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T20I टीम से बाहर होने के बाद सूर्यकुमार यादव ने नेट्स पर 3 घंटे में 1000 गेंदें खेलीं। जानें अगरकर ने सूर्या को टीम से ड्रॉप करने पर क्या कहा।
भारतीय टी20 क्रिकेट टीम से अचानक बाहर किए जाने के बाद स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव ने हार नहीं मानी है। टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं का विश्वास फिर से हासिल करने के लिए ‘मिस्टर 360’ कहे जाने वाले सूर्या ने नेट्स पर कड़ी मेहनत शुरू कर दी है। जिम्बाब्वे के खिलाफ भारतीय टीम द्वारा टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप करने के कुछ ही घंटों बाद, सूर्यकुमार ने वासू परांजपे क्रिकेट अकादमी (Vasoo Paranjape Cricket Academy) से अपना एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में वह कड़ी धूप में रनिंग करते और नेट्स में आक्रामक बल्लेबाजी का अभ्यास करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
सूर्या ने इस वीडियो के साथ सोशल मीडिया पर लिखा, “रविवार का दिन मजेदार रहा। तेज दौड़ लगाई और करीब 3 घंटे तक लगभग 1000 गेंदे खेलीं। बहुत अच्छा महसूस हुआ।” 35 वर्षीय इस धाकड़ बल्लेबाज का यह अंदाज यह स्पष्ट संदेश देता है कि वह अपनी वापसी के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं और भारतीय जर्सी को दोबारा पहनने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
T20 विश्व कप 2026 जिताने वाले कप्तान को टीम से किया बाहर
सूर्यकुमार यादव का टी20 टीम से बाहर होना भारतीय क्रिकेट के हालिया सबसे चौंकाने वाले फैसलों में से एक माना जा रहा है। इसी साल मार्च 2026 में सूर्या की कप्तानी में भारत ने टी20 विश्व कप की ऐतिहासिक ट्रॉफी अपने नाम की थी। विश्व कप जिताने के महज दो महीने के भीतर, अजीत अगरकर की अगुवाई वाली पुरुष चयन समिति ने भविष्य की ओर देखने का फैसला किया और सूर्या को टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया।
चयनकर्ताओं ने न केवल सूर्या को टीम से बाहर किया, बल्कि टीम की कमान भी नए कप्तान श्रेयस अय्यर के हाथों में सौंप दी। एमएस धोनी और रोहित शर्मा के बाद टी20 विश्व कप जीतने वाले एलीट भारतीय कप्तानों की सूची में शामिल होने के बावजूद, सूर्यकुमार का यह हश्र भारतीय क्रिकेट में फॉर्म और उम्र के कड़े मापदंडों को दर्शाता है।
खराब फॉर्म और IPL 2026 का निराशाजनक प्रदर्शन पड़ा भारी
सूर्यकुमार यादव को टीम से बाहर करने का सबसे बड़ा कारण उनकी हालिया फॉर्म और आईपीएल 2026 (IPL 2026) का निराशाजनक प्रदर्शन रहा। हालांकि उनकी कप्तानी में भारत ने विश्व कप जीता, लेकिन एक बल्लेबाज के रूप में उनका बल्ला लंबे समय से खामोश चल रहा था।
चयनकर्ता और टीम प्रबंधन आईपीएल में उनके प्रदर्शन पर बारीक नजर रख रहे थे। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के पूरे सीजन में सूर्या रन बनाने के लिए संघर्ष करते नजर आए और उनके आंकड़े काफी सामान्य रहे। आईपीएल में असफलता के बाद चयन समिति ने कठोर निर्णय लेते हुए टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी।
मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने बताई कड़ा फैसला लेने की वजह
सूर्यकुमार यादव को टीम से बाहर करने के फैसले पर मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्थिति स्पष्ट की थी। अगरकर ने स्वीकार किया कि विश्व विजेता कप्तान को बाहर करना बेहद कठिन फैसला था, लेकिन भारतीय क्रिकेट के भविष्य के हित में यह कदम उठाना अनिवार्य था।
अजीत अगरकर ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “सूर्या के मामले में, जाहिर तौर पर यह एक बहुत ही कठिन फैसला था… खासकर तब जब उन्होंने हमें अभी-अभी विश्व कप जिताया है। लेकिन जैसा कि हर विश्व कप के बाद होता है, हम बैठकर यह समीक्षा करने की कोशिश करते हैं कि आगे बढ़ने का सबसे सही तरीका क्या है।”
अगरकर ने आगे कहा, “आंशिक रूप से यह उनकी अपनी फॉर्म से जुड़ा मामला है, लेकिन साथ ही हम अगले दो साल के चक्र (Two-Year Cycle) और 2028 ओलंपिक खेलों को भी देख रहे हैं। हमें लगा कि आगे बढ़ने का यही सबसे अच्छा तरीका है। निश्चित रूप से, यह एक कठिन निर्णय है। जिस खिलाड़ी ने विश्व कप में आपकी कप्तानी की हो, उसे बदलना आसान नहीं होता। लेकिन विश्व कप के बाद से हमने कोई अंतरराष्ट्रीय टी20 नहीं खेला था। आंशिक रूप से फॉर्म और आंशिक रूप से भविष्य का रोडमैप हमारे दिमाग में हमेशा रहता है।”
2028 ओलंपिक और अगले T20 विश्व कप पर चयनकर्ताओं की नजर
भारतीय चयन समिति की इस दीर्घकालिक रणनीति के पीछे 2028 का लॉस एंजिल्स ओलंपिक (LA Olympics 2028) और आगामी टी20 विश्व कप मुख्य कारण हैं। 128 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद ओलंपिक खेलों में क्रिकेट की वापसी हो रही है। ऐसे में भारतीय बोर्ड एक ऐसी युवा और फिट टीम तैयार करना चाहता है जो आने वाले दो से तीन वर्षों तक बिना किसी रुकावट के प्रदर्शन कर सके।
35 साल के हो चुके सूर्या के लिए उम्र और फॉर्म दोनों ही उनके खिलाफ जा रहे हैं। हालांकि, जिस तरह से उन्होंने नेट्स पर पसीना बहाना शुरू किया है, उससे यह साफ है कि वह इतनी आसानी से हार मानने वाले नहीं हैं। आगामी घरेलू सत्र और प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में उनका प्रदर्शन ही तय करेगा कि क्या वह भारतीय टीम में एक बार फिर अपनी जगह बना पाते हैं या नहीं।