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रविचंद्रन अश्विन ने 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की भारतीय वनडे टीम में वापसी की वकालत की है। उनका मानना है कि दक्षिण अफ्रीका की पिचों पर भुवनेश्वर भारत के लिए अहम साबित हो सकते हैं।
भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने 2027 वनडे विश्व कप को लेकर बड़ा बयान दिया है। अश्विन का मानना है कि अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को एक बार फिर भारतीय वनडे टीम की योजनाओं में शामिल किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि दक्षिण अफ्रीका की तेज और उछाल भरी पिचों पर भुवनेश्वर जैसे अनुभवी स्विंग गेंदबाज भारत के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं।
गौरतलब है कि भुवनेश्वर कुमार ने भारत के लिए आखिरी वनडे मुकाबला जनवरी 2022 में खेला था और तब से वह राष्ट्रीय वनडे टीम से बाहर हैं। इसके बावजूद अश्विन का मानना है कि उनकी उपयोगिता अभी खत्म नहीं हुई है।
दक्षिण अफ्रीका में होगा 2027 वनडे विश्व कप
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के अनुसार, 2027 वनडे विश्व कप की मेजबानी दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया संयुक्त रूप से करेंगे। टूर्नामेंट के मुकाबले जोहान्सबर्ग, सेंचुरियन, डरबन, केपटाउन, पार्ल, ब्लोमफोंटेन, हरारे, बुलावायो, विक्टोरिया फॉल्स और विंडहोक सहित 12 शहरों में खेले जाएंगे।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण अफ्रीका की पिचें पारंपरिक रूप से तेज गेंदबाजों के लिए अनुकूल रही हैं। ऐसे में अनुभवी स्विंग गेंदबाजों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होगी। यही कारण है कि अश्विन ने भुवनेश्वर कुमार के अनुभव को भारत के लिए अहम बताया है।
अश्विन ने भुवनेश्वर के समर्थन में दिया बड़ा बयान
ईएसपीएनक्रिकइन्फो पर 2027 विश्व कप के संभावित भारतीय दल पर चर्चा के दौरान रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि यदि वह टीम प्रबंधन का हिस्सा होते तो भुवनेश्वर कुमार से लगातार संवाद बनाए रखते।
उन्होंने कहा कि भुवनेश्वर को घरेलू क्रिकेट के सभी प्रमुख टूर्नामेंट, जैसे विजय हजारे ट्रॉफी और प्रथम श्रेणी क्रिकेट, नियमित रूप से खेलने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए ताकि वह पूरी तरह मैच फिट होकर दक्षिण अफ्रीका के लिए तैयार रहें।
अश्विन के अनुसार, यदि भुवनेश्वर अच्छी लय में रहते हैं तो वह भारत के लिए बड़े मैचों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
वनडे करियर रहा शानदार
भुवनेश्वर कुमार ने भारत के लिए वनडे क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने वर्ष 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे पदार्पण किया था और अपने पहले ही ओवर की पहली गेंद पर विकेट लेकर यादगार शुरुआत की थी।
अब तक उन्होंने 121 वनडे मैचों में 141 विकेट हासिल किए हैं। नई गेंद से स्विंग कराने की उनकी क्षमता और डेथ ओवरों में सटीक गेंदबाजी उन्हें लंबे समय तक भारतीय टीम का अहम सदस्य बनाए रखी।
हालांकि पिछले कुछ वर्षों में युवा तेज गेंदबाजों के उभरने के बाद वह चयनकर्ताओं की प्राथमिकता में पीछे चले गए।
इन खिलाड़ियों को भी बताया विश्व कप का दावेदार
रविचंद्रन अश्विन ने 2027 विश्व कप के लिए संभावित भारतीय टीम पर चर्चा करते हुए कई अन्य खिलाड़ियों का भी समर्थन किया। उन्होंने रोहित शर्मा, विराट कोहली, शुभमन गिल, हार्दिक पांड्या, कुलदीप यादव और मोहम्मद सिराज को भविष्य की योजनाओं का अहम हिस्सा बताया।
वहीं दूसरी ओर उन्होंने संकेत दिया कि संजू सैमसन और शिवम दुबे जैसे खिलाड़ियों की विश्व कप टीम में जगह बनाना फिलहाल कठिन दिखाई देता है।
IPL में अब भी दिखा रहे हैं दम
भले ही भुवनेश्वर कुमार पिछले कुछ वर्षों से भारतीय वनडे टीम का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में उनका प्रदर्शन लगातार प्रभावशाली रहा है।
हाल ही में वह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की ओर से खेलते नजर आए और टीम के सफल अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नई गेंद से विकेट लेने और अनुभव के दम पर दबाव भरे मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करने की उनकी क्षमता अब भी बरकरार है।
क्या हो सकती है टीम इंडिया में वापसी?
भुवनेश्वर कुमार की भारतीय टीम में वापसी आसान नहीं होगी क्योंकि मौजूदा समय में टीम के पास कई युवा और प्रतिभाशाली तेज गेंदबाज मौजूद हैं। लेकिन यदि वह घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो चयनकर्ता एक बार फिर उनके अनुभव पर भरोसा जता सकते हैं।
विशेषकर दक्षिण अफ्रीका जैसी परिस्थितियों में स्विंग गेंदबाजी का महत्व बढ़ जाता है, जहां भुवनेश्वर पहले भी प्रभाव छोड़ चुके हैं।
अनुभव और परिस्थितियों का संतुलन जरूरी
रविचंद्रन अश्विन का मानना है कि बड़े टूर्नामेंट केवल युवा खिलाड़ियों के दम पर नहीं जीते जाते, बल्कि अनुभव और परिस्थितियों की समझ भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। भुवनेश्वर कुमार ऐसे गेंदबाज हैं जिन्होंने दुनिया के लगभग हर बड़े मैदान पर गेंदबाजी की है और दबाव में टीम को मैच जिताए हैं।
अब देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय चयनकर्ता 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों के दौरान भुवनेश्वर कुमार के अनुभव को महत्व देते हैं या युवा खिलाड़ियों पर ही भरोसा बनाए रखते हैं। फिलहाल अश्विन के इस बयान ने अनुभवी तेज गेंदबाज की संभावित वापसी को लेकर क्रिकेट जगत में नई चर्चा जरूर छेड़ दी है।