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AAP नेता कुलदीप कुमार ने साइकिल खरीद मामले में रेखा गुप्ता सरकार पर सवाल उठाए। बोले- CM शामिल नहीं हैं तो आशीष सूद का इस्तीफा लेकर FIR दर्ज कराएं।
दिल्ली में छात्राओं के लिए साइकिल खरीद को लेकर आम आदमी पार्टी और दिल्ली की बीजेपी सरकार के बीच सियासी विवाद लगातार तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में आम आदमी पार्टी नेता और विधायक कुलदीप कुमार ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार पर निशाना साधते हुए साइकिल खरीद मामले में तत्काल जांच की मांग की है। कुलदीप कुमार ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता इस कथित साइकिल घोटाले में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हैं, तो उन्हें तुरंत संबंधित मंत्री आशीष सूद से इस्तीफा लेना चाहिए और मामले में एफआईआर दर्ज करानी चाहिए।
साइकिल खरीद को लेकर AAP का सरकार पर हमला
कुलदीप कुमार ने साइकिल खरीद मामले को लेकर दिल्ली सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि सरकारी स्कूलों की छात्राओं को वितरित की जाने वाली साइकिलों की खरीद में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता हुई है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के जरिए यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि साइकिलों की खरीद किस प्रक्रिया के तहत हुई, किस कंपनी या एजेंसी को इसका ठेका दिया गया और सरकारी खजाने से कितनी राशि खर्च की गई।
AAP नेताओं की ओर से लगातार यह आरोप लगाया जा रहा है कि साइकिलों की खरीद में बाजार कीमत और सरकारी खरीद कीमत के बीच बड़ा अंतर है। पार्टी इस अंतर को आधार बनाकर खरीद प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र जांच या न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
‘अगर CM शामिल नहीं हैं तो मंत्री का इस्तीफा लें’
कुलदीप कुमार ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि यदि वह इस मामले में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हैं, तो उन्हें तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री संबंधित मंत्री आशीष सूद का इस्तीफा लें और पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कराकर जांच शुरू कराएं।
AAP नेता के मुताबिक, किसी भी सरकारी खरीद में पारदर्शिता और जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण होनी चाहिए। यदि खरीद प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, तो सरकार को जांच से बचने के बजाय दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
मंत्री आशीष सूद पर भी उठाए सवाल
कुलदीप कुमार ने साइकिल खरीद मामले में मंत्री आशीष सूद की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि खरीद प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो उसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। AAP की मांग है कि पूरे मामले की जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों या जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो।
पार्टी का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे छात्राओं तक पहुंचना चाहिए और सार्वजनिक धन के इस्तेमाल में किसी भी तरह की गड़बड़ी स्वीकार नहीं की जा सकती। AAP नेताओं ने सरकार से खरीद से संबंधित टेंडर, वर्क ऑर्डर, भुगतान और सप्लाई से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई है।
छात्राओं की साइकिल योजना पर बढ़ा राजनीतिक विवाद
दिल्ली सरकार की ओर से सरकारी स्कूलों की छात्राओं को साइकिल वितरित करने की योजना चलाई जा रही है। योजना का उद्देश्य छात्राओं को स्कूल आने-जाने में सुविधा देना और उनकी शिक्षा को प्रोत्साहित करना है। इसी योजना के तहत साइकिलों की खरीद को लेकर अब राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
AAP का आरोप है कि योजना के लिए खरीदी गई साइकिलों की कीमत और गुणवत्ता को लेकर कई सवाल हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है तो सरकार को संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक करने और किसी भी संदेह को दूर करने के लिए जांच का स्वागत करना चाहिए।
सरकार से FIR और निष्पक्ष जांच की मांग
कुलदीप कुमार ने कहा कि आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आ सकती है। इसलिए सरकार को बिना किसी राजनीतिक दबाव के पूरे मामले की जांच करानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि यदि जांच में वित्तीय अनियमितता या भ्रष्टाचार के सबूत मिलते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
AAP का कहना है कि केवल राजनीतिक बयानबाजी से मामला खत्म नहीं होना चाहिए। पार्टी चाहती है कि खरीद प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच हो और यह पता लगाया जाए कि सरकारी धन का इस्तेमाल नियमों के अनुसार हुआ या नहीं।
बीजेपी सरकार और AAP आमने-सामने
साइकिल खरीद विवाद ने दिल्ली की राजनीति में एक और टकराव पैदा कर दिया है। एक तरफ AAP नेता लगातार सरकार पर भ्रष्टाचार और खरीद प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप लगा रहे हैं, वहीं बीजेपी और दिल्ली सरकार इन आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए खारिज कर रही है।
ऐसे में अब विवाद का केंद्र साइकिलों की खरीद कीमत, टेंडर प्रक्रिया, संबंधित अधिकारियों की भूमिका और सरकारी भुगतान से जुड़े दस्तावेज बन गए हैं। कुलदीप कुमार की मांग के बाद राजनीतिक दबाव और बढ़ने की संभावना है। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर ही हो सकेगी। फिलहाल AAP ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से तत्काल कार्रवाई करते हुए मंत्री आशीष सूद का इस्तीफा लेने और एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।