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पानीपत के बिजली हादसे में अपने दोनों हाथ व एक पैर गंवाने वाले दिव्यांग बच्चे को हरियाणा सरकार ₹35 लाख की लागत से बायोनिक प्रोस्थेटिक अंग उपलब्ध कराएगी। एसीएस डॉ. सुमिता मिश्रा की अध्यक्षता में फैसला हुआ।
हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने मानवीय संवेदना और त्वरित सहायता की एक मिसाल पेश करते हुए पानीपत जिले के एक दिव्यांग बच्चे के लिए ₹35 लाख की लागत से अत्याधुनिक बायोनिक प्रोस्थेटिक अंग (Advanced Bionic Prosthetic Limb) उपलब्ध कराने की मंजूरी दी है।
यह मासूम बच्चा एक दर्दनाक बिजली हादसे (Electrocution Accident) का शिकार हो गया था, जिसमें उसने अपने दोनों हाथ और एक पैर गंवा दिए थे। राज्य सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले से अब यह बच्चा कृत्रिम अंगों की मदद से अपनी दैनिक गतिविधियां आसानी से कर सकेगा और एक सामान्य व स्वावलंबी जीवन जी सकेगा।
हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन की बैठक में लिया गया फैसला
पानीपत के दिव्यांग बच्चे को मिलेंगे अत्याधुनिक बायोनिक कृत्रिम अंग!
हरियाणा सरकार ने पानीपत के एक दिव्यांग बच्चे के लिए लगभग 35 लाख रुपये की लागत से अत्याधुनिक बायोनिक कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने को मंजूरी दी है। यह बच्चा करंट लगने की दुर्घटना में अपने दोनों हाथ और एक पैर खो चुका… pic.twitter.com/GLfpaFWEaL
— DPR Haryana (@DiprHaryana) July 23, 2026
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HMSCL) के निदेशक मंडल की 40वीं बैठक के दौरान यह संवेदनशील और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि सरकार का प्रयास है कि किसी भी नागरिक या बच्चे को शारीरिक अक्षमता के कारण लाचार न होना पड़े। आधुनिक बायोनिक लिम्ब्स की मदद से बच्चा न केवल चलने-फिरने में सक्षम होगा, बल्कि अपने दैनिक काम खुद करने में भी सक्षम हो सकेगा।
स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए अन्य बड़े फैसले
बैठक के दौरान राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सरकारी अस्पतालों को अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस करने के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई:
- रोहतक PGIDS के लिए 3D CT X-Ray मशीन: पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान संस्थान (PGIDS), रोहतक के लिए ₹82 लाख की लागत से ‘3D कोन बीम सीटी एक्स-रे मशीन’ खरीदी जाएगी। इससे जबड़े और दांतों की जटिल बीमारियों का सटीक इलाज संभव होगा।
- डेंगू जांच किट: राज्य में डेंगू से बचाव और त्वरित जांच के लिए ₹47 लाख की लागत से 2,500 डेंगू NS1 डायग्नोस्टिक किट की खरीद को मंजूरी दी गई।
- माइक्रो-सेंट्रीफ्यूज मशीनें: सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में तेजी से रक्त जांच और रिपोर्टिंग के लिए ₹20 लाख की 30 माइक्रो-सेंट्रीफ्यूज मशीनें लगाई जाएंगी।
‘संवेदनशील और जन-हितैषी सरकार’: मुख्यमंत्री नायब सिंह
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कुशल नेतृत्व में हरियाणा सरकार हर वर्ग और विशेषकर असहाय व जरूरतमंद नागरिकों की मदद के लिए निरंतर प्रयासरत है। पीड़ित बच्चे के परिजनों ने इस त्वरित और जीवन बदलने वाली वित्तीय सहायता के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तथा स्वास्थ्य विभाग का आभार व्यक्त किया है।