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स्वास्थ्य विभाग में ₹650 करोड़ के कथित घोटाले को लेकर आम आदमी पार्टी ने मोर्चा खोला। दवाओं और बेडशीट खरीद में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए मुख्य आरोपी पर उठाए सवाल।
देश की राजधानी दिल्ली के स्वास्थ्य महकमे से भ्रष्टाचार का एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा मामला सामने आया है, जिसे लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि मौजूदा शासन तंत्र के तहत स्वास्थ्य विभाग में करीब ₹650 करोड़ रुपये का एक बहुत बड़ा घोटाला हुआ है। आम आदमी पार्टी के विधायक और नेताओं का कहना है कि यह जनता के टैक्स के पैसों की सरेआम लूट है, जिसे छिपाने के लिए तमाम कोशिशें की जा रही हैं।
बेडशीट से लेकर जीवनरक्षक दवाओं तक में भारी भ्रष्टाचार
भाजपा राज में ₹650 करोड़ का इतना बड़ा स्वास्थ्य घोटाला हुआ। उपकरणों से लेकर दवाइयां और मरीजों के लिए चादरें, सबकी खरीद में भारी घोटाला हुआ है।
टैक्स पेयर के पैसे की जमकर लूट हुई है। गोदी मीडिया इस मुद्दे पर एकदम शांत है इसीलिए हमें जनता को जागरूक करने के लिए ये आवाज उठानी पड़ी… pic.twitter.com/4iNfecTdTO
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) July 6, 2026
इस घोटाले की परतें खोलते हुए आम आदमी पार्टी ने बताया कि भ्रष्टाचार केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीजों के हक पर सीधा डाका डाला गया है। अस्पतालों के लिए खरीदे जाने वाले जरूरी मेडिकल उपकरणों, जीवनरक्षक दवाइयों और यहाँ तक कि मरीजों के बिस्तरों पर बिछने वाली सामान्य बेडशीट तक की खरीद में करोड़ों रुपये का हेरफेर किया गया है।
लूट का खेल: जो बेडशीट और दवाइयां बेहद कम और वाजिब दामों पर मिल सकती थीं, उन्हें कई गुना अधिक और बढ़ा-चढ़ा कर दिखाई गई कीमतों (Inflated Rates) पर खरीदा गया। इस पूरे खेल के पीछे कुछ चुनिंदा सप्लायरों और अधिकारियों का एक बड़ा नेक्सस काम कर रहा है।
“मुख्य आरोपी को देश से भगाने में की गई मदद”
आम आदमी पार्टी ने इस बात पर भी गहरा रोष व्यक्त किया है कि भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) के पास सारे सबूत होने के बावजूद, मामले के मुख्य आरोपी राजीव रंगीला को गिरफ्तार करने के बजाय कथित तौर पर देश से बाहर जर्मनी भागने का मौका दे दिया गया। पार्टी नेताओं ने सरकार से सीधा सवाल पूछा है कि आखिर किस दबाव या सांठगांठ के तहत मुख्य आरोपियों को सुरक्षा दी जा रही है और उन्हें विजय माल्या या नीरव मोदी की तर्ज पर देश छोड़ने की छूट मिल गई?
‘गोदी मीडिया’ की चुप्पी पर भड़की ‘आप’, जनता की अदालत में जाने का ऐलान
सोशल मीडिया और जमीन पर इस आवाज को बुलंद कर रहे आम आदमी पार्टी के नेताओं ने मुख्यधारा के मीडिया यानी ‘गोदी मीडिया’ के रवैये पर भी तीखा प्रहार किया है। पार्टी का आरोप है कि इतना बड़ा घोटाला होने के बावजूद बड़ा मीडिया घराना पूरी तरह से मौन साधे बैठा है और सरकार को बचाने का प्रयास कर रहा है।
यही वजह है कि आम आदमी पार्टी ने अब सीधे जनता के बीच जाकर इस महाघोटाले की सच्चाई को उजागर करने और जनता को जागरूक करने के लिए सड़कों पर उतरकर आंदोलन शुरू कर दिया है। पार्टी का साफ कहना है कि जब तक इस ₹650 करोड़ की लूट का पूरा हिसाब नहीं मिल जाता और दोषियों को सजा नहीं होती, तब तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।