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ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में साउथ जोन के खिलाफ शानदार दोहरा शतक जड़ा। वह ईस्ट जोन के लिए यह उपलब्धि हासिल करने वाले तीसरे बल्लेबाज बने।
सोमवार, 7 सितंबर को ईस्ट जोन की कप्तानी कर रहे ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल मुकाबले में इतिहास रच दिया। ईशान ने साउथ जोन के खिलाफ चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खिताबी मुकाबले में बल्ले से ऐसी शानदार पारी खेली, जिसने उन्हें दलीप ट्रॉफी के रिकॉर्ड बुक में खास जगह दिला दी। झारखंड के 28 वर्षीय बाएं हाथ के विकेटकीपर-बल्लेबाज ने ईस्ट जोन की पहली पारी में 301 गेंदों का सामना करते हुए 250 रन बनाए और फिर खुद को रिटायर आउट करने का निर्णय लिया। ईशान ने दलीप ट्रॉफी में 250 रन बनाने वाले पहले विकेटकीपर-बल्लेबाज बन गए हैं।
301 गेंदों में 250 रन बनाए
ईशान किशन ने अपनी इस पारी में शानदार आक्रामक बल्लेबाजी की। Онोंने 301 गेंदों पर 250 रन बनाए, 27 चौके और सात छक्के लगाए। कुल मिलाकर, यानी ईशान ने अपनी पारी में 34 बार गेंद को सीमा रेखा के पार भेजा। उनकी बल्लेबाजी में धैर्य और आक्रामकता का अच्छा मेल था।
ईस्ट जोन की पहली पारी में पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे ईशान ने शुरू से ही विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। उन्होंने पहली पारी को संभाला और फिर दोहरे शतक के बाद 250 रन भी बनाए। अपनी ऐतिहासिक पारी के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण सहयोग भी किए, जिससे ईस्ट क्षेत्र मजबूत हुआ।
कुमार कुशाग्र ने 230 रनों की साझेदारी बनाई
कुमार कुशाग्र ने पांचवें विकेट के लिए ईशान किशन के साथ शानदार साझेदारी की। दोनों ने 287 गेंदों में 230 रन जोड़े। इस सहयोग ने पूर्वी क्षेत्र की पारी को मजबूत किया। कुमार कुशाग्र ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 101 रन बनाए।
ईशान ने इस साझेदारी के दौरान अपनी बल्लेबाजी का एक अलग अंदाज दिखाया। उन्होंने लगातार स्ट्राइक रोटेट करते हुए स्कोरबोर्ड को तेजी से आगे बढ़ाया और खराब गेंदों को सीमा से बाहर भेजा। दोनों बल्लेबाजों के बीच हुई यह साझेदारी ईस्ट जोन की पहली पारी में सबसे महत्वपूर्ण थी।
अनुकूल रॉय के साथ भी ईशान
कुमार कुशाग्र के बाहर निकलने के बाद ईशान ने अनुकूल रॉय के साथ छठे विकेट के लिए भी शानदार साझेदारी की। दोनों ने 180 गेंदों में मिलाकर 140 रन बनाए। ईशान ने इस साझेदारी में एक विशिष्ट योगदान दिया। 95 गेंदों में 93 रन बनाए।
ईशान ने अनुकूल रॉय के साथ बल्लेबाजी करते हुए अपनी पारी को 250 रन तक पहुंचाया। इस दौरान उन्होंने शानदार चौके और छक्के लगाए। उन्होंने 250 रन की पारी में सात छक्के और 27 चौके लगाए, जो उनके आक्रामक खेल का संकेत देता है।
दलीप ट्रॉफी में सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर
ईशान किशन ने 250 रन की पारी में दलीप ट्रॉफी के इतिहास में विकेटकीपर-बल्लेबाज द्वारा बनाए गए सबसे बड़े व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड अपने नाम किया। नमन ओझा पहले यह रिकॉर्ड था।
2014 की दलीप ट्रॉफी में, नमन ओझा ने सेंट्रल जोन के खिलाफ मोहाली में नॉर्थ जोन के खिलाफ 217 रन की शानदार पारी खेली थी। इस पारी में उन्होंने 348 गेंदों का सामना किया था। ईशान ने अब 250 रन बनाकर ओझा का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। दलीप ट्रॉफी में 250 रन बनाने वाले पहले विकेटकीपर भी बन गए हैं।
ईशान ने रिटायर होकर पवेलियन वापस आया
इतिहास रचने के बाद इशान किशन ने अपनी पारी खुद समाप्त करने का निर्णय लिया। 250 रन बनाने के बाद दूसरी पारी में रिटायर आउट होकर पवेलियन लौट गए। यह उनकी टीम की रणनीति को देखते हुए किया गया था। ईस्ट जोन को पारी घोषित करने या आगे रन बनाने के लिए पर्याप्त समय मिल सकता है।
ईशान के इस निर्णय ने उनकी ऐतिहासिक पारी को और अधिक विशिष्ट बना दिया। उन्होंने 301 गेंदों में 250 रन बनाकर टीम को मजबूत बनाने के बाद मैदान छोड़ा।
भारतीय टीम में वापसी का बलवान दावा
ईशान किशन के व्यक्तिगत करियर में भी यह पारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को ऐसे बड़े मुकाबलों में लंबी पारियां मिल सकती हैं जो उन्हें राष्ट्रीय टीम में वापस ला सकती हैं। ईशान पहले भारतीय टीम के लिए सीमित ओवरों के क्रिकेट में खेल चुके हैं, और वे अच्छी तरह से विकेटकीपिंग करते हैं और आक्रामक बल्लेबाजी करते हैं।
ईशान ने एक बार फिर दलीप ट्रॉफी फाइनल में 250 रन की ऐतिहासिक पारी खेलकर अपनी क्षमता साबित कर दी है। अब चयनकर्ताओं और क्रिकेट प्रशंसकों की इस पारी पर नजर रहेगी। फिलहाल, ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी इतिहास में विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में 250 रन का नया रिकॉर्ड बनाया है।