मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ (Mukh Mantri Sehat Yojana) के तहत हर परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक का मुफ्त और कैशलेस इलाज देने की ऐतिहासिक शुरुआत की है।
पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने राज्य के नागरिकों को स्वास्थ्य के मोर्चे पर एक बहुत बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान (Chief Minister Bhagwant Singh Mann) के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने पूरे राज्य को इलाज के खर्च की चिंता से हमेशा के लिए मुक्त कर दिया है। सरकार द्वारा शुरू की गई ऐतिहासिक ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ (Mukh Mantri Sehat Yojana – MMSY) के तहत अब पंजाब के हर एक परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक के मुफ्त और कैशलेस इलाज की गारंटी दी गई है।
इस योजना के तहत जारी किए जा रहे ‘Aapka Sehat Card’ ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई क्रांति ला दी है, जिससे अब गरीब से गरीब व्यक्ति भी बड़े से बड़े अस्पताल में सम्मान के साथ अपना इलाज करा सकेगा।
न जाति का बंधन, न सदस्यों की सीमा: सभी के लिए ‘यूनिवर्सल’ इलाज
ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਇਲਾਜ ਦੇ ਖ਼ਰਚ ਦੀ ਚਿੰਤਾ ਤੋਂ ਮੁਕਤ ਕੀਤਾ ਸਾਰਾ ਪੰਜਾਬ!
ਹਰ ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਬਣਾਇਆ 10 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਤੱਕ ਦੇ ਮੁਫ਼ਤ ਇਲਾਜ ਦਾ ਹੱਕਦਾਰ, ਨਾ ਪਰਿਵਾਰ ਦੇ ਮੈਂਬਰਾਂ ਦੀ ਗਿਣਤੀ ਦੀ ਸ਼ਰਤ ਅਤੇ ਨਾ ਹੀ ਜਾਤ ਵਰਗ ਦੀ#AapkaSehatCard pic.twitter.com/e8jE48ygyn
— AAP Punjab (@AAPPunjab) July 11, 2026
पंजाब सरकार की इस स्वास्थ्य योजना की सबसे बड़ी और खास बात यह है कि इसे पूरी तरह से भेदभाव रहित और पारदर्शी बनाया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस मुफ्त इलाज का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित कोई भी बंदिशें आड़े नहीं आएंगी:
- वर्ग या जाति का कोई बंधन नहीं: यह योजना किसी विशेष जाति, वर्ग या आय सीमा (No Income Cap) तक सीमित नहीं है। अमीर हो या गरीब, पंजाब का हर स्थायी निवासी इस योजना का हकदार है।
- परिवार के सदस्यों की संख्या पर कोई सीमा नहीं: कई सरकारी योजनाओं में परिवार के सदस्यों की संख्या तय होती है, लेकिन ‘आपका सेहत कार्ड’ में परिवार के सदस्यों की संख्या को लेकर कोई शर्त नहीं रखी गई है।
- सभी धर्मों और वर्गों की समान भागीदारी: राज्य के सभी लगभग 65 लाख परिवारों (करीब 3 करोड़ नागरिकों) को इस स्वास्थ्य सुरक्षा चक्र के दायरे में लाया गया है।
सरकारी और निजी अस्पतालों में मिलेगा कैशलेस इलाज का लाभ
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल के विजन के अनुसार, इस योजना को लागू करने का मुख्य उद्देश्य यह है कि पैसे के अभाव में किसी भी पंजाबी को अपना इलाज न रोकना पड़े।
इस योजना के अंतर्गत पंजाब और चंडीगढ़ के 900 से अधिक सूचीबद्ध (Empanelled) सरकारी और चुनिंदा प्रीमियम निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। इसमें गंभीर बीमारियों, सर्जरी और डायग्नोस्टिक टेस्ट सहित 2000 से अधिक मेडिकल पैकेजेस को शामिल किया गया है। मरीज को अस्पताल में भर्ती होते ही सिर्फ अपना ‘सेहत कार्ड’ दिखाना होगा और बिना एक भी रुपया जेब से दिए उसका पूरा इलाज पूरी तरह से पेपरलेस और कैशलेस माध्यम से किया जाएगा।
सरकार ने इस व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए बीमा कंपनी को एडवांस प्रीमियम का भुगतान भी कर दिया है, ताकि अस्पतालों को उनके क्लेम का भुगतान समय पर (15 दिनों के भीतर) हो सके। मान सरकार का यह कदम पंजाब को देश का पहला ऐसा राज्य बनाता है जहां स्वास्थ्य, शिक्षा और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह से सार्वभौमिक (Universal) और मुफ्त कर दी गई हैं।