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एबी डिविलियर्स ने इंग्लैंड के खिलाफ पाकिस्तान के खराब प्रदर्शन के बीच टीम की बल्लेबाजी पर सवाल उठाए। उन्होंने खिलाड़ियों में अतिरिक्त मेहनत और मुश्किल हालात से लड़ने के जज्बे की कमी बताई।
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व महान क्रिकेटर एबी डिविलियर्स ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम के मौजूदा प्रदर्शन पर सख्त टिप्पणी की है। पाकिस्तान की टीम इन दिनों इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट सीरीज खेल रही है, जिसमें शुरुआती दो मुकाबलों में उसे करारी हार हुई है। टीम की बुरी प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भी टीम में कई परिवर्तन किए हैं। डिविलियर्स, हालांकि, मानते हैं कि पाकिस्तान की समस्या केवल बोर्ड के निर्णय, कोचिंग या चयन तक सीमित नहीं है। उन्होंने खिलाड़ियों की निजी मेहनत और टीम के लिए अधिक मेहनत करने की इच्छा पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने खास तौर पर पाकिस्तान की बल्लेबाजी टीम पर निराशा जताई और कहा कि खिलाड़ियों में पर्याप्त त्याग और जज्बा नहीं दिखाई देता।
पाकिस्तान का बुरा इंग्लैंड दौरा
बाबर आजम की अगुआई वाली पाकिस्तानी टीम की इंग्लैंड दौरे की शुरुआत बहुत बुरी रही। टीम ने हेडिंग्ले में पहला टेस्ट और लॉर्ड्स में दूसरा टेस्ट दोनों में बुरी तरह हारी। पाकिस्तानी खिलाड़ियों का प्रदर्शन दोनों मुकाबलों में अच्छा नहीं रहा और टीम इंग्लैंड के सामने कई बार दबाव में रही।
बल्लेबाजों से विदेशी टेस्ट क्रिकेट में निरंतर अच्छा प्रदर्शन करने के लिए लंबे समय तक क्रीज पर रहने और मुश्किल हालात का सामना करने की उम्मीद होती है। लेकिन पाकिस्तान की बल्लेबाजी दोनों टेस्ट में उतनी शक्तिशाली नहीं थी। इससे इंग्लैंड ने दोनों मुकाबलों में पाकिस्तान पर दबदबा बनाए रखा और सीरीज में बढ़त हासिल की।
PCB ने महत्वपूर्ण बदलाव किए
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने पहले दो टेस्ट में लगातार हार के बाद तीसरे और अंतिम टेस्ट से पहले टीम में काफी बदलाव करने का निर्णय लिया। सात खिलाड़ियों को बोर्ड ने वापस घर भेज दिया। टेस्ट कोच सरफराज अहमद को भी पद से हटा दिया गया, और सफेद गेंद की टीम का कोच माइक हेसन बन गया।
इन बदलावों से स्पष्ट हो गया कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड टीम का प्रदर्शन बहुत चिंताजनक था। एबी डिविलियर्स ने कहा कि केवल खिलाड़ियों या कोचों में बदलाव करने से समस्या हल नहीं होगी। उनका कहना है कि खिलाड़ियों को अपनी जिम्मेदारियों को समझना होगा और मुश्किल हालात में अधिक मेहनत करने की आदत विकसित करनी होगी।
डिविलियर्स ने बल्लेबाजी इकाई पर प्रश्न उठाया
अपने यूट्यूब चैनल पर एबी डिविलियर्स ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम के प्रदर्शन पर चर्चा करते हुए बल्लेबाजों को खास तौर पर निशाने पर लिया। उन्हें लगता था कि फिलहाल पाकिस्तान के कई खिलाड़ियों में व्यक्तिगत रूप से अधिक परिश्रम करने की इच्छा नहीं है।
पूर्व दक्षिण अफ्रीकी कप्तान ने कहा कि वे बल्लेबाजी इकाई में यह कमी अधिक देखते हैं। उनका प्रश्न था कि क्या खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट में सफलता हासिल करने के लिए अतिरिक्त श्रम और त्याग करने को तैयार हैं। डिविलियर्स ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में सिर्फ प्रतिभा पर्याप्त नहीं होती; धैर्य, मानसिक बल और संघर्ष करने की क्षमता भी आवश्यक हैं।
“पर्याप्त साहस नहीं दिखता”
डिविलियर्स ने अपनी टिप्पणी में कहा कि वे पाकिस्तान के खिलाड़ियों में टेस्ट क्रिकेट में आवश्यक अतिरिक्त मेहनत नहीं देखते। बल्लेबाजी टीम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उनके पास पर्याप्त “गट्स” नहीं हैं, यानी मुश्किल हालात में खड़े रहने की इच्छा नहीं है।
बल्लेबाजों को टेस्ट क्रिकेट में घंटों तक एकाग्रता बनाए रखना पड़ता है। किसी भी बल्लेबाज को नई गेंद का सामना करने से लेकर स्पिन और तेज गेंदबाजी के खिलाफ लंबे समय तक टिके रहना मुश्किल होता है। डिविलियर्स ने कहा कि पाकिस्तानी बल्लेबाजों को ऐसी चुनौती का सामना करने के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से पर्याप्त तैयारी है।
यह सिर्फ बोर्ड की समस्या नहीं है।
पाकिस्तान क्रिकेट में खराब प्रदर्शन अक्सर चयन समिति, कोच और बोर्ड की नीतियों पर प्रश्न उठाते रहे हैं। शुरुआती दो टेस्ट में हार के बाद PCB ने भी बड़े निर्णय लिए। लेकिन डिविलियर्स का मानना है कि बोर्डरूम के फैसलों से टीम की वर्तमान चुनौती नहीं समझा जा सकती।
उनका कहना है कि खिलाड़ियों को भी अपनी स्थिति और कर्तव्यों को समझना होगा। विशेष रूप से टेस्ट क्रिकेट में, व्यक्तिगत प्रदर्शन टीम के नतीजे पर सीधे असर डालता है। रणनीति और कोचिंग बदलाव के बावजूद जीत हासिल करना मुश्किल होता है अगर बल्लेबाज क्रीज पर लंबे समय तक नहीं रहते या गेंदबाज विपक्षी बल्लेबाजों पर निरंतर दबाव बना नहीं पाते।
तीसरे टेस्ट में वापसी
पाकिस्तान के लिए इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज का तीसरा और अंतिम टेस्ट बहुत महत्वपूर्ण हो गया है। शुरूआती दो खेल गंवाने के बाद टीम को अब सम्मान बचाना है। बोर्ड द्वारा किए गए बदलावों के बाद खिलाड़ियों पर बेहतर प्रदर्शन का दबाव भी रहेगा।
अब देखना होगा कि माइक हेसन की नई जिम्मेदारी और टीम में किए गए बदलाव पाकिस्तान के प्रदर्शन को कितना बेहतर बना सकते हैं। यह भी दिलचस्प होगा कि पाकिस्तानी बल्लेबाज एबी डिविलियर्स अपने प्रदर्शन से आलोचना का जवाब दे पाते हैं या नहीं। हालाँकि, डिविलियर्स की टिप्पणी ने पाकिस्तानी क्रिकेट में प्रशासनिक बदलाव के अलावा खिलाड़ियों की मेहनत, मानसिक मजबूती और टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर भी बहस तेज कर दी है।