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गिफ़्ट निफ्टी में 100 से अधिक अंकों की तेजी और कच्चे तेल में गिरावट से सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में गैप-अप ओपनिंग के संकेत। जानिए निफ्टी के अहम सपोर्ट व रेजिस्टेंस लेवल्स।
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत मजबूती के साथ होने के पूरे संकेत मिल रहे हैं। गिफ़्ट निफ्टी (Gift Nifty) में दर्ज की गई बढ़त से घरेलू इक्विटी बाजारों के लिए गैप-अप ओपनिंग (Gap-up Opening) के रास्ते साफ होते दिख रहे हैं। गिफ़्ट निफ्टी 102 अंक यानी 0.43% की बढ़त के साथ 23,930 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।
वायदा बाजार (Futures) में यह पिछले शुक्रवार को निफ्टी के बंद स्तर 23,767.45 की तुलना में लगभग 160 अंक ऊपर ट्रेड कर रहा है। बाजार में आई इस तेजी के पीछे पश्चिम एशिया (मध्य पूर्व) में भू-राजनीतिक तनाव का अस्थायी रूप से कम होना और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई भारी गिरावट मुख्य कारण मानी जा रही है।
पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से सुधरा ग्लोबल सेंटीमेंट
वैश्विक शेयर बाजारों में सुधार का बड़ा कारण ट्रम्प प्रशासन (Trump Administration) की ओर से आया वह बयान है, जिसमें ईरान पर आगे के सैन्य हमलों को रोकने के संकेत दिए गए हैं ताकि कूटनीतिक (Diplomatic) बातचीत के दरवाजे खुले रहें। इस घटनाक्रम से मध्य पूर्व में किसी बड़े क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका फिलहाल टल गई है, जिससे निवेशकों में जोखिम लेने की क्षमता (Risk Appetite) में सुधार हुआ है।
‘एनरिच मनी’ (Enrich Money) के सीईओ पोन्मुडी आर (Ponmudi R) ने बाजार के इस रुझान पर कहा:
“निवेशक भू-राजनीतिक तनावों में आई इस अस्थायी ढील से राहत महसूस कर रहे हैं, जिससे वैश्विक बाजारों में रिस्क सेंटीमेंट बेहतर हुआ है। ट्रम्प प्रशासन द्वारा कूटनीतिक प्रयासों को समय देने के लिए ईरान पर सैन्य हमलों को रोकने के संकेत से तत्काल संघर्ष की चिंताएं कम हुई हैं।”
कच्चे तेल के दामों में भारी गिरावट: क्रूड $100 से फिसलकर $88 के पास
मध्य पूर्व में कूटनीतिक पहल के कारण कच्चे तेल के दामों में तेज गिरावट (Sharp Retreat) दर्ज की गई है। हाल ही में प्रति बैरल $93 के करीब पहुंचे WTI क्रूड ऑयल की कीमतें 6% से अधिक टूटकर $84 के आसपास आ गई हैं। वहीं, पिछले सप्ताह मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण $100 का आंकड़ा पार करने वाला ब्रांट क्रूड (Brent Crude) भी घटकर लगभग $88 प्रति बैरल के स्तर पर आ गया है।
कच्चे तेल की कीमतों में यह राहत भारत जैसे प्रमुख तेल आयातक देश के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
पोन्मुडी आर ने आगे कहा:
“ऊर्जा कीमतों में लगातार गिरावट से वित्तीय बाजारों को प्रभावित करने वाले मुद्रास्फीति के दबाव (Inflationary Pressures) को कम करने में मदद मिलेगी। इससे वैश्विक विकास की उम्मीदों को समर्थन मिलेगा और अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) द्वारा सख्त मौद्रिक नीति अपनाने का जोखिम भी कम होगा। हालांकि, मध्य पूर्व के घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करने में मुख्य भूमिका निभाते रहेंगे, इसलिए निवेशक सतर्क रुख बनाए रख सकते हैं।”
Nifty Technical Analysis: 24,000 बना रेजिस्टेंस, 23,600 पर अहम सपोर्ट
गैप-अप ओपनिंग की उम्मीदों के बीच विशेषज्ञों का मानना है कि निफ्टी अभी भी सतर्कता के साथ कारोबार कर रहा है। तकनीकी चार्ट पर बाजार के स्तरों का विश्लेषण करते हुए एनरिच मनी के सीईओ पोन्मुडी आर ने प्रमुख लेवल्स की जानकारी दी।
तकनीकी विश्लेषकों का कहना है कि जब तक निफ्टी 24,000 के पार मजबूती से बंद नहीं होता, तब तक बाजार में ऊपरी स्तरों पर सावधानी बरतने की जरूरत है। यदि निफ्टी 23,600 के सपोर्ट लेवल को तोड़ता है, तो बाजार में एक बार फिर मुनाफावसूली और बिकवाली का दौर देखने को मिल सकता है।