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AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली में कथित ₹650 करोड़ स्वास्थ्य घोटाले को लेकर BJP सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि दवाइयों और मेडिकल उपकरणों की खरीद से जुड़ी महत्वपूर्ण सरकारी फाइलें गायब हो गई हैं और स्वतंत्र जांच की मांग की।
आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और विधायक सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली में कथित ₹650 करोड़ के स्वास्थ्य घोटाले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि इस कथित घोटाले से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सरकारी फाइलें दिल्ली सरकार के कार्यालयों से गायब हो गई हैं। भारद्वाज के अनुसार, इन फाइलों में दवाइयों, बेडशीट, ओआरएस, एक्स-रे मशीनों और अन्य चिकित्सा उपकरणों की खरीद से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल थे।
‘सबूत मिटाने की साजिश’ का लगाया आरोप
सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि यह कथित ₹650 करोड़ के स्वास्थ्य घोटाले के सबूत मिटाने की साजिश है। उनका कहना है कि जिन सरकारी फाइलों के आधार पर खरीद प्रक्रिया, टेंडर और वित्तीय लेन-देन की जांच की जा सकती थी, वे अब रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने इसे बेहद गंभीर मामला बताते हुए कहा कि यदि महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज ही गायब हो जाएं तो निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है।
सरकार से पूछा- फाइलें आखिर कहां गईं?
भाजपा की ₹650 करोड़ स्वास्थ्य घोटाले के सबूत मिटाने की साज़िश…
दवाइयों, बेडशीट, ORS, एक्स-रे मशीनों और अन्य मेडिकल उपकरणों की खरीद से जुड़े इस महा घोटाले की अहम फाइलें दिल्ली सरकार के दफ्तर से गायब हैं।
सरकार जवाब दे, आखिर कहां गायब हो गईं ये फ़ाइलें ?@Saurabh_MLAgk pic.twitter.com/CYav37mu4q
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) July 28, 2026
आप नेता ने सरकार से सवाल किया कि स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी ये महत्वपूर्ण फाइलें आखिर कहां गायब हो गईं और इनके गायब होने की जिम्मेदारी किसकी है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में स्पष्ट जवाब देना चाहिए कि रिकॉर्ड किस परिस्थिति में लापता हुआ और इसे सुरक्षित रखने के लिए क्या कदम उठाए गए थे।
स्वतंत्र जांच की उठाई मांग
सौरभ भारद्वाज ने इस पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि कथित रूप से गायब हुई फाइलें किन परिस्थितियों में लापता हुईं और यदि इसमें किसी की लापरवाही या भूमिका है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। उनके अनुसार, स्वास्थ्य विभाग से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही अत्यंत आवश्यक है क्योंकि यह सीधे जनता के स्वास्थ्य और सरकारी धन के उपयोग से जुड़ा विषय है।
स्वास्थ्य विभाग की खरीद प्रक्रिया पर उठे सवाल
भारद्वाज के अनुसार, जिन फाइलों के गायब होने का दावा किया गया है, वे दवाइयों, बेडशीट, ओआरएस, एक्स-रे मशीनों और अन्य चिकित्सा उपकरणों की खरीद से संबंधित थीं। उनका कहना है कि यदि ऐसे दस्तावेज उपलब्ध नहीं होंगे तो खरीद प्रक्रिया की पारदर्शिता और वित्तीय अनियमितताओं की जांच करना कठिन हो जाएगा।
सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल, दिल्ली सरकार या भारतीय जनता पार्टी की ओर से सौरभ भारद्वाज के इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यदि सरकार या संबंधित विभाग की ओर से इस मामले में कोई स्पष्टीकरण या बयान जारी किया जाता है, तो मामले की स्थिति और अधिक स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल यह मुद्दा दिल्ली की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।