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नीट पेपर लीक मामले में संजीव मुखिया को सीबीआई की क्लीन चिट पर मनीष सिसोदिया का पीएम मोदी पर हमला। बोले— घोटाले की आंच बड़े पदों तक पहुंच रही थी।
आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने नीट (NEET) पेपर लीक मामले और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच पर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। सिसोदिया का कहना है कि जिस दिन प्रधानमंत्री ने पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट के गठन की बात कही, ठीक उसी दिन सीबीआई ने 2024 नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक के कथित मास्टरमाइंड संजीव मुखिया को क्लीन चिट दे दी।
मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया कि संजीव मुखिया को इसलिए बचाया जा रहा है क्योंकि इस घोटाले और जांच की आंच देश के शीर्ष पदों तक पहुंच रही थी।
“संजीव मुखिया को क्यों बचाया गया?”: सिसोदिया का तीखा सवाल
जिस दिन प्रधानमंत्री ने NEET मामले में फास्ट-ट्रैक कोर्ट को लेकर ट्वीट किया, उसी दिन CBI ने 2024 के NEET पेपर लीक के मास्टरमाइंड रहे संजीव मुखिया को क्लीन चिट दे दी।
संजीव मुखिया को इसलिए बचाया गया, क्योंकि उसकी आंच देश के मुखिया तक पहुँच रही थी।
– @msisodia pic.twitter.com/02pY0OeMrL
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) July 24, 2026
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे मनीष सिसोदिया ने केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए:
“जिस दिन देश के प्रधानमंत्री ने नीट मामले में फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की, उसी दिन सीबीआई ने 2024 के नीट पेपर लीक के मास्टरमाइंड संजीव मुखिया को क्लीन चिट दे दी। संजीव मुखिया को इसलिए बचा लिया गया क्योंकि उसकी आंच देश के मुखिया तक पहुंच रही थी।”
मनीष सिसोदिया ने कहा कि देश के छात्र फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की मांग नहीं कर रहे थे, बल्कि उनकी वास्तविक मांग नीट घोटाले की निष्पक्ष जांच और भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की है। उन्होंने सवाल उठाया कि बिहार पुलिस की शुरुआती एफआईआर (FIR) में मुख्य संदिग्ध के रूप में नामजद होने के बावजूद सीबीआई द्वारा दाखिल चार्जशीट में संजीव मुखिया का नाम न होना गहरी राजनीतिक साजिश की ओर इशारा करता है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े छात्र और आप नेता
जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी के अन्य नेताओं ने छात्रों की मांगों का पुरजोर समर्थन किया। सिसोदिया ने कहा कि यदि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस गड़बड़ी में शामिल नहीं हैं, तो उन्हें तुरंत अपने पद से हटकर निष्पक्ष जांच का रास्ता साफ करना चाहिए।
आप नेताओं ने तर्क दिया कि फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट का ऐलान केवल जनता और युवाओं का ध्यान भटकाने का प्रयास है, ताकि मुख्य आरोपियों को बचाया जा सके और प्रशासनिक विफलताओं पर पर्दा डाला जा सके।
मुख्य बिंदु
- मनीष सिसोदिया का आरोप: संजीव मुखिया को सीबीआई द्वारा क्लीन चिट दिए जाने के पीछे बड़े राजनीतिक तंत्र को बचाने की कोशिश है।
- क्रोनोलॉजी पर सवाल: पीएम मोदी द्वारा फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट की घोषणा और उसी समय संजीव मुखिया पर सीबीआई के रुख को लेकर आम आदमी पार्टी ने केंद्र को घेरा।
- मांग: नीट घोटाले में जवाबदेही तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और मामले की पारदर्शी जांच की मांग।