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भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा चढ़ा, जबकि निफ्टी 23,350 के आसपास रहा। कच्चे तेल, भू-राजनीतिक तनाव और बॉन्ड यील्ड पर निवेशकों की नजर रही।
भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार, 21 सितंबर को मिले-जुले रुख के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में Sensex 300 अंकों से ज्यादा चढ़ा, जबकि Nifty 50 करीब 23,350 के स्तर के आसपास बना रहा। बाजार में अलग-अलग सेक्टरों के शेयरों में अलग-अलग दिशा देखने को मिली। कुछ प्रमुख कंपनियों में खरीदारी से Sensex को सहारा मिला, वहीं IT, वित्तीय सेवाओं और कुछ अन्य क्षेत्रों में कमजोरी ने Nifty की तेजी को सीमित रखा। इस बीच India VIX में बढ़ोतरी से निकट अवधि में बाजार की अस्थिरता बढ़ने के संकेत मिले।
Sensex 324 अंक चढ़ा, Nifty लगभग सपाट
सोमवार सुबह 9:16 बजे BSE Sensex 324 अंक यानी 0.44 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,618.96 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। दूसरी ओर Nifty 50 लगभग सपाट रहा और 23,345.20 के आसपास बना हुआ था। इससे संकेत मिला कि बाजार में शुरुआती तेजी कुछ चुनिंदा बड़े शेयरों तक सीमित रही।
बाजार की शुरुआत से ही निवेशकों की नजर सेक्टर आधारित गतिविधियों पर रही। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों और भू-राजनीतिक जोखिमों के बीच घरेलू बाजार में खरीदारी और बिकवाली दोनों देखने को मिली।
मिडकैप में कमजोरी, स्मॉलकैप में हल्की तेजी
व्यापक बाजार की बात करें तो स्मॉलकैप शेयरों में हल्की मजबूती देखने को मिली। Nifty Smallcap 100 में 0.19 प्रतिशत की बढ़त रही। Nifty Smallcap 50 और Nifty Smallcap 250 में भी क्रमशः 0.18 प्रतिशत और 0.19 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
इसके विपरीत मिडकैप सूचकांकों पर दबाव रहा। Nifty Midcap 100 में 0.26 प्रतिशत और Nifty Midcap 150 में 0.27 प्रतिशत की गिरावट रही। इस तरह शुरुआती कारोबार में व्यापक बाजार का प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा।
India VIX में 3 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त
बाजार की अस्थिरता को दर्शाने वाला India VIX सोमवार को 3.24 प्रतिशत बढ़कर 11.76 पर पहुंच गया। VIX में यह बढ़ोतरी बताती है कि निकट अवधि में निवेशक बाजार में उतार-चढ़ाव को लेकर सतर्क हैं।
वैश्विक स्तर पर West Asia में जारी तनाव और रूस-यूक्रेन युद्ध की स्थिति बाजार धारणा को प्रभावित कर रही है। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमत और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण संकेतक बने हुए हैं।
Realty और FMCG में खरीदारी
सेक्टरल प्रदर्शन में Nifty Realty सबसे आगे रहा और इसमें 0.85 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। FMCG इंडेक्स भी 0.51 प्रतिशत ऊपर रहा। Nifty Auto में 0.34 प्रतिशत और Nifty Cement में 0.34 प्रतिशत की तेजी आई। Healthcare इंडेक्स भी 0.18 प्रतिशत मजबूत रहा।
दूसरी तरफ Nifty IT में 0.54 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। Nifty MidSmall Financial Services 0.63 प्रतिशत और Nifty Financial Services ex-Bank 0.47 प्रतिशत नीचे रहा। PSU Bank इंडेक्स में भी 0.20 प्रतिशत की कमजोरी देखने को मिली।
Sensex के इन शेयरों में तेजी
Sensex के प्रमुख शेयरों में Ultracemco सबसे ज्यादा बढ़त में रहा और उसके शेयर में 3.15 प्रतिशत की तेजी आई। Asian Paints 2.13 प्रतिशत ऊपर रहा। Trent में 1.49 प्रतिशत, IndiGo में 1.47 प्रतिशत और Titan में 1.13 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
इसके अलावा ITC, ICICI Bank, Larsen & Toubro, Hindustan Unilever और Kotak Mahindra Bank के शेयर भी बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। इन बड़े शेयरों में खरीदारी ने Sensex को मजबूती देने में भूमिका निभाई।
Adani Ports और Bharti Airtel समेत इन शेयरों में गिरावट
दूसरी ओर कुछ प्रमुख शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। Adani Ports के शेयर में 1.03 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि Bharti Airtel 1.02 प्रतिशत नीचे रहा। Power Grid में 0.83 प्रतिशत और Infosys में 0.77 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई।
IT सेक्टर में दबाव का असर व्यापक बाजार की दिशा पर भी दिखाई दिया। निवेशकों की नजर अब कारोबारी सत्र के दौरान सेक्टरों में होने वाले बदलाव पर रहेगी।
भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल पर नजर
Geojit Investments के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक वैश्विक भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ रहे हैं। उन्होंने मध्य पूर्व के संघर्ष और रूस-यूक्रेन युद्ध की स्थिति को बाजार के लिए प्रमुख जोखिम बताया। हालांकि, उनके अनुसार Strait of Hormuz के जरिए तेल प्रवाह बढ़ने से Brent crude 102 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आया है।
उन्होंने अमेरिकी 10-year bond yield के करीब 5 प्रतिशत रहने को भी इक्विटी बाजार के लिए चुनौती बताया। इसके बावजूद विकसित अर्थव्यवस्थाओं की मजबूती और कंपनियों के बेहतर मुनाफे की उम्मीद के कारण शेयर बाजार अपनी स्थिति बनाए हुए हैं।
FY27 में GDP और कंपनियों की कमाई पर उम्मीद
वीके विजयकुमार ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की GDP growth 7 प्रतिशत और Nifty की earnings growth 12-14 प्रतिशत रह सकती है। उनके मुताबिक व्यापक बाजार में earnings growth इससे बेहतर हो सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों के ऊंचे मूल्यांकन के कारण बाजार में large-cap शेयरों की ओर रुख बदल सकता है। हालांकि, उन्होंने इस बदलाव को West Asia में तनाव, कच्चे तेल और बॉन्ड यील्ड में संभावित नरमी से जोड़ते हुए अपनी बाजार राय व्यक्त की है।
फिलहाल भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों की नजर कच्चे तेल, वैश्विक बॉन्ड यील्ड, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और घरेलू कंपनियों के प्रदर्शन पर बनी रहेगी। सोमवार के शुरुआती कारोबार में Sensex की तेजी के बावजूद Nifty का सीमित दायरे में रहना बताता है कि बाजार में सतर्कता कायम है।
आज भारतीय बाजार में किन बातों पर रहेगी नजर?
सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में कच्चे तेल की कीमत, West Asia का घटनाक्रम, विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII का रुख और वैश्विक बॉन्ड यील्ड अहम भूमिका निभा सकते हैं। GIFT Nifty फिलहाल सपाट शुरुआत का संकेत दे रहा है, जबकि एशियाई और अमेरिकी वायदा बाजारों से अपेक्षाकृत सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं।
हालांकि, ऊंचे तेल भाव और भू-राजनीतिक जोखिम बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा सकते हैं। इसलिए कारोबारी सत्र के दौरान निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम और ऊर्जा कीमतों पर बनी रहेगी। घरेलू बाजार का तत्काल माहौल स्थिर दिखाई दे रहा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय जोखिमों के कारण सोमवार के कारोबार में सावधानी महत्वपूर्ण होगी।