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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने अगले एक साल में एनीमिया का बोझ 10 अंक कम करने का लक्ष्य रखा और जमीनी स्तर पर समन्वित कार्रवाई पर जोर दिया।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने राज्य में एनीमिया की समस्या को कम करने के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। उन्होंने अगले एक वर्ष में राज्य में एनीमिया के बोझ को 10 अंक तक कम करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सरकार के साथ-साथ जमीनी स्तर पर भी समन्वित प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया गया।
एनीमिया सिर्फ स्वास्थ्य आंकड़ा नहीं
डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि एनीमिया को केवल स्वास्थ्य से जुड़े आंकड़े के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। यह एक ऐसी समस्या है, जिसके समाधान के लिए सरकार के विभिन्न विभागों और जमीनी स्तर पर काम करने वाली संस्थाओं को मिलकर प्रयास करना होगा।
उन्होंने कहा कि एनीमिया का प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर पड़ता है। इसलिए इसके नियंत्रण के लिए समयबद्ध रणनीति बनाकर प्रभावी तरीके से काम करना जरूरी है।
एक साल में 10 अंक कमी का लक्ष्य
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. @sumitamisra ने राज्य में एनीमिया के बोझ को अगले एक साल के भीतर 10 अंक तक कम करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की घोषणा की।
“एनीमिया को केवल एक स्वास्थ्य आंकड़े के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि एक ऐसे मुद्दे के रूप… pic.twitter.com/7qrMNPlBbI
— DPR Haryana (@DiprHaryana) September 11, 2026
स्वास्थ्य विभाग की ओर से एनीमिया के बोझ को अगले एक वर्ष में 10 अंक कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ जागरूकता और समुदाय की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
डॉ. मिश्रा ने एनीमिया की रोकथाम और नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों को और मजबूत करने पर जोर दिया। उनका कहना है कि केवल सरकारी स्तर पर योजनाएं चलाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इनका प्रभाव जमीनी स्तर तक पहुंचना भी जरूरी है।
जमीनी स्तर पर समन्वित कार्रवाई जरूरी
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि एनीमिया से निपटने के लिए सरकार और समाज दोनों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों और जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोगों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताई।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एनीमिया के खिलाफ अभियान को प्रभावी बनाने के लिए लोगों तक सही जानकारी पहुंचाना और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।
स्वास्थ्य विभाग की रणनीति पर जोर
एनीमिया को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। डॉ. सुमिता मिश्रा ने इन प्रयासों की प्रभावशीलता बढ़ाने और निर्धारित लक्ष्य को समय पर हासिल करने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी की बात कही।
उन्होंने स्पष्ट किया कि एनीमिया जैसी समस्या का समाधान लंबे समय तक चलने वाले और समन्वित प्रयासों से ही संभव है। इसके लिए सरकारी तंत्र के साथ समुदाय की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।
अगले एक वर्ष में एनीमिया के बोझ को 10 अंक कम करने का लक्ष्य स्वास्थ्य विभाग के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती है। डॉ. सुमिता मिश्रा ने इसे केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी न मानते हुए सरकार और जमीनी स्तर पर सभी संबंधित पक्षों की संयुक्त जिम्मेदारी बताया है। अब इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।