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जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन को आप नेता मनीष सिसोदिया का पूरा समर्थन मिला है। उन्होंने नीट पेपर लीक के खिलाफ लड़ रहे युवाओं को सलाम करते हुए देश में शिक्षा क्रांति का आह्वान किया।
नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में हुई धांधली और देशव्यापी पेपर लीक विवाद के बीच जंतर-मंतर पर चल रहा छात्र आंदोलन अब एक बड़े राष्ट्रव्यापी आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया भी इस आंदोलन के समर्थन में मजबूती से उतर आए हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए सिसोदिया ने देश में एक बड़ी ‘शिक्षा क्रांति’ का आह्वान किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि देश का भविष्य इन युवाओं के हाथों में है, जो भ्रष्ट शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए सड़कों पर उतरे हैं।
“देश को है शिक्षा क्रांति की जरूरत, युवाओं के जज्बे को सलाम”
दिल्ली में शिक्षा सुधारों के लिए पहचाने जाने वाले मनीष सिसोदिया ने छात्र आंदोलन के प्रति अपनी एकजुटता दिखाते हुए कहा, “आज देश को एक बड़ी शिक्षा क्रांति की सख्त जरूरत है। मैं उन सभी युवाओं को दिल से सलाम करता हूँ जो इस सड़ी-गली और भ्रष्ट शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए पूरी ताकत से लड़ रहे हैं।”
सिसोदिया ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज लाखों बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है। परीक्षाओं के पेपर लगातार लीक हो रहे हैं और ईमानदार छात्रों की मेहनत पर पानी फेरा जा रहा है। ऐसी स्थिति में युवाओं का यह संघर्ष केवल एक परीक्षा के खिलाफ नहीं, बल्कि देश की पूरी व्यवस्था को पारदर्शी और मजबूत बनाने की एक ऐतिहासिक लड़ाई है।
राजनीति से ऊपर उठकर बच्चों के भविष्य के लिए साथ आने की अपील
आज इस देश को शिक्षा क्रांति की ज़रूरत है, और जो शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए लड़ रहे हैं, उन सभी युवाओं को मेरा सलाम।
— @msisodia जी, पूर्व उपमुख्यमंत्री, दिल्ली pic.twitter.com/20IChiowqI
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) July 19, 2026
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन प्रस्तावित ‘संसद चलो’ मार्च से ठीक पहले मनीष सिसोदिया ने देश के सभी नागरिकों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस आंदोलन का हिस्सा बनने की भावुक अपील की है। उन्होंने कहा, “जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए ये युवा किसी एक राजनीतिक दल के कार्यकर्ता नहीं हैं; ये हमारे अपने बच्चे हैं, इस देश के भविष्य हैं। चाहे आप किसी भी पार्टी के समर्थक हों—यहाँ तक कि अगर आप भाजपा (BJP) के भी समर्थक हैं—तो भी अपने घर में बैठे बच्चे का चेहरा देखिए और सोचिए कि क्या आप उनके लिए एक सुरक्षित और बेहतर शिक्षा व्यवस्था नहीं चाहते?”
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग को दोहराते हुए कहा कि जो मंत्रालय बच्चों के भविष्य और परीक्षाओं की पवित्रता की रक्षा नहीं कर सकता, उसके शीर्ष नेतृत्व को जिम्मेदारी लेनी ही होगी।
जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा बल, ‘संसद मार्च’ को लेकर दिल्ली पुलिस मुस्तैद
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्र संगठनों द्वारा घोषित संसद मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। जंतर-मंतर पर इस समय 10 हजार से अधिक सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है और नई दिल्ली जिले में बीएनएस (BNS) की धारा 163 लागू कर दी गई है।
सिसोदिया ने सरकार को चेतावनी दी कि बल प्रयोग या नजरबंदी जैसे हथकंडों से युवाओं की इस बुलंद आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता और देश में एक ठोस शिक्षा सुधार लागू नहीं होता, तब तक यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है। आम आदमी पार्टी संसद के अंदर और सड़क पर बाहर, दोनों ही मोर्चों पर इस छात्र आंदोलन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी।