलों में हुए बदलाव का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि दिल्ली और उसके बाद पंजाब के सरकारी स्कूलों के परिवर्तन में शिक्षकों का सबसे बड़ा योगदान रहा है। उनके अनुसार, सरकार किसी स्कूल में बेहतर इमारत, कक्षाएं और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करा सकती है, लेकिन वहां पढ़ने वाले बच्चों को मजबूत बुनियादी आधार देने की जिम्मेदारी शिक्षक ही निभाते हैं।
केजरीवाल ने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने का काम नहीं करते, बल्कि वे बच्चों की प्रतिभा को पहचानने, उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने और उनके व्यक्तित्व को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने इस योगदान के लिए देशभर के शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है?
भारत में प्रत्येक वर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। यह दिन देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। डॉ. राधाकृष्णन एक प्रसिद्ध दार्शनिक, विद्वान और शिक्षक थे, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
शिक्षक दिवस का उद्देश्य शिक्षकों के योगदान को सम्मान देना और शिक्षा के क्षेत्र में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करना है। शिक्षक बच्चों को केवल किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनमें अनुशासन, जिम्मेदारी, रचनात्मकता और सामाजिक मूल्यों को भी विकसित करते हैं।
स्कूलों में आयोजित होते हैं विशेष कार्यक्रम
शिक्षक दिवस के अवसर पर देशभर के स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। विद्यार्थी अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करते हैं। कई स्कूलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, भाषण, सम्मान समारोह और अन्य गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।
इस दिन शिक्षक और विद्यार्थी के बीच के संबंध को विशेष रूप से रेखांकित किया जाता है। शिक्षकों को समाज और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका के लिए सम्मानित किया जाता है। शिक्षा के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों को तैयार करने में शिक्षकों की भूमिका को इस अवसर पर विशेष महत्व दिया जाता है।
21 शिक्षकों और फैकल्टी सदस्यों को मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार
शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर एक विशेष राष्ट्रीय सम्मान समारोह भी आयोजित किया जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विज्ञान भवन में उच्च शिक्षा संस्थानों और पॉलिटेक्निक से जुड़े 21 शिक्षकों और फैकल्टी सदस्यों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान करेंगी।
शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इस वर्ष उच्च शिक्षा संस्थानों और पॉलिटेक्निक के शिक्षकों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुना गया है। चयनित शिक्षकों में केंद्रीय उच्च शिक्षा संस्थानों से 12 शिक्षक या फैकल्टी सदस्य शामिल हैं।
इसके अलावा राज्य विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से पांच शिक्षकों का चयन किया गया है। इनमें तीन सरकारी और दो निजी कॉलेजों के शिक्षक शामिल हैं। वहीं पॉलिटेक्निक संस्थानों से चार शिक्षकों को पुरस्कार के लिए चुना गया है, जिनमें दो सरकारी और दो निजी पॉलिटेक्निक के शिक्षक शामिल हैं।
शिक्षा और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की अहम भूमिका
शिक्षक दिवस केवल शिक्षकों को शुभकामनाएं देने का अवसर नहीं है, बल्कि यह शिक्षा व्यवस्था में उनके योगदान को समझने और सम्मानित करने का भी दिन है। शिक्षक विद्यार्थियों को ज्ञान देने के साथ-साथ उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अरविंद केजरीवाल के संदेश में भी शिक्षकों की इसी भूमिका पर जोर दिया गया। दिल्ली और पंजाब के सरकारी स्कूलों के संदर्भ में उन्होंने शिक्षकों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया। वहीं राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कारों के माध्यम से भी देश में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मान दिया जा रहा है।
शिक्षक दिवस के अवसर पर देशभर में शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना देखने को मिल रही है। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर उन्हें याद करते हुए यह दिन एक बार फिर इस संदेश को मजबूत करता है कि किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समर्पित शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।