Table of Contents
ओडिशा में SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। सत्यापन के बाद 20.56 लाख नाम हटाए गए और 2.90 लाख नए मतदाता जोड़े गए।
ओडिशा में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया पूरी हो गई है और अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है। ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. गोपालन के अनुसार, सत्यापन के बाद कुल करीब 20.56 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। अंतिम मतदाता सूची में राज्य में कुल 3,16,32,754 मतदाता दर्ज हैं। इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या करीब 1.61 करोड़, महिला मतदाताओं की संख्या करीब 1.55 करोड़ और तीसरे लिंग के 2,774 मतदाता शामिल हैं। यह जानकारी एस. गोपालन ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत के दौरान दी।
30 मई 2026 से शुरू हुआ था SIR अभियान
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक, ओडिशा में SIR की प्रक्रिया 30 मई 2026 को शुरू हुई थी। उस समय राज्य की मतदाता सूची में करीब 3,13,99,000 मतदाता दर्ज थे। पहले चरण की जांच के दौरान करीब 20.12 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए। इनमें लगभग 8.32 लाख ऐसे मतदाता थे जिनकी मृत्यु हो चुकी थी, करीब 8.08 लाख स्थायी रूप से दूसरी जगह चले गए थे, लगभग 2 लाख मतदाता अनुपस्थित पाए गए और करीब 1.58 लाख मतदाताओं के एक से अधिक स्थानों पर नाम दर्ज होने की बात सामने आई।
5 जुलाई को जारी हुई थी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट
SIR प्रक्रिया के दौरान 5 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी। इस सूची में करीब 3,13,87,034 मतदाता शामिल थे। ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद निर्वाचन अधिकारियों ने उन मतदाताओं से दावे और आपत्तियां आमंत्रित कीं, जिनके रिकॉर्ड में किसी तरह की समस्या थी या जिनकी पुरानी मतदाता सूची से मैपिंग नहीं हो सकी थी। निर्वाचन आयोग के SIR दिशानिर्देशों में भी ऐसे मामलों में संभावित कारणों की जांच और संबंधित सूचनाओं को सार्वजनिक करने की प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
58 लाख से ज्यादा मतदाताओं को नोटिस
एस. गोपालन के अनुसार, करीब 13 लाख मतदाताओं की 2002 की मतदाता सूची से मैपिंग नहीं हो सकी थी। इसके अलावा लगभग 45.37 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में तार्किक त्रुटियां पाई गईं। इन दोनों श्रेणियों को मिलाकर करीब 58.36 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए। सुनवाई और सत्यापन के बाद इनमें से करीब 24 हजार मतदाता पात्र नहीं पाए गए और उनके नाम भी अंतिम सूची से हटा दिए गए।
दावे और आपत्तियों के बाद भी हुए बदलाव
SIR के दौरान मतदाताओं को अपने नाम और विवरण से संबंधित दावे या आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, करीब 57 हजार फॉर्म-7 प्राप्त हुए। इनमें से लगभग 20 हजार मामलों को सही पाए जाने के बाद संबंधित नाम हटाए गए। ड्राफ्ट सूची के बाद कुल मिलाकर करीब 44,777 मतदाताओं को हटाया गया। वहीं, पात्र नए आवेदकों को मतदाता सूची में शामिल भी किया गया।
2.90 लाख नए मतदाता जुड़े
अंतिम सूची तैयार करने के दौरान मतदाता सूची में नए नाम भी जोड़े गए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक, करीब 2.74 लाख फॉर्म-6 और लगभग 16 हजार फॉर्म-8 प्राप्त हुए। इनके आधार पर करीब 2.90 लाख मतदाताओं को सूची में शामिल किया गया। यही वजह है कि ड्राफ्ट सूची के मुकाबले अंतिम मतदाता सूची में कुल मतदाताओं की संख्या बढ़ी है। अंतिम सूची में 3.16 करोड़ से अधिक मतदाता दर्ज किए गए हैं।
अंतिम सूची में पुरुष, महिला और तीसरे लिंग के मतदाता
अंतिम मतदाता सूची में कुल 3,16,32,754 मतदाता हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इनमें करीब 1,61,30,000 पुरुष, 1,54,99,000 महिला और 2,774 तीसरे लिंग के मतदाता शामिल हैं। इस तरह SIR के दौरान बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के बावजूद नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जाने के बाद अंतिम सूची का कुल आकार ड्राफ्ट सूची की तुलना में बढ़ा है।
करीब 6 प्रतिशत मतदाता सूची में हुआ बदलाव
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि हटाए गए मतदाताओं की संख्या कुल मतदाता सूची का करीब 6 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि SIR की प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है और इसके बाद मतदाता सूची में निरंतर अपडेट की प्रक्रिया जारी रहेगी। इसका मतलब है कि जिन पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में नहीं है, वे अब भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं।
नाम जुड़वाने और सुधार के लिए क्या करें?
SIR पूरा होने के बाद भी मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या विवरण में सुधार के लिए निर्धारित फॉर्म का इस्तेमाल किया जा सकता है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के जरिए संबंधित आवेदन किए जा सकते हैं। आवेदन ऑनलाइन भी किया जा सकता है या फिर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को फॉर्म दिया जा सकता है। निर्वाचन आयोग के वोटर सर्विसेज पोर्टल पर भी मतदाता अपना नाम खोजने, नए पंजीकरण, विवरण में सुधार और अन्य मतदाता सेवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं।
अंतिम सूची के बाद भी जारी रहेगी मतदाता सेवा
ओडिशा में SIR के पूरा होने और अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद प्रक्रिया का अगला चरण नियमित अपडेट से जुड़ा है। मतदाता अपने नाम और विवरण की जांच कर सकते हैं और किसी त्रुटि की स्थिति में निर्धारित माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इस तरह SIR के तहत किए गए सत्यापन के बाद भी पात्र नागरिकों के लिए मतदाता सूची को अपडेट कराने की प्रक्रिया खुली रहेगी।