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AAP नेता संजीव ने साइकिल खरीद में ₹40 करोड़ के कथित घोटाले का आरोप लगाते हुए आशीष सूद पर कार्रवाई और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से जवाब मांगा।
दिल्ली में सरकारी स्कूलों की छात्राओं के लिए साइकिल खरीद को लेकर आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है। AAP नेता संजीव ने आरोप लगाया है कि मंत्री आशीष सूद की निगरानी में छात्राओं के लिए साइकिल खरीद में करीब 40 करोड़ रुपये का कथित घोटाला हुआ है। उन्होंने दावा किया कि इस मामले को लेकर उपराज्यपाल (LG) से लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता तक विभिन्न स्तरों पर शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। संजीव ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल किया कि आखिर कथित भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे मंत्री के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।
हर स्तर पर शिकायत करने का AAP का दावा
संजीव ने कहा कि साइकिल खरीद मामले में AAP की ओर से संबंधित अधिकारियों और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों तक शिकायत पहुंचाई गई। उनके मुताबिक, उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री कार्यालय समेत विभिन्न स्तरों पर शिकायतें देने के बावजूद मामले में जांच या एफआईआर जैसी कार्रवाई सामने नहीं आई है।
AAP नेता ने सवाल उठाया कि यदि शिकायतों में लगाए गए आरोप गलत हैं तो सरकार को जांच कराकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। वहीं, यदि खरीद प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं में खर्च होने वाला पैसा जनता का पैसा है और उसके इस्तेमाल में पारदर्शिता बेहद जरूरी है।
आशीष सूद के खिलाफ कार्रवाई की मांग
संजीव ने मंत्री आशीष सूद को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर सीधे सवाल खड़े किए। उन्होंने मांग की कि यदि साइकिल खरीद मामले में लगाए गए आरोपों में कोई सच्चाई है तो संबंधित मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से मंत्री का इस्तीफा मांगने और मामले में एफआईआर दर्ज कराने की मांग दोहराई।
AAP नेता ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से कार्रवाई नहीं होने से लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर संबंधित मंत्री को किस आधार पर संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट करने की मांग की कि शिकायतों पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है।
‘क्या BJP में भ्रष्टाचार की खुली छूट है?’
संजीव ने अपने बयान में बीजेपी पर भी राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने सवाल किया कि क्या बीजेपी में सरकारी धन की कथित लूट के लिए किसी तरह की ‘फ्री पास’ व्यवस्था है। उनका कहना है कि सत्ता में बैठी सरकार की जिम्मेदारी है कि वह किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराए, चाहे आरोप किसी मंत्री या किसी अन्य प्रभावशाली व्यक्ति पर ही क्यों न लगे हों।
AAP नेता ने कहा कि सरकार को आरोपों को राजनीतिक बयान मानकर नजरअंदाज करने के बजाय तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर जांच करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि खरीद प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुरूप हुई है तो जांच के बाद सरकार आसानी से स्थिति स्पष्ट कर सकती है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मांगा जवाब
संजीव ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सीधे सवाल करते हुए कहा कि यदि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं तो उन्हें साइकिल खरीद मामले में तत्काल कदम उठाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा संबंधित मंत्री के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
हालांकि, AAP नेता के इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। किसी भी खरीद प्रक्रिया में कथित घोटाले की पुष्टि आधिकारिक जांच, ऑडिट या सक्षम जांच एजेंसी की रिपोर्ट के आधार पर ही हो सकती है। इसलिए साइकिल खरीद मामले में लगाए गए आरोपों को फिलहाल राजनीतिक आरोप के तौर पर देखा जा रहा है।
छात्राओं के लिए साइकिल योजना पर विवाद
सरकारी स्कूलों की छात्राओं को साइकिल उपलब्ध कराने की योजना का उद्देश्य छात्राओं को स्कूल आने-जाने में सुविधा देना और शिक्षा के प्रति उनकी भागीदारी को बढ़ावा देना है। लेकिन साइकिलों की खरीद और उनकी कीमत को लेकर उठे सवालों ने अब योजना को राजनीतिक विवाद के केंद्र में ला दिया है।
AAP का दावा है कि खरीद प्रक्रिया में साइकिलों की कीमत को लेकर गंभीर अंतर सामने आया है और इससे सरकारी खजाने को कथित तौर पर नुकसान हुआ। पार्टी लगातार मांग कर रही है कि खरीद से जुड़े टेंडर, तकनीकी शर्तें, कंपनियों की पात्रता, सप्लाई ऑर्डर और भुगतान से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाए।
जांच से ही साफ होगी आरोपों की सच्चाई
साइकिल खरीद विवाद में अब मुख्य सवाल यही है कि क्या खरीद प्रक्रिया नियमों के अनुसार हुई और क्या सरकारी धन का भुगतान उचित कीमत पर किया गया। AAP जहां करीब 40 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का आरोप लगा रही है, वहीं इन आरोपों की पुष्टि के लिए आधिकारिक जांच जरूरी है।
संजीव ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मामले में तत्काल कार्रवाई करने, संबंधित मंत्री की जिम्मेदारी तय करने और एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता साबित करना चाहती है तो उसे शिकायतों की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। फिलहाल यह मामला दिल्ली की राजनीति में एक नया विवाद बन गया है और आने वाले दिनों में सरकार की ओर से इस पर प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।