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हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने प्री-मानसून तैयारियों की समीक्षा की। अधिकारियों को नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के कड़े निर्देश।
हरियाणा में आगामी मानसून सत्र को देखते हुए जलभराव की समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने प्री-मानसून तैयारियों की समीक्षा करते हुए प्रदेश भर के सभी आईएएस (IAS) और एचसीएस (HCS) अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे शहरी नालों का भौतिक निरीक्षण (Physical Inspection) सुनिश्चित करें।
मुख्य सचिव का सख्त निर्देश: ‘गुणवत्ता से समझौता नहीं’
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे केवल कागजी रिपोर्टों पर निर्भर न रहें। उन्होंने कहा कि मानसून से पहले नालों की सफाई (De-silting) का काम पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा:
“सभी शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) में जल निकासी प्रणाली को दुरुस्त रखना हमारी प्राथमिकता है। अधिकारी स्वयं फील्ड में उतरकर सफाई कार्यों की गुणवत्ता की जांच करें, ताकि मानसून के दौरान जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो।”
जवाबदेही और निगरानी होगी और मजबूत
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा करते हुए प्रदेशभर में आईएएस एवं एचसीएस अधिकारियों को शहरी नालों का भौतिक निरीक्षण करने तथा प्री-मानसून डी-सिल्टिंग (गाद निकासी) कार्यों की गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
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— DPR Haryana (@DiprHaryana) June 26, 2026
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि जलभराव को रोकने के लिए सरकार अब निरीक्षण, निगरानी और जवाबदेही (Accountability) के तंत्र को और अधिक मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि सफाई कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि नालों की सफाई में लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
मानसून से पहले तैयारियों का रोडमैप
हरियाणा सरकार का मुख्य उद्देश्य शहरी इलाकों में मानसून के दौरान नागरिकों को होने वाली असुविधा को कम करना है। इसके लिए मुख्य सचिव ने निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया है:
- सिल्ट हटाने का काम: प्री-मानसून डी-सिल्टिंग के कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना।
- अधिकारियों की फील्ड ड्यूटी: आईएएस और एचसीएस अधिकारियों को अपने आवंटित क्षेत्रों में व्यक्तिगत रूप से सफाई कार्यों का निरीक्षण करना होगा।
- नगर निकायों में समन्वय: सभी शहरी स्थानीय निकायों के बीच बेहतर समन्वय ताकि जल निकासी में कोई बाधा न आए।
जनहित में प्रशासन का सख्त रुख
अनुराग रस्तोगी द्वारा दिए गए ये निर्देश यह दर्शाते हैं कि राज्य सरकार मानसून के मद्देनजर पूरी तरह अलर्ट है। पिछले वर्षों में जलभराव की समस्याओं को देखते हुए, इस बार प्रशासन कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता है। मुख्य सचिव के इन कड़े निर्देशों से उम्मीद है कि शहरी इलाकों की ड्रेनेज व्यवस्था समय रहते सुधर जाएगी, जिससे आम जनता को राहत मिलेगी।