दिल्ली में ₹2,500 सहायता योजना पर सियासत: सौरभ भारद्वाज का आरोप- “कड़ी शर्तों के जरिए महिलाओं के साथ हुआ बड़ा छल”

दिल्ली में ₹2,500 सहायता योजना पर सियासत: सौरभ भारद्वाज का आरोप- "कड़ी शर्तों के जरिए महिलाओं के साथ हुआ बड़ा छल"

 

AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली की ₹2,500 महिला योजना पर भाजपा को घेरा। आरोप लगाया कि 10 साल के निवास प्रमाण जैसी शर्तों से अधिकांश महिलाएं बाहर हो जाएंगी।

आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार पर दिल्ली की महिलाओं के साथ वादाखिलाफी और बड़ा धोखा करने का गंभीर आरोप लगाया है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली की हर महिला को ₹2,500 प्रति माह देने का वादा किया था और इसे ‘मोदी की गारंटी’ बताया था। लेकिन अब योजना (दिल्ली लक्ष्मी योजना) के कैबिनेट ड्राफ्ट में ऐसी कठिन शर्तें जोड़ दी गई हैं कि दिल्ली की अधिकांश महिलाएं इस योजना के लाभ से वंचित रह जाएंगी।

सौरभ भारद्वाज ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा की नीयत कभी महिलाओं को आर्थिक मदद देने की थी ही नहीं, बल्कि यह केवल वोट हासिल करने का एक चुनावी प्रपंच था।

1. चुनावी गारंटी बनाम ‘कठिन शर्तें’: AAP ने उठाए सवाल

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा के शीर्ष नेताओं ने सार्वजनिक मंचों से ऐलान किया था कि सरकार बनते ही कैबिनेट की पहली बैठक में दिल्ली की सभी महिलाओं को ₹2,500 महीना देने का प्रस्ताव पास होगा।

लेकिन अब सामने आ रही पात्रता शर्तों के बाद यह साफ हो गया है कि यह योजना केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएगी और चुनिंदा महिलाओं को छोड़कर इसका लाभ किसी को नहीं मिलेगा।

2. सौरभ भारद्वाज द्वारा उजागर की गई मुख्य शर्तें और आपत्तियां

आप प्रदेश अध्यक्ष ने प्रेस वार्ता के दौरान योजना में रखी गई प्रमुख पाबंदियों को विस्तार से समझाया:

  • 10 वर्षों के निवास प्रमाण की अनिवार्य शर्त: योजना का लाभ उठाने के लिए महिला का पिछले 10 वर्षों से दिल्ली में लगातार निवास करने का प्रमाण मांगा जा रहा है। इससे पूर्वांचल और देश के अन्य हिस्सों से आकर बसी लाखों महिलाएं योजना से बाहर हो जाएंगी।
  • एक परिवार से केवल एक महिला: चुनाव से पहले हर बालिग महिला को ₹2,500 देने का वादा किया गया था, लेकिन अब नियम बनाकर इसे एक परिवार में केवल एक ही महिला तक सीमित करने की तैयारी है।
  • उम्र सीमा में बदलाव (18 की जगह 21 वर्ष): चुनाव में 18 वर्ष से ऊपर की सभी युवतियों से वोट लिया गया, लेकिन अब लाभ देने के लिए न्यूनतम आयु सीमा बढ़ाकर 21 वर्ष कर दी गई है।
  • बीपीएल और राशन कार्ड का पेंच: योजना में राशन कार्ड या बीपीएल कार्डधारक होने की शर्त जोड़ी गई है। सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि दिल्ली में वर्षों से नए राशन कार्ड नहीं बने हैं, जिससे लगभग 80% परिवार बिना कार्ड के हैं और वे अपने आप बाहर हो जाएंगे।
  • बच्चों का वैक्सीनेशन कार्ड और अन्य कागजी शर्तें: योजना के तहत बच्चों के टीकाकरण कार्ड जैसे अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग की जा रही है, जो गरीब व ग्रामीण इलाकों की महिलाओं के लिए जुटाना बेहद कठिन होगा।

3. “मोदी की गारंटी साबित हुई जुमला” – सौरभ भारद्वाज

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आम आदमी पार्टी महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई सड़क से संसद/विधानसभा तक लड़ेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने महिलाओं को दी गई अपनी गारंटी को पूरा किया है, जबकि दिल्ली में भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही जनता पर शर्तों का बोझ डाल दिया है। AAP नेताओं ने दिल्ली सरकार से मांग की है कि सभी बिना शर्त पात्रता मानदंड हटाकर दिल्ली की हर बालिग महिला के खाते में सीधे ₹2,500 ट्रांसफर किए जाएं।

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