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AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली में SIR फॉर्म वितरण में भारी गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी का 99% फॉर्म बांटने का दावा झूठा है और अनधिकृत कॉलोनियों में 50% लोगों के वोट काटे जा रहे हैं।
आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मतदाता सूची के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाया है। चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दावों को सिरे से खारिज करते हुए भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में 99 प्रतिशत SIR फॉर्म बांटे जाने की बात पूरी तरह से मनगढ़ंत और झूठी है। उन्होंने खुले तौर पर मीडिया को चुनौती दी है कि वह अनधिकृत कॉलोनियों में जाकर जमीनी हकीकत का पर्दाफाश करे।
अनधिकृत कॉलोनियों में 50% लोगों को नहीं मिले फॉर्म
SIR पर भाजपा सरकार के दावे एकदम झूठ हैं। सरकार कह रही है कि 99% फार्म बाँटे जा चुके हैं जोकि पूरी तरह गलत है।
हमारा मीडिया से अनुरोध है कि वो दिल्ली की unauthorised कालोनियों में जायें और लोगों से पूछें। करीब 50% तक लोग कहेंगे कि उन्हें SIR फार्म नहीं मिला है। @Saurabh_MLAgk pic.twitter.com/KJvFycJXnO
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) July 27, 2026
सौरभ भारद्वाज ने अपने आधिकारिक बयान (और एक्स/ट्विटर हैंडल @Saurabh_MLAgk के संदर्भ में) स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग के दावे खोखले हैं। उन्होंने कहा, “हम मीडिया से हाथ जोड़कर अनुरोध करते हैं कि वे दिल्ली की किसी भी अनधिकृत कॉलोनी (Unauthorized Colonies) या गांव में जाएं और वहां की जनता से पूछें। आपको करीब 50% लोग ऐसे मिलेंगे जो कहेंगे कि उन्हें आज तक कोई SIR फॉर्म मिला ही नहीं है।”
भारद्वाज ने आरोप लगाया कि बीएलओ (BLOs) भारी मात्रा में फॉर्म लेकर बैठे हैं, लेकिन वे इन्हें लोगों तक पहुंचा ही नहीं रहे हैं। जहां एक तरफ दिल्ली के पॉश इलाकों और DDA फ्लैट्स में घर-घर जाकर फॉर्म बांटे जा रहे हैं, वहीं दिल्ली की 70% आबादी वाली अनधिकृत कॉलोनियों और गांवों को जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है।
वोटर लिस्ट से नाम काटने की बड़ी साजिश
AAP नेताओं का दावा है कि जब लोगों को फॉर्म मिलेगा ही नहीं, तो उनका SIR वेरिफिकेशन कैसे होगा? इस प्रक्रिया की आड़ में बड़े पैमाने पर आम जनता के वोट काटे जा रहे हैं। सौरभ भारद्वाज ने चिंता जताते हुए कहा कि गर्मियों में हुए ‘प्री-SIR’ अभ्यास के दौरान ही दिल्ली में 13 से 14 लाख वोट पहले ही काटे जा चुके हैं। जो मतदाता पिछले चुनाव में वोट डाल चुके थे, वे भी अब शिकायत कर रहे हैं कि वोटर लिस्ट से उनका नाम गायब कर दिया गया है।
किरायेदारों और प्रवासियों पर सबसे बड़ा खतरा
आम आदमी पार्टी ने बताया कि दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाला एक बड़ा तबका उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा और पंजाब से आया हुआ है। ये लोग किराए के मकानों में रहते हैं और अक्सर अपना घर बदलते रहते हैं। इसका फायदा उठाकर बीएलओ (BLOs) उनके नाम के आगे ‘शिफ्टेड’ (Shifted) लिख रहे हैं, जिसका सीधा मतलब है कि उनके वोट काटे जा रहे हैं। सौरभ भारद्वाज ने चुनाव आयोग से अपील की है कि दिल्ली की स्थिति अन्य राज्यों से अलग है, इसलिए यहां के किरायेदारों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाया जाए।
“बीजेपी ने SIR प्रक्रिया को पूरी तरह हाईजैक कर लिया है”
सौरभ भारद्वाज ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यह अतिशयोक्ति नहीं होगी कि बीजेपी ने दिल्ली में पूरी SIR प्रक्रिया को अपने कब्जे में ले लिया है। निचले स्तर के अधिकारियों (BLOs) पर राजनीतिक दबाव डाला जा रहा है। उन्हें विधायकों के दफ्तरों में बुलाकर सूचियां थमाई जा रही हैं, ताकि बड़े पैमाने पर वोटर लिस्ट में हेरफेर की जा सके। आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि चुनाव आयोग का मकसद सिर्फ वोट काटना रह गया है, तो यह देश के लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है।