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CJI जस्टिस सूर्यकांत और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में 55 आधुनिक कोर्ट रूम वाले ‘टावर ऑफ जस्टिस’ का भव्य उद्घाटन किया।
हरियाणा के गुरुग्राम में न्याय व्यवस्था को और अधिक सुगम, आधुनिक और नागरिक-अनुकूल बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने गुरुग्राम में अत्याधुनिक न्यायिक परिसर ‘टावर ऑफ जस्टिस’ का भव्य उद्घाटन किया। इस गरिमामयी समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
उनके साथ केंद्रीय ऊर्जा, आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय कानून और न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह सहित न्यायपालिका और प्रशासन के कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बने। इस दौरान CJI सूर्यकांत ने नूंह जिले के पुन्हाना और तावडू में नए कोर्ट परिसरों का डिजिटल माध्यम से शिलान्यास भी किया।
“न्यायिक ढांचा अब विलासिता नहीं, बड़ी जरूरत” — CJI सूर्यकांत
भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत गुरुग्राम में ‘टावर ऑफ जस्टिस’ का उद्घाटन करते हुए। साथ में हैं मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री श्री @mlkhattar, केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री, श्री @arjunrammeghwal, केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम… pic.twitter.com/hSrop4XQEI
— DPR Haryana (@DiprHaryana) July 12, 2026
समारोह को संबोधित करते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने आधुनिक समाज में न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि अदालतों में बुनियादी सुविधाओं और आधुनिक तकनीक का विस्तार अब कोई विलासिता नहीं बल्कि समय की एक बहुत बड़ी मांग और जरूरत बन चुका है।
CJI ने विशेष तौर पर महिला अधिवक्ताओं के लिए अनिवार्य सुविधाओं की वकालत करते हुए कहा कि हर नए कोर्ट परिसर में महिलाओं के लिए अलग बार रूम और बच्चों की देखभाल के लिए शिशु गृह (क्रैच सुविधा) का होना अनिवार्य होना चाहिए, ताकि महिला वकील बिना किसी परेशानी के काम कर सकें। उन्होंने याद किया कि जनवरी 2017 में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय की बिल्डिंग कमेटी के प्रभारी के रूप में उन्होंने ही इस परिसर का भूमि पूजन किया था, और आज इसका उद्घाटन करना उनके लिए एक सुखद संयोग है।
“नागरिकों के अटूट विश्वास का प्रतीक है यह परिसर” — मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस भव्य इमारत के लोकार्पण पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे राज्य के विकास में एक मील का पत्थर बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गुरुग्राम सिर्फ एक औद्योगिक शहर नहीं है, बल्कि यह ज्ञान, तकनीक, स्टार्टअप और वैश्विक निवेश का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। ऐसे वैश्विक शहर में इस तरह के आधुनिक न्यायिक परिसर की स्थापना से न्याय वितरण प्रणाली और अधिक मजबूत व पारदर्शी होगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा, “टावर ऑफ जस्टिस केवल एक आलीशान और भव्य इमारत नहीं है, बल्कि यह हमारे देश के संविधान की गरिमा और न्याय प्रणाली के प्रति आम नागरिकों के अटूट विश्वास का एक जीता-जागता प्रतीक है। सरकार वकीलों के कल्याण के लिए भी प्रतिबद्ध है और पुराने कोर्ट परिसर के एक हिस्से को अधिवक्ताओं के लिए आधुनिक चैंबर बनाने के लिए आरक्षित किया जाएगा।”
55 आधुनिक कोर्ट रूम और डिजिटल सुविधाओं से लैस है नई इमारत
लगभग सात एकड़ भूमि में फैला यह विशाल परिसर उत्तर भारत के सबसे बड़े न्यायिक परिसरों में से एक है। पुराने कोर्ट परिसर में जहां केवल 45 कोर्ट रूम थे, वहीं इस नए ‘टावर ऑफ जस्टिस’ में 55 अत्याधुनिक और बड़े कोर्ट रूम बनाए गए हैं।
इस परिसर को पूरी तरह से डिजिटल युग की जरूरतों के हिसाब से ढाला गया है, जिसमें सुचारू वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग सुविधाएं, एक अत्याधुनिक और सुव्यवस्थित ज्यूडिशियल रिकॉर्ड रूम, डिजिटल फाइलिंग सिस्टम और एक प्रस्तावित अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र शामिल हैं। इसके अलावा आम जनता और अधिवक्ताओं की सहूलियत के लिए परिसर के भीतर ही बैंक, पोस्ट ऑफिस, एक बड़ी बार लाइब्रेरी और एक सुसज्जित मध्यस्थता केंद्र जैसी नागरिक-केंद्रित सुविधाएं प्रदान की गई हैं, जो लंबित मामलों के त्वरित निपटारे में बड़ी भूमिका निभाएंगी।