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दिल्ली में थोड़ी सी बारिश के बाद सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम को लेकर AAP नेता अंकुश नारंग ने BJP सरकार को घेरा। जानिए अंकुश नारंग ने क्या आरोप लगाए।
देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर थोड़ी सी बारिश ने नगर निगम और प्रशासन की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है। कुछ ही देर की बारिश के बाद दिल्ली की सड़कें तालाब और गलियां नदियों में तब्दील हो गईं, जिससे आम जनता को घंटों लंबे ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा।
इस स्थिति पर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने भाजपा पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा की “चार-इंजन सरकार” दिल्ली के बारिश के पानी में पूरी तरह डूब चुकी है।
अंकुश नारंग के बयान के मुख्य बिंदु
देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर कुछ ही देर की बारिश में जलमग्न हो गई है।
भाजपा की चार इंजन सरकार के बावजूद राजधानी की सड़कें तालाब बन गईं, गलियां नदियों में बदल गईं और लोग घंटों ट्रैफिक जाम में फंसे रहे।
भाजपा से दिल्ली की जनता जवाब मांग रही है।@AnkushNarang_ pic.twitter.com/7QUciUEfQK
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) July 28, 2026
चार-इंजन सरकार का दावा फेल: अंकुश नारंग ने तंज कसते हुए कहा कि केंद्र, एलजी, दिल्ली सरकार और एमसीडी में भाजपा का नियंत्रण होने के बावजूद दिल्ली की जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।
तालाब बनीं राजधानी की सड़कें: थोड़ी सी बारिश में ही आईटीओ, करोल बाग, मुंडका, पटेल नगर और सदर बाजार जैसे प्रमुख इलाकों की सड़कें पानी में डूब गईं।
जनता कर रही जवाबदेही की मांग: घंटों ट्रैफिक में फंसे रहने और जलभराव की समस्या से परेशान दिल्ली की जनता अब भाजपा सरकार से सीधे जवाब मांग रही है।
“मानसून से पहले बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन पहली ही बारिश ने भाजपा के दावों की हवा निकाल दी। नाले साफ नहीं किए गए और प्रशासनिक लापरवाही के कारण आज दिल्ली की जनता सड़कों पर परेशान हो रही है।”
— अंकुश नारंग, नेता प्रतिपक्ष (MCD)
जलभराव और ड्रेनेज सिस्टम पर उठे सवाल
अंकुश नारंग ने एमसीडी मेयर और प्रशासन पर आरोप लगाया कि मानसून पूर्व नालों की सफाई (Desilting) का काम केवल कागजों तक ही सीमित रहा। उन्होंने मांग की है कि प्रभावित इलाकों में तुरंत जल निकासी के इंतजाम किए जाएं और जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन किया जाए।
बारिश के बाद पैदा हुए इस सिविक संकट ने एक बार फिर दिल्ली के ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों को उजागर कर दिया है, जिसके चलते आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।