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अरब सागर में INS Kolkata और PNS Hunain की टक्कर को लेकर भारत-पाकिस्तान आमने-सामने हैं। भारत ने पाक के आरोप खारिज कर 1991 समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया।
अरब सागर में भारतीय नौसेना के युद्धपोत और पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज के बीच हुई टक्कर को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक विवाद सामने आया है। भारत ने शुक्रवार को पाकिस्तान की ओर से लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि घटना के लिए पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज की “खतरनाक” और नियमों का उल्लंघन करने वाली समुद्री गतिविधि जिम्मेदार थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया ब्रीफिंग में घटना से जुड़े भारत के पक्ष को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना का युद्धपोत नियमित निगरानी मिशन पर था, जबकि पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज ने समुद्र में अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर तरीके से युद्धाभ्यास किया, जिसके परिणामस्वरूप दोनों जहाजों के बीच टक्कर हुई।
नियमित निगरानी मिशन पर था INS Kolkata
भारत के अनुसार, यह घटना मंगलवार रात उत्तर अरब सागर में हुई। भारतीय नौसेना का अग्रिम युद्धपोत INS Kolkata पश्चिमी अरब सागर में नियमित तैनाती और निगरानी मिशन पर था। इसी दौरान पाकिस्तानी नौसेना का जहाज PNS Hunain भारतीय युद्धपोत के करीब आया। भारतीय पक्ष का कहना है कि पाकिस्तानी जहाज ने जिस तरह से आगे निकलने की कोशिश की, वह सुरक्षित समुद्री संचालन के नियमों के अनुरूप नहीं था। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस खतरनाक ओवरटेकिंग के दौरान दोनों जहाजों की टक्कर हुई।
INS Kolkata भारतीय नौसेना का स्टेल्थ गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि घटना के बावजूद भारतीय युद्धपोत को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ और वह समुद्र में अपनी तैनाती पर बना हुआ है।
भारत ने पाकिस्तान के राजनयिक को किया था तलब
घटना के बाद भारत ने बुधवार को पाकिस्तान के चार्ज डी’अफेयर्स साद वाराइच को विदेश मंत्रालय में तलब किया था। भारत की ओर से घटना को लेकर औपचारिक राजनयिक विरोध दर्ज कराया गया। इसके बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भारत के चार्ज डी’अफेयर्स सत्यांजल पांडे को तलब किया और घटना को लेकर भारतीय युद्धपोत पर आरोप लगाए। पाकिस्तान की ओर से दावा किया गया कि भारतीय जहाज की कथित “आक्रामक” गतिविधियों के कारण टक्कर हुई।
इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान के आरोपों को खारिज किया और कहा कि घटना से जुड़े तथ्य पाकिस्तान के दावे से अलग हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने पहले ही अपनी आपत्ति दर्ज करा दी थी और अब पाकिस्तान की प्रतिक्रिया में लगाए गए आरोपों और संकेतों को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
1991 के समझौते का दिया हवाला
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज की गतिविधि 1991 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए एक समझौते के प्रावधानों के विपरीत थी। उन्होंने विशेष रूप से अप्रैल 1991 में हुए सैन्य अभ्यास, युद्धाभ्यास और सैनिक गतिविधियों की अग्रिम सूचना से संबंधित समझौते के अनुच्छेद 10 का उल्लेख किया।
भारत के अनुसार, इस प्रावधान में समुद्र में मौजूद नौसैनिक इकाइयों के बीच कम से कम तीन समुद्री मील की दूरी बनाए रखने की बात कही गई है। जायसवाल ने आरोप लगाया कि PNS Hunain ने भारतीय युद्धपोत को ओवरटेक करने के दौरान इस दूरी से संबंधित प्रावधान का उल्लंघन किया। उन्होंने इसे समुद्र में असुरक्षित और खतरनाक गतिविधि बताया।
अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों के उल्लंघन का आरोप
भारत ने यह भी कहा कि पाकिस्तानी जहाज की गतिविधि समुद्र में टक्कर रोकने से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुरूप नहीं थी। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, समुद्र में नौसैनिक और अन्य जहाजों को टक्कर से बचने के लिए निर्धारित अंतरराष्ट्रीय नियमों और सावधानियों का पालन करना होता है।
जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान को एक बार फिर सलाह दी गई है कि दोनों देशों की सैन्य इकाइयां समुद्र में पर्याप्त सावधानी बरतें और संबंधित समझौतों के प्रावधानों का सम्मान करें। भारत ने यह भी कहा कि ऐसे नियमों का पालन भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी है।
पाकिस्तान ने भारतीय जहाज पर लगाया था आरोप
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने घटना को अलग तरीके से पेश किया था। पाकिस्तान की ओर से आरोप लगाया गया कि टक्कर भारतीय युद्धपोत की “अत्यधिक उकसावे वाली और अस्वीकार्य कार्रवाई” के बाद हुई। पाकिस्तानी पक्ष ने यह भी दावा किया कि घटना पाकिस्तान के विशेष आर्थिक क्षेत्र यानी Exclusive Economic Zone (EEZ) में हुई।
भारत ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि INS Kolkata नियमित तैनाती पर था और पाकिस्तानी जहाज की गतिविधि के कारण टक्कर हुई। दोनों देशों के बयानों में अंतर के कारण घटना को लेकर कूटनीतिक तनाव सामने आया है।
भारत ने दोहराई सावधानी बरतने की अपील
भारत ने कहा कि समुद्री क्षेत्र में सैन्य जहाजों की आवाजाही के दौरान स्थापित नियमों और द्विपक्षीय समझौतों का पालन किया जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान से संबंधित सैन्य इकाइयों द्वारा समुद्र में उचित सावधानी बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया। भारत का कहना है कि ऐसे नियमों का पालन न केवल दोनों देशों के बीच किसी नए विवाद को रोकने के लिए जरूरी है, बल्कि समुद्री सुरक्षा और दुर्घटनाओं से बचाव के लिए भी महत्वपूर्ण है।
फिलहाल भारत के अनुसार INS Kolkata को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है और युद्धपोत समुद्र में तैनात है। अरब सागर की इस घटना ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के बीच समुद्री गतिविधियों और सैन्य जहाजों की सुरक्षित आवाजाही से जुड़े नियमों के पालन को चर्चा में ला दिया है। दोनों देशों के आधिकारिक बयानों में घटना की जिम्मेदारी को लेकर अलग-अलग दावे किए गए हैं।