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श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारत को मिली लगातार 7 हार के बाद उप-कप्तान तिलक वर्मा ने बड़ा बयान दिया है। जानिए इंग्लैंड-आयरलैंड दौरे और जिम्बाब्वे के खिलाफ रणनीति पर क्या बोले तिलक।
भारतीय टी20 टीम के नए कप्तान के रूप में श्रेयस अय्यर की कप्तानी की शुरुआत बेहद निराशाजनक और बेहद कठिन रही है। मुख्य कप्तान बनने के बाद अय्यर को अपने शुरुआती 7 मैचों में एक भी जीत का स्वाद चखने को नहीं मिला है। उनकी अगुवाई में भारतीय टीम को आयरलैंड के खिलाफ 0-2 से ऐतिहासिक सीरीज गंवानी पड़ी, जिसके तुरंत बाद इंग्लैंड के खिलाफ 0-4 से एकतरफा हार का सामना करना पड़ा।
आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर मिली इस लगातार हार के बाद भारतीय टीम के प्रदर्शन पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, भारतीय टीम प्रबंधन और खिलाड़ियों का मानना है कि विदेशी परिस्थितियों और एशिया से बाहर अचानक खेलने की वजह से टीम लय हासिल करने में असफल रही।
“विदेशी परिस्थितियां बनीं हार की मुख्य वजह”: उप-कप्तान तिलक वर्मा
टीम के उप-कप्तान तिलक वर्मा ने कप्तान श्रेयस अय्यर और मुख्य कोच गौतम गंभीर के उस रुख का समर्थन किया है, जिसमें हार के पीछे विदेशी परिस्थितियों में ढलने की चुनौती को मुख्य कारण बताया गया था। तिलक वर्मा ने अय्यर का बचाव करते हुए कहा कि एक सफल टीम की बागडोर संभालने के बाद अपेक्षाएं और जिम्मेदारियां बहुत बढ़ जाती हैं।
तिलक वर्मा ने टीम के प्रदर्शन पर बात करते हुए कहा:
“ईमानदारी से कहें तो श्रेयस भाई इस समय एक बेहद सफल टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। ऐसे में उम्मीदें और जिम्मेदारियां होना स्वाभाविक है। लेकिन अगर आप देखें तो आयरलैंड में परिस्थितियां बिल्कुल अलग थीं। पिछले दो सालों में हमने अपने ज्यादातर मैच एशिया में ही खेले हैं।”
इंग्लैंड के खिलाफ चुनौती और कंडीशंस में तालमेल
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए तिलक वर्मा ने स्वीकार किया कि घरेलू मैदानों या एशियाई पिचों पर लंबे समय तक खेलने के बाद अचानक विदेशी दौरों पर विश्व स्तरीय टीमों का सामना करना आसान नहीं होता।
उन्होंने कहा:
“दो साल के बाद हम सीधे विदेशी परिस्थितियों में खेलने गए, और वह भी एक मजबूत टीम के खिलाफ। इंग्लैंड एक बेहद मजबूत टीम है। हम सभी ने देखा कि टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में उन्होंने कैसा प्रदर्शन किया था। इसलिए ऐसी मजबूत टीम के खिलाफ उनकी पिचों पर खेलना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है।”
जिम्बाब्वे दौरे से वापसी की उम्मीद, तिलक बोले- “प्रतिद्वंद्वी को हल्के में नहीं ले सकते”
आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ हार का सिलसिला भूलकर श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली भारतीय टीम अब जिम्बाब्वे के खिलाफ आगामी T20I सीरीज में वापसी करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। हालांकि, तिलक वर्मा का मानना है कि जिम्बाब्वे की टीम को उनके घरेलू मैदान पर कड़ा मुकाबला दिए बिना हराना आसान नहीं होगा।
जिम्बाब्वे की चुनौती पर बोलते हुए तिलक ने चेतावनी दी:
“जिम्बाब्वे भी एक बहुत अच्छी और प्रतिस्पर्धी टीम है। आपने पिछले साल भी देखा होगा जब हमने सीरीज की शुरुआत की थी, तो उन्होंने पहला मैच जीत लिया था। हमें पूरी उम्मीद है कि वे हमारे खिलाफ पूरी ताकत और आक्रामकता के साथ मैदान में उतरेंगे।”
युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी के साथ परिस्थितियों पर चर्चा
जिम्बाब्वे की परिस्थितियों और पिचों के मिजाज को समझने के लिए उप-कप्तान तिलक वर्मा टीम के युवा खिलाड़ियों के साथ लगातार संवाद बनाए हुए हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने टीम के नए और 15 वर्षीय युवा बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) समेत अन्य युवा साथी खिलाड़ियों के साथ वहां के माहौल, पिच के उछाल और मैच रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की है।
क्या जिम्बाब्वे में बदलेगी श्रेयस अय्यर की किस्मत?
श्रेयस अय्यर और कोच गौतम गंभीर के लिए जिम्बाब्वे दौरा अपनी साख वापस पाने और जीत की राह पर लौटने का सुनहरा मौका है। लगातार 7 मैचों में हार झेलने के बाद अब भारतीय टीम अपने नए युवाओं के दम पर जिम्बाब्वे के खिलाफ एक नया आगाज करने की कोशिश करेगी, ताकि आगामी घरेलू मुकाबलों से पहले टीम के आत्मविश्वास को बहाल किया जा सके।