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पायल विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने सुखबीर बादल और बहबल कलां गोलीकांड को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने जांच में सामने आए तथ्यों को अदालत में पेश करने की मांग की।
पंजाब में बेअदबी और बहबल कलां गोलीकांड का मामला एक बार फिर राजनीतिक चर्चा में है। पायल से विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्यासपुरा ने दावा किया कि बहबल कलां गोलीकांड के दौरान सुखबीर बादल की मौजूदगी और कथित भूमिका को लेकर जांच में सामने आए दस्तावेजों और बयानों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
सुखबीर बादल के बयान पर ग्यासपुरा का सवाल
मनविंदर सिंह ग्यासपुरा के मुताबिक, सुखबीर सिंह बादल लगातार यह बयान देते रहे हैं कि बहबल कलां गोलीकांड के समय वह पंजाब में मौजूद नहीं थे। ग्यासपुरा ने दावा किया कि अब जांच के दौरान सामने आए कुछ दस्तावेज इस दावे पर सवाल खड़े करते हैं। हालांकि, इन आरोपों और दस्तावेजों की अंतिम पुष्टि संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए ही होगी।
ग्यासपुरा ने आरोप लगाया कि उपलब्ध जांच सामग्री के आधार पर इस पूरे घटनाक्रम की दोबारा गंभीरता से जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मामले से जुड़े सभी दस्तावेज, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों को कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत के सामने रखा जाना चाहिए।
बहबल कलां गोलीकांड में दो लोगों की हुई थी मौत
ਫੜਿਆ ਗਿਆ ਸੁਖਬੀਰ ਬਾਦਲ ਦਾ ਬੇਅਦਬੀ ਮਾਮਲੇ ‘ਚ ਬੋਲਿਆ ਵੱਡਾ ਝੂਠ!
ਸੁਖਬੀਰ ਬਾਦਲ ਇਹ ਬਿਆਨ ਦਿੰਦਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਕਿ ਬਹਿਬਲ ਕਲਾਂ ਗੋਲ਼ੀ ਕਾਂਡ ਵੇਲ਼ੇ ਮੈਂ ਪੰਜਾਬ ‘ਚ ਨਹੀਂ ਸੀ ਪਰ ਹੁਣ ਜਾਂਚ ਅਤੇ ਸਾਹਮਣੇ ਆਏ ਕਾਗ਼ਜ਼ ਦੱਸਦੇ ਹਨ ਕਿ ਉਹ ਕਿਸੇ 5 ਤਾਰਾ ਹੋਟਲ ‘ਚ ਬੈਠਾ ਸੰਗਤ ‘ਤੇ ਤਸ਼ੱਦਦ ਦੇ ਹੁਕਮ ਦੇ ਰਿਹਾ ਸੀ ਅਤੇ ਇਸੇ ਦੌਰਾਨ 2 ਬੇਕਸੂਰ,… pic.twitter.com/59KryAMb7E
— AAP Punjab (@AAPPunjab) September 11, 2026
बहबल कलां गोलीकांड पंजाब के सबसे संवेदनशील मामलों में से एक रहा है। गोलीबारी की घटना में गुरजीत सिंह और कृष्ण भगवान सिंह की मौत हुई थी। इस घटना को लेकर लंबे समय से न्याय और जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग उठती रही है।
मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने कहा कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उस समय निर्णय लेने की प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल थे और उनकी क्या भूमिका थी।
गियानी रघुबीर सिंह के बयान का भी किया जिक्र
विधायक ग्यासपुरा ने अपने बयान में गियानी रघुबीर सिंह के बयानों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मामले से जुड़े सभी बयानों और जांच में सामने आए तथ्यों को एक साथ देखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य सामने आते हैं तो उन्हें अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
उन्होंने न्यायिक प्रक्रिया के जरिए दोष तय किए जाने पर जोर देते हुए कहा कि मामले से संबंधित साक्ष्यों को अदालत में पेश किया जाना चाहिए, ताकि कानून के अनुसार कार्रवाई हो सके।
ग्यासपुरा ने की सख्त कार्रवाई की मांग
मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने आरोप लगाया कि बहबल कलां गोलीकांड और बेअदबी से जुड़े मामलों में जिम्मेदारी तय होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका साबित होती है तो उसके खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस मामले में सामने आने वाले दस्तावेज और गवाहों के बयान जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। हालांकि, किसी भी व्यक्ति को दोषी ठहराने का अंतिम अधिकार अदालत का है और जांच में सामने आए आरोपों की न्यायिक जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सकता है।
बहबल कलां गोलीकांड और बेअदबी से जुड़े मामलों को लेकर पंजाब की राजनीति में लंबे समय से आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं। ऐसे में मनविंदर सिंह ग्यासपुरा के ताजा बयान ने एक बार फिर इस मामले को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।