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खाद्य नियमों के उल्लंघन पर FSSAI की बड़ी कार्रवाई। Swiggy Instamart को 9 नोटिस, लोट्टे और हेरिटेज फूड्स भी घिरे। ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट’ ऐप पर शिकायत दर्ज करने की अपील।
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने देश भर में खाद्य सुरक्षा, भ्रामक लेबलिंग और विज्ञापनों के नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के खिलाफ एक बड़ा और सख्त अभियान शुरू किया है। इस कार्रवाई के तहत नियामक ने आम उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे अपने आस-पास होने वाली किसी भी असुरक्षित खाद्य गतिविधि या लापरवाही को नजरअंदाज न करें, बल्कि सीधे रिपोर्ट करें। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक आधिकारिक पोस्ट साझा करते हुए FSSAI ने कहा, “असुरक्षित खाद्य पद्धतियां हर किसी को प्रभावित करती हैं। इसे सिर्फ देखें नहीं, बल्कि रिपोर्ट करें!” नियामक ने लोगों से आग्रह किया है कि वे अपनी जागरूकता को कार्रवाई में बदलें और ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप’ (Food Safety Connect App) का उपयोग करके अपनी शिकायतें दर्ज कराएं। पिछले कुछ हफ्तों में FSSAI की यह प्रवर्तन कार्रवाई (Enforcement Drive) कई मोर्चों पर देखने को मिली है, जिसके लपेटे में देश की कई बड़ी ई-कॉमर्स और फूड कंपनियां आई हैं।
स्विगी इंस्टामार्ट (Swiggy Instamart) को मिले 9 नोटिस: दूषित अंडे और खराब दूध बेचने का आरोप
FSSAI की यह नई डिजिटल मुहिम ऐसे समय में आई है जब कुछ ही दिन पहले नियामक ने त्वरित-वाणिज्य (Quick-Commerce) प्लेटफॉर्म स्विगी इंस्टामार्ट (Swiggy Instamart) को एक के बाद एक 9 कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
ये नोटिस उपभोक्ताओं से मिली उन गंभीर शिकायतों के बाद जारी किए गए, जिनमें स्विगी इंस्टामार्ट के जरिए दूषित अंडे (Contaminated Eggs), फटा या खराब हो चुका दूध और सड़ चुके खाद्य पदार्थों की होम डिलीवरी करने के आरोप लगाए गए थे। नियामक के अनुसार, यह लापरवाही पूरी तरह से ‘खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006’ (Food Safety and Standards Act, 2006) के कड़े नियमों का सीधा उल्लंघन है। त्वरित डिलीवरी के चक्कर में गुणवत्ता से समझौता करने वाले इस तरह के प्लेटफॉर्म्स पर अब FSSAI ने अपनी नजरें टेढ़ी कर ली हैं।
मिलावटी मसाला यूनिट पर चला FSSAI का डंडा, लखनऊ में फैक्ट्री सील
केवीडिटल स्तर पर ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर भी FSSAI की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। हाल ही में एक बड़ी कार्रवाई के तहत नियामक की टीम ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में चल रही एक मसाला निर्माण इकाई (Spice Manufacturing Unit) पर औचक निरीक्षण किया।
इस निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री में बड़े पैमाने पर मिलावटखोरी (Adulteration) के पुख्ता सबूत पाए गए। FSSAI ने तुरंत एक्शन लेते हुए न सिर्फ उस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को पूरी तरह से बंद (शटडाउन) करा दिया, बल्कि वहां मौजूद भारी मात्रा में संदिग्ध मिलावटी उत्पादों को भी जब्त कर लिया। इसके साथ ही, लैब विश्लेषण (Lab Analysis) के लिए मसालों के सैंपल इकट्ठा किए गए हैं ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके।
भ्रामक लेबलिंग और ‘एनर्जी ड्रिंक्स’ के दावों पर कई दिग्गजों को नोटिस
खाद्य सुरक्षा के अलावा, विज्ञापनों और भ्रामक लेबलिंग के जरिए उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाली कंपनियों पर भी गाज गिरी है:
- अल्कोहलिक बेवरेज कंपनियां: FSSAI ने कई शराब निर्माता कंपनियों को अनधिकृत फ्लेवरिंग एजेंट्स (Unauthorised Flavouring Agents) का उपयोग करने और उम्र से जुड़े भ्रामक दावे करने के लिए नोटिस थमाया है।
- एनर्जी ड्रिंक के नाम पर खेल: कई पेय पदार्थ (Beverage) निर्माताओं को भी नियामक ने आड़े हाथों लिया है। ये कंपनियां तय मानदंडों का उल्लंघन करते हुए अपने सामान्य ड्रिंक्स को बाजार में “एनर्जी ड्रिंक” (Energy Drinks) के रूप में प्रचारित और प्रदर्शित कर रही थीं।
- लेबलिंग उल्लंघन में घिरे बड़े नाम: इसके अतिरिक्त, FSSAI ने हाल ही में लोट्टे इंडिया (Lotte India), फर्न्स एन पेटल्स (Ferns N Petals), कुबेरा फूड्स (Kubera Foods) और हेरिटेज फूड्स (Heritage Foods) जैसी नामी कंपनियों को भ्रामक विज्ञापनों और डिब्बों पर गलत लेबलिंग की वजह से आधिकारिक नोटिस जारी किए हैं।
नियामक ने साफ कर दिया है कि पैकेज्ड फूड पर गलत या बढ़ा-चढ़ाकर दी गई जानकारी को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उपभोक्ताओं को सुरक्षित भोजन मुहैया कराना और उनके अधिकारों की रक्षा करना ही इस पूरी कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य है।