Table of Contents
शुक्रवार को सेंसेक्स 157 अंक और निफ्टी 36 अंक की बढ़त के साथ खुले। रियल्टी, फार्मा में तेजी रही, जबकि IT शेयरों पर दबाव दिखा।
शुक्रवार, 18 सितंबर को भारतीय घरेलू शेयर बाजारों ने कारोबारी सत्र की शुरुआत बढ़त के साथ की। पहले घरेलू बाजार को एशियाई बाजारों में तेजी और पिछले सत्र की रिकवरी से समर्थन मिला। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने निवेशकों को भी कुछ राहत दी। हालाँकि, भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक ब्याज दरों की अनिश्चितता के कारण बाजार में सतर्कता जारी है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अपेक्षाकृत अधिक मजबूती देखने को मिली, जबकि सेंसेक्स और निफ्टी दोनों शुरूआती कारोबार में हरे निशान में रहे।
सेंसेक्स और निफ्टी का उत्साहपूर्ण प्रारंभ
शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में BSE Sensex 156.98 अंक, यानी 0.21% की बढ़त के साथ 74,471.57 के स्तर पर पहुंच गया। NSE Nifty भी 35.80 अंक यानी 0.15 प्रतिशत चढ़कर 23,306.40 पर कारोबार करता था। पिछले सत्रों की अस्थिरता के बीच, निवेशकों ने शुक्रवार को कुछ विशिष्ट शेयरों में खरीदारी की।
हालाँकि, बाजार की प्रारंभिक तेजी बहुत कम नहीं थी। धारणा को कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने सहारा दिया, लेकिन भू-राजनीतिक हालात और ऊंची बॉन्ड यील्ड के बारे में चिंता अभी भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण खतरा बनी हुई है।
मिडकैप और स्मॉलकैप दोनों में अधिक तेजी
प्रमुख सूचकांकों की तुलना में शुक्रवार को व्यापक बाजारों ने बेहतर प्रदर्शन किया। Nifty Smallcap 100 में 0.81% की वृद्धि हुई, जबकि Nifty Midcap 100 में 0.51% की वृद्धि हुई। साथ ही Nifty Next 50 में 0.60 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली।
ब्रॉडर मार्केट में खरीदारी का रुझान दिखाता है कि निवेशकों की रुचि केवल बड़ी कंपनियों तक नहीं रही है। हालाँकि छोटे और मिडकैप शेयरों में गिरावट अधिक हो सकती है, इसलिए इन सूचकांकों की चाल को एक व्यापक बाजार धारणा के साथ देखना महत्वपूर्ण है।
भूमि, दवा और चिकित्सा क्षेत्र में खरीद
शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में कई महत्वपूर्ण इंडेक्स हरे निशान में रहे। Nifty Realty सबसे पहले 1.07 प्रतिशत बढ़ा। बाद में Nifty Pharma 0.82% और Nifty Healthcare 0.75% बढ़ा।
साथ ही Nifty Metal में 0.51% और Nifty Auto में 0.45% की तेजी हुई। वित्तीय शेयरों में भी सुधार देखा गया। Nifty Bank 0.23 प्रतिशत और Nifty Private Bank 0.32% की बढ़त से कारोबार कर रहा था।
IT शेयरों पर डाला गया दबाव
जबकि अधिकांश प्रमुख क्षेत्रों में खरीदारी हुई, आईटी शेयरों पर दबाव रहा। Nifty Information Technology इंडेक्स 1.81 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा था। साथ ही Nifty MidSmall IT & Telecom में 0.63% की गिरावट दर्ज की गई।
बाजार की कुल तेजी पर भी आईटी शेयरों की कमजोरी दिखाई दी। विपरीत, Nifty FMCG लगभग स्थिर रहा। इससे बाजार में क्षेत्र-विशिष्ट खरीदारी और बिकवाली का एक मिला-जुला रुझान दिखाई दिया।
जापान बैंक ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया
Bank of Japan (BOJ) का ब्याज दरों का फैसला शुक्रवार को वैश्विक बाजारों में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम था। जापान बैंक ने ब्याज दर में बीस बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की, जिससे दर तीन दशक से अधिक समय के उच्च स्तर पर पहुंच गई।
वैश्विक निवेश धारणा और बॉन्ड बाजार जापान की मौद्रिक नीति से प्रभावित हो सकते हैं। केंद्रीय बैंकों के ब्याज दर निर्णय निवेशकों को सतर्क करते हैं क्योंकि इनसे पूंजी के प्रवाह, बॉन्ड यील्ड और जोखिम वाली परिसंपत्तियों की कीमतें प्रभावित हो सकती हैं।
तेजी से एशियाई बाजारों में भी
एशियाई शेयर बाजारों की मजबूती ने भी भारतीय बाजारों को समर्थन दिया। गुरुवार को अमेरिकी बाजार में हुई रिकवरी के बाद शुक्रवार को एशियाई बाजार में सुधार हुआ। जापान को छोड़कर, एशिया-प्रशांत शेयरों का MSCI का व्यापक सूचकांक 0.55% ऊपर था। दक्षिण कोरिया का KOSPI लगभग 2 फीसदी बढ़ा, जबकि जापान का Nikkei करीब 0.9 फीसदी बढ़ा।
हाल ही में अमेरिकी बाजार में हुई बिकवाली के बाद तकनीकी शेयरों में रिकवरी ने वैश्विक बाजार धारणा को भी सहारा दिया। इससे एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार में जोखिम लेने की भावना कुछ बढ़ी।
कच्चे तेल और यूएस Treasury Yield पर नजर
अमेरिकी बॉन्ड बाजार में भी कुछ सुधार हुआ है। 10 वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड लगभग 4.936 प्रतिशत रही। सप्ताह की शुरुआत में यह कुछ समय तक 5% के स्तर से ऊपर था। अमेरिकी शेयर बाजार में राहत की भावना को नरमी ने बढ़ाया।
साथ ही, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने भी भारतीय बाजार को राहत दी है। भारत अपनी कच्चे तेल की आवश्यकताओं का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं, व्यापार घाटा बढ़ सकता है और कंपनियों पर दबाव बढ़ सकता है।
निवेशकों की दिशा
Ponmudi R, Enrich Money के CEO, कहते हैं कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में हल्की नरमी ने वॉल स्ट्रीट में राहत की तेजी को बढ़ावा दिया, जिससे भारतीय बाजारों में भी स्थिर शुरुआत हुई।
वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों, बॉन्ड यील्ड और भू-राजनीतिक घटनाक्रम शुक्रवार को बाजार की आगे की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं। शुरूआती वृद्धि के बावजूद, निवेशकों को अस्थिरता का खतरा बना हुआ है। ऐसे में सेंसेक्स और निफ्टी के अलावा सेक्टोरल इंडेक्स और पूरे बाजार की चाल को भी देखना महत्वपूर्ण होगा।