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AAP सांसद संजय सिंह ने कहा कि NEET धांधली से 22 छात्रों की मौत हो गई और सोनम वांगचुक 21 दिन अनशन पर रहे, लेकिन पीएम मोदी अपने आवास से 3 किमी दूर जंतर-मंतर नहीं पहुँचे।
आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने नीट (NEET) परीक्षा धांधली और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि देश का युवा परीक्षा धांधली, पेपर लीक और बेरोजगारी से त्रस्त होकर सड़कों पर आंदोलन कर रहा है, लेकिन केंद्र सरकार उनके प्रति पूरी तरह से संवेदनहीन बनी हुई है।
संजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपना कड़ा रुख व्यक्त करते हुए कहा कि पीएम आवास से महज़ 3 किलोमीटर दूर जंतर-मंतर पर देश के भावी डॉक्टर और युवा भूख हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री के पास उनकी बात सुनने का समय नहीं है।
संजय सिंह का पीएम मोदी पर तंज: “युवाओं की आवाज से इतनी दूरी क्यों?”
आप सांसद संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा निशाना साधते हुए लिखा:
“NEET पेपर लीक के कारण देश के 22 छात्रों ने आत्महत्या कर ली। सोनम वांगचुक 21 दिनों तक अनशन पर बैठे रहे। लेकिन देश के प्रधानमंत्री अपने आवास से महज 3 किलोमीटर दूर जंतर-मंतर पर बैठे युवाओं से मिलने और उनकी बात सुनने तक नहीं पहुँचे। आखिर देश के युवाओं की आवाज से इतनी दूरी क्यों?”
संजय सिंह ने कहा कि लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य से खिलवाड़ हो चुका है और इस धांधली के सदमे में कई युवा जान गंवा चुके हैं। इसके बावजूद सरकार संवाद स्थापित करने के बजाय दमनकारी नीतियां अपना रही है।
21 दिनों की भूख हड़ताल और संसद में 267 का नोटिस
NEET पेपर लीक की वजह से 22 छात्रों ने आत्महत्या कर ली। Sonam Wangchuk जी 21 दिनों तक अनशन पर बैठे रहे। लेकिन देश के प्रधानमंत्री अपने आवास से महज़ 3 किलोमीटर दूर जंतर-मंतर पर बैठे युवाओं से मिलने और उनकी बात सुनने तक नहीं पहुंचे। आखिर देश के युवाओं की आवाज़ से इतनी दूरी क्यों?… pic.twitter.com/wY239yGDIo
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) July 20, 2026
जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन और शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और कई छात्र नेताओं ने 21 दिनों तक लगातार अनशन किया। इस दौरान पुलिसिया कार्रवाई और बिगड़ती तबियत के बावजूद अनशनकारियों का हौसला डगमगाया नहीं।
संजय सिंह ने इस मुद्दे को संसद के मानसून सत्र में भी प्राथमिकता से उठाया है। उन्होंने राज्यसभा में नियम 267 (Rule 267) के तहत कार्यस्थगन का नोटिस देकर सभी तय कामकाज को रोककर NEET-UG पेपर लीक, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की विफलताओं और युवाओं पर हो रही कार्रवाई पर तत्काल चर्चा कराने की मांग की है।
‘जंतर-मंतर से संसद तक’ युवाओं की हुंकार
आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह छात्रों और युवाओं के इस आंदोलन में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। दिल्ली में पुलिस बैरिकेडिंग और कड़े सुरक्षा इंतजामों के बावजूद प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शी सुधार की मांग पर अड़े हुए हैं।
संजय सिंह ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने युवाओं के आक्रोश को अनदेखा करने की कोशिश की, तो इसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ेगा। देश का युवा अब चुप बैठने वाला नहीं है और वह अपने अधिकारों की लड़ाई संसद से सड़क तक पूरी ताकत से लड़ेगा।
संवेदनहीनता पर उठते गंभीर सवाल
संजय सिंह के इस बयान ने देश के युवाओं में फैल रहे असंतोष और केंद्र सरकार की कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर राजनीतिक बहस छेड़ दी है। देश के करोड़ों छात्र अब यह सवाल पूछ रहे हैं कि उनके भविष्य और सपनों की रक्षा के लिए सरकार कब जवाबदेह बनेगी और केंद्रीय नेतृत्व युवाओं की पुकार कब सुनेगा?