सीएम नायब सिंह सैनी का बड़ा तोहफा: अब महेंद्रगढ़ के कनीना समेत 16 नए सब-डिवीजनल अस्पतालों में मिलेगा मुफ्त डायलिसिस, स्वास्थ्य सेवाओं में
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार राज्य के नागरिकों को उच्च स्तरीय और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में लगातार बड़े और ऐतिहासिक कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के विजन को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने किडनी के मरीजों को एक बहुत बड़ी राहत दी है। प्रदेश में पहले से चल रही मुफ्त डायलिसिस (Free Dialysis) योजना का दायरा बढ़ाते हुए अब इसे महेंद्रगढ़ जिले के कनीना सहित राज्य के 16 नए सब-डिवीजनल (उप-मंडल) अस्पतालों में शुरू करने का फैसला किया गया है। सरकार के इस कदम से ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के मरीजों को महंगे इलाज के लिए बड़े शहरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और उनके समय व पैसे दोनों की भारी बचत होगी।
मुख्यमंत्री के पहले बड़े फैसले का जमीनी विस्तार, घर के पास मिलेगा इलाज
हरियाणा की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री आरती सिंह राव ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान इस योजना के विस्तार की आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शपथ लेने के तुरंत बाद जनहित में सबसे पहला फैसला प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में किडनी मरीजों के लिए मुफ्त डायलिसिस सेवा शुरू करने का लिया था। अब इस योजना के दूसरे चरण के तहत, बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए इस जीवन रक्षक सुविधा को उप-मंडल स्तर के अस्पतालों तक पहुंचाया जा रहा है। कनीना जैसे क्षेत्रों में इस सुविधा के शुरू होने से दक्षिण हरियाणा के हजारों गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
मातृ-शिशु स्वास्थ्य के लिए ‘मेदांता अस्पताल’ से ऐतिहासिक करार
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि हरियाणा सरकार केवल बुनियादी ढांचे का ही विस्तार नहीं कर रही, बल्कि चिकित्सा के स्तर को भी विश्व स्तरीय बना रही है। राज्य में गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल और स्वास्थ्य निगरानी के लिए सरकार ने देश के सुप्रसिद्ध मेदांता अस्पताल (Medanta Hospital) के साथ एक विशेष समझौता (MoU) किया है। इस साझेदारी के तहत मेदांता के विशेषज्ञ डॉक्टर हरियाणा के सरकारी डॉक्टरों के साथ मिलकर नियमित परामर्श, गंभीर मामलों में गाइडेंस और उच्च स्तरीय चिकित्सा सहायता प्रदान करेंगे, जिससे राज्य में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम स्तर पर लाने में मदद मिलेगी।