Table of Contents
हरियाणा सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए 1500 क्लस्टर स्कूलों में वाइस प्रिंसिपल के पद और महिला शिक्षकों के लिए ऑनलाइन चाइल्ड केयर लीव पोर्टल को मंजूरी दी है।
हरियाणा में स्कूली शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ तथा असरदार बनाने के लिए राज्य सरकार ने कई बड़े और महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। प्रदेश के 1,500 क्लस्टर स्कूलों (Cluster Schools) को जल्द ही नया शैक्षणिक सुदृढ़ीकरण मिलने जा रहा है। शिक्षा विभाग के इस ऐतिहासिक कदम से न केवल स्कूलों का प्रबंधन बेहतर होगा, बल्कि शिक्षकों से जुड़े प्रशासनिक मामलों का भी त्वरित निवारण हो सकेगा।
मुख्य बिंदु: शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी
- 1,500 उप-प्रधानाचार्य (Vice Principals) के पदों का सृजन: स्कूलों में बेहतर एजुकेशनल लीडरशिप प्रदान करने के लिए सभी 1,500 क्लस्टर स्कूलों में डिप्टी प्रिंसिपल के नए पद सृजित किए जाएंगे।
- चाइल्ड केयर लीव (CCL) के लिए ऑनलाइन पोर्टल: महिला शिक्षकों की सुविधा के लिए अब बाल देखभाल अवकाश (Child Care Leave) की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी, जिससे छुट्टी की मंजूरी में होने वाली देरी खत्म होगी।
- शिक्षकों के लंबित मामलों का त्वरित समाधान: पदोन्नति (Promotion), ट्रांसफर और अन्य विभागीय मामलों के निस्तारण में तेजी लाई जाएगी, ताकि शिक्षक बिना किसी तनाव के अध्यापन पर ध्यान दे सकें।
बेहतर शैक्षणिक नेतृत्व (Educational Leadership) पर जोर
शिक्षा के क्षेत्र में हरियाणा का एक और सशक्त कदम!
प्रदेश के 1,500 क्लस्टर स्कूलों को मिलेगी नई शैक्षणिक मजबूती। उप-प्रधानाचार्य के नए पद, बेहतर शैक्षणिक नेतृत्व, बाल देखभाल अवकाश के लिए ऑनलाइन पोर्टल और शिक्षकों के लंबित मामलों के त्वरित निपटारे जैसी पहलें शिक्षा व्यवस्था को और… pic.twitter.com/P4jxxDPgif
— DPR Haryana (@DiprHaryana) July 15, 2026
सरकार के इस फैसले के तहत क्लस्टर स्तर पर उप-प्रधानाचार्यों की नियुक्ति से प्रशासनिक कार्यों का बोझ काफी कम होगा। इससे मुख्य प्रधानाचार्य (Principals) शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और बच्चों के प्रदर्शन पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। इसके साथ ही, मानकों को पूरा करने वाले हाई स्कूलों को भी चरणबद्ध तरीके से सीनियर सेकेंडरी स्तर पर अपग्रेड करने की योजना है।
पढ़ाई नहीं होगी प्रभावित: वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारी
अहम फैसला: सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि जब कोई नियमित महिला शिक्षक चाइल्ड केयर लीव (CCL) पर जाएगी, तो विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए सेवानिवृत्त शिक्षकों (Retired Teachers) का एक विशेष पैनल तैयार किया जा रहा है, जिनकी अस्थाई रूप से सेवाएं ली जाएंगी।
इस नई नीति और ऑनलाइन व्यवस्था से शिक्षा विभाग के कामकाज में पारदर्शिता आएगी और हरियाणा का स्कूली ढांचा देश के अग्रणी राज्यों में शुमार होगा।