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सत्य निकेतन PG हादसे के बाद AAP नेता अनुराग ढांडा ने दिल्ली में PG कारोबार और MCD की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने BJP नेताओं पर PG रैकेट चलाने के आरोप लगाए।
दिल्ली के सत्य निकेतन में PG इमारत गिरने से हुई दर्दनाक घटना के बाद राजधानी में अवैध और अनियमित PG कारोबार को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली नगर निगम (MCD) के अधिकारियों और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
AAP के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने आरोप लगाया कि दिल्ली में MCD अधिकारियों की कथित मिलीभगत से नियमों की अनदेखी कर PG का कारोबार चलाया जा रहा है। उनका कहना है कि इसी तरह की लापरवाही का खामियाजा निर्दोष बच्चों को अपनी जान गंवाकर भुगतना पड़ा।
सत्य निकेतन में हाल ही में पांच मंजिला PG इमारत ढहने से 7 लोगों की मौत हुई। हादसे के बाद इमारत की सुरक्षा, अवैध निर्माण और PG संचालन की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।
BJP नेताओं पर PG कारोबार में शामिल होने का आरोप
दिल्ली में ये चर्चा चल रही है कि कैसी MCD की मिलीभगत से नियमों को ताक पर रखकर PG का धंधा चल रहा है।
यही कारण है कि सत्य निकेतन के हादसे में मासूम बच्चों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
AAP के नेशनल मीडिया इंचार्ज @Anuragdhanda जी ने बता रहे हैं कि कैसे भाजपा नेताओं द्वारा PG का ये… pic.twitter.com/gh2TGniVcF
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) September 9, 2026
अनुराग ढांडा ने आरोप लगाया कि दिल्ली में PG का एक ऐसा नेटवर्क चल रहा है, जिसमें नियमों को ताक पर रखकर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे कथित रैकेट में BJP नेताओं की भूमिका और उनके संरक्षण की जांच होनी चाहिए।
AAP नेता के मुताबिक, सवाल सिर्फ एक इमारत के गिरने का नहीं है, बल्कि यह पता लगाने का है कि आखिर लंबे समय तक नियमों का उल्लंघन कैसे होता रहा और संबंधित विभागों के अधिकारी कार्रवाई क्यों नहीं कर पाए।
MCD की भूमिका पर भी सवाल
सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। पांच अधिकारियों के निलंबन की रिपोर्ट सामने आई है। इसके अलावा दिल्ली में असुरक्षित और अवैध इमारतों के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई है।
AAP का आरोप है कि यदि संबंधित एजेंसियां समय रहते PG इमारतों की जांच और नियमों का पालन सुनिश्चित करतीं, तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता था।
PG को लेकर नए नियमों की तैयारी
हादसे के बाद दिल्ली में PG व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए नए नियमों की जरूरत पर भी चर्चा तेज हुई है। प्रस्तावित व्यवस्था में PG के लिए लाइसेंस, पुलिस क्लियरेंस और संरचनात्मक एवं अग्नि सुरक्षा से जुड़े प्रमाणपत्रों जैसी शर्तें शामिल किए जाने की बात सामने आई है।
AAP का कहना है कि सिर्फ हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय PG संचालकों, अवैध निर्माण और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के लिए स्थायी निगरानी व्यवस्था जरूरी है।
अनुराग ढांडा ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और यह सामने लाया जाए कि दिल्ली में नियमों को दरकिनार कर PG कारोबार किसके संरक्षण में चल रहा था।