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दिल्ली में पीएम सूर्य घर योजना के तहत नया पोर्टल शुरू हुआ है। रूफटॉप सोलर पर केंद्र और दिल्ली सरकार से कुल 1.56 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी।
दिल्ली सरकार ने राजधानी के घरों में रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को ‘दिल्ली पीएम सूर्य घर’ रजिस्ट्रेशन पोर्टल लॉन्च किया। यह पोर्टल केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य दिल्ली के लोगों के लिए घर की छत पर सोलर पैनल लगवाने की प्रक्रिया को आसान और सुविधाजनक बनाना है। उपभोक्ता solar.delhi.gov.in पोर्टल के माध्यम से रूफटॉप सोलर सिस्टम के लिए पंजीकरण कर सकेंगे। इसके साथ ही उन्हें सब्सिडी, अधिकृत विक्रेताओं और शिकायतों से संबंधित जानकारी भी एक ही जगह मिल सकेगी।
पोर्टल पर कैसे होगा रजिस्ट्रेशन?
दिल्ली सरकार के अनुसार, नए पोर्टल पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाने के इच्छुक उपभोक्ता अपना पंजीकरण करा सकेंगे। पंजीकरण पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर स्वीकार किए जाएंगे। पोर्टल के जरिए लोगों को सोलर सिस्टम लगाने की प्रक्रिया, उपलब्ध सब्सिडी और अधिकृत विक्रेताओं से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलेगी। किसी तरह की समस्या आने पर उपभोक्ता शिकायत भी दर्ज करा सकेंगे। इस डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य आवेदन प्रक्रिया को अधिक सरल और पारदर्शी बनाना है, ताकि ज्यादा से ज्यादा परिवार सौर ऊर्जा को अपना सकें।
1.56 लाख रुपये तक मिलेगी सब्सिडी
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत केंद्र और दिल्ली सरकार की संयुक्त सब्सिडी है। सरकार के मुताबिक, 3 किलोवाट तक के सोलर सिस्टम पर केंद्र सरकार की ओर से अधिकतम 78,000 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा दिल्ली सरकार भी 78,000 रुपये की समान सब्सिडी उपलब्ध कराएगी। इस तरह पात्र उपभोक्ताओं को कुल मिलाकर 1.56 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है। इससे घरों में सोलर पैनल लगवाने की शुरुआती लागत को कम करने में मदद मिलेगी।
400 यूनिट तक बिजली खपत वालों को लाभ
दिल्ली सरकार के अनुसार, हर महीने 400 यूनिट तक बिजली की खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ता 3 किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर सिस्टम के लिए पात्र होंगे और उन्हें बिना अग्रिम भुगतान के सिस्टम उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य उन परिवारों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो बिजली के बढ़ते खर्च को कम करना चाहते हैं। सोलर पैनल लगने के बाद घर अपनी बिजली की जरूरत का एक हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा कर सकेंगे।
छोटे घरों की छत के लिए भी योजना
सरकार ने उन परिवारों को भी ध्यान में रखा है जिनके घर की छत का आकार छोटा है। ऐसे घरों के लिए 2 किलोवाट तक के सोलर सिस्टम को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे सीमित रूफटॉप स्पेस वाले परिवार भी सौर ऊर्जा का फायदा उठा सकेंगे। सरकार का लक्ष्य केवल बड़े मकानों तक योजना को सीमित रखना नहीं है, बल्कि अलग-अलग आकार के घरों को इसके दायरे में लाना है।
ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी को भी मिलेगा फायदा
योजना में ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी और साझा क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है। सरकार ने ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी के कॉमन एरिया में लगाए जाने वाले सोलर सिस्टम की सब्सिडी को बढ़ाया है। पहले जहां यह सहायता 2,000 रुपये प्रति किलोवाट थी, उसे बढ़ाकर 11,000 रुपये प्रति किलोवाट कर दिया गया है। इससे सोसाइटी के साझा क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
0 से 200 यूनिट वाले उपभोक्ताओं के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन
दिल्ली सरकार ने 0 से 200 यूनिट की श्रेणी में आने वाले बिजली उपभोक्ताओं के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन का भी प्रावधान किया है। यह प्रोत्साहन सोलर पैनल लगाने के बाद बिजली की खपत कम करने से जुड़ा होगा। इसका उद्देश्य केवल सोलर पैनल लगाना ही नहीं, बल्कि ऊर्जा की बचत और बिजली के अधिक कुशल इस्तेमाल को भी बढ़ावा देना है।
पांच साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी
सरकार ने सोलर सिस्टम के संचालन और रखरखाव को लेकर भी व्यवस्था की है। अधिकृत विक्रेता सिस्टम की पहले पांच वर्षों तक संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेंगे। इससे उपभोक्ताओं को तकनीकी रखरखाव की चिंता कम होगी और सोलर सिस्टम के सुचारू संचालन में मदद मिलेगी।
2.30 लाख परिवारों तक पहुंचाने का लक्ष्य
दिल्ली सरकार ने इस योजना के तहत राजधानी के करीब 2.30 लाख परिवारों को रूफटॉप सोलर सिस्टम उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। सरकार का कहना है कि इस पहल से दिल्ली में स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा। बिजली के लिए पारंपरिक स्रोतों पर निर्भरता कम करने के साथ-साथ घरों के बिजली खर्च को नियंत्रित करने में भी मदद मिल सकती है। बिजली मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह पहल दिल्ली को ‘सोलर कैपिटल’ बनाने की दिशा में मदद करेगी। सरकार के अनुसार, सौर ऊर्जा अपनाने से परिवार अपनी बिजली लागत कम करने के साथ भविष्य में सोलर बिजली के जरिए आय की संभावनाएं भी तलाश सकते हैं।