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कुमार कुशाग्र ने दलीप ट्रॉफी फाइनल में 132 गेंदों पर 101 रन की शानदार पारी खेली। शतक पूरा करने के बाद उनका अनोखा वायलिन सेलिब्रेशन सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
गुजरात टाइटंस के दिग्गज विकेटकीपर-बल्लेबाज कुमार कुशाग्र ने दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन के लिए खेलते हुए अपने शानदार शतक का जश्न बहुत अलग तरह से मनाया। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में साउथ जोन के खिलाफ खेले जा रहे मुकाबले में कुशाग्र ने अपना शतक पूरा करते हुए मैदान पर वायलिन बजाते हुए सेलिब्रेशन किया। यह अंदाज कैमरा में कैद हो गया और तुरंत सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। क्रिकेट प्रशंसकों को यह अनूठा उत्सव बहुत पसंद आ रहा है। वह शतक पूरा करने के कुछ ही समय बाद आउट हो गए, लेकिन उनकी 101 रनों की शानदार पारी ने ईस्ट जोन को विजयी बनाया।
128 गेंदों में शतक लगाया
फाइनल मुकाबले में कुमार कुशाग्र ने धैर्य और साहस का शानदार मिश्रण दिखाया। 128 गेंदों के बाद उन्होंने अपना शतक पूरा किया। 100वें ओवर की पहली गेंद पर श्रीयस गोपाल ने लेंथ गेंद डाली, जिसे कुशाग्र ने लेग साइड की ओर खेलकर एक रन लिया, जिससे वह तीन अंकों तक पहुंच गया।
शतक पूरा होते ही, कुशाग्र ने वायलिन बजाने की मुद्रा बनाकर उत्सव मनाया। सोशल मीडिया पर उनकी पुस्तक चर्चा का विषय बन गई है। कुशाग्र की रचनात्मकता भी प्रशंसकों को दिखाई दी। क्रिकेट मैदान पर खिलाड़ी अक्सर अपने शतक या विकेट को अलग-अलग तरह से मनाते हैं, लेकिन वायलिन बजाने का अंदाज बहुत अलग था।
132 गेंदों में 101 रन बनाकर आउट हुए
शतक पूरा होने के बाद, कुमार कुशाग्र क्रीज पर बहुत देर नहीं टिक सका। उनका स्कोर 132 गेंदों में 101 रन था। उन्होंने इस पारी में आठ चौके और पांच छक्के लगाए। कुशाग्र के बाहर निकलने के बाद ईस्ट जोन का स्कोर 471 रन पर पांच विकेट हो गया।
कुशाग्र की इस पारी ने टीम को उस समय मजबूती दी, जब उनकी साझेदारी ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन के साथ टीम का स्कोर तेजी से बढ़ा रही थी। दोनों बल्लेबाजों ने विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और ईस्ट जोन को बड़ा स्कोर दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
वैभव और अभिमन्यु ने एक मजबूत शुरुआत दी
मुकाबले में ईस्ट जोन ने पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया था। टीम के लिए अभिमन्यु ईश्वरन और वैभव सूर्यवंशी ने पारी शुरू की। पहले विकेट के लिए दोनों ने 100 रनों की बड़ी साझेदारी की। 15वें ओवर में, हालांकि, चामा मिलिंद ने वैभव सूर्यवंशी को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ दिया।
शिखर मोहन के साथ अभिमन्यु ईश्वरन ने दूसरे विकेट के लिए 33 रन जोड़े। ईश्वरन ने 72 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली, लेकिन 25वें ओवर में रन आउट हो गए। उन्हें देवदत्त पडिक्कल और नारायण जगदीशन ने रन आउट किया।
East Zone ने 147 रन पर तीन विकेट खो दिए
ईश्वरन के बाहर निकलने के बाद ईस्ट जोन की पारी थोड़ी कठिन हो गई। टीम ने जल्द ही 147 रन पर तीन विकेट लिए। तब शिखर मोहन और कप्तान ईशान किशन ने पारी संभाली।
दोनों ने चौथे विकेट के लिए 94 रनों की साझेदारी की, जो बहुत महत्वपूर्ण थी। इस सहयोग ने पूर्वी क्षेत्र को फिर से मजबूत किया। किंतु 53वें ओवर में चामा मिलिंद ने शिखर मोहन को आउट कर साझेदारी तोड़ दी।
ईशान और कुशाग्र ने मैच की दिशा बदल दी
शिखर मोहन के बाहर निकलने के बाद कुमार कुशाग्र क्रीज पर आए और कप्तान ईशान किशन का साथ देने लगे। दोनों बल्लेबाजों ने पांच विकेट के लिए 230 रनों की बड़ी साझेदारी की। इस जोड़ी ने पूरी तरह से पश्चिमी क्षेत्र की पारी संभाली।
ईशान ने एक छोर पर मोर्चा संभाले रखा, लेकिन कुशाग्र ने अपने आक्रामक अंदाज में लगातार रन बनाए। साउथ जोन के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ा, दोनों ने 230 रनों की साझेदारी की। हालाँकि, त्रिपुराना की जीत ने बाद में कुशाग्र को बाहर कर दिया और इस शानदार साझेदारी को समाप्त कर दिया।
ईशान किशन ने भी ऐतिहासिक गोल किया
कुमार कुशाग्र के बाहर निकलने के बाद ईशान किशन और अनुकूल रॉय ने छठे विकेट के लिए भी बड़ी साझेदारी की। दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर 140 रन बनाए। इस दौरान ईशान किशन ने 250 रन की शानदार बल्लेबाजी की।
ईशान की पारी भी इस मैच की सबसे बड़ी उपलब्धि थी। 250 रन के स्कोर पर वे रिटायर हो गए। ईस्ट जोन की पहली पारी में कई महत्वपूर्ण साझेदारियों ने टीम को बहुत मजबूत बनाया।
सोशल मीडिया पर छाया हिंसा की घोषणा
कुमार कुशाग्र की शतकीय पारी इतनी चर्चा में आई कि उनका वायलिन सेलिब्रेशन भी उतना ही चर्चा में आया। मैदान में उनके इस विशिष्ट अंदाज का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। प्रशंसक उनके उत्सव को संगीतकारों के वायलिन बजाने से तुलना कर रहे हैं।
कुशाग्र ने जहां अपनी बल्लेबाजी से टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया, वहीं शतक के बाद अपने अनूठे सेलिब्रेशन से मुकाबले को रोमांचक बनाया। कुमार कुशाग्र ने दलीप ट्रॉफी फाइनल में 101 रन की पारी और यादगार जश्न के साथ क्रिकेट प्रशंसकों के बीच एक अलग छाप छोड़ी है।