भारतीय टीम के दिग्गज बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने 38 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया। जानें उनका करियर रिकॉर्ड और भावुक बयान।
भारतीय क्रिकेट के अनुभवी और शांत-गंभीर शैली के बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से तत्काल प्रभाव से संन्यास की घोषणा कर दी है। 38 वर्षीय रहाणे ने भारत के लिए अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 2023 में वेस्टइंडीज दौरे के दौरान खेला था। वर्ष 2013 में अपने करियर की शुरुआत करने वाले मुंबई के इस दिग्गज खिलाड़ी ने भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक भावुक वीडियो संदेश में रहाणे ने अपने संन्यास का ऐलान करते हुए भारतीय क्रिकेट, अपने समर्थकों और परिवार का आभार जताया।
‘टाइमिंग ही सब कुछ है’: रहाणे का भावुक संन्यास संदेश
रहाणे ने अपने संन्यास संदेश में क्रिकेट और जीवन के संतुलन पर बात करते हुए कहा, “जीवन की सच्चाई यह है कि हर चीज की एक शुरुआत होती है और एक अंत। जब समय आता है, तो आपको बस इसका सम्मान करना होता है और आगे बढ़ना होता है। मैंने अपनी बल्लेबाजी में हमेशा टाइमिंग पर भरोसा किया है और इसकी अहमियत को समझा है। आज मुझे लगता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और सभी प्रारूपों से आगे बढ़ने और संन्यास का ऐलान करने के लिए मेरी टाइमिंग बिल्कुल सही है।”
उन्होंने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा, “डोंबिवली से एक छोटे लड़के के रूप में सिर्फ अभ्यास करने के लिए यात्रा करने के उन शुरुआती दिनों से लेकर अब तक, मैंने इस खेल को अपना सब कुछ दिया। हर एक दिन, हर पारी, बल्लेबाजी का मिला हर मौका, मेरा सपना हमेशा भारत की कैप पहनना था। मैंने एक सरल नियम का पालन किया—हमेशा अपने देश और अपनी टीम को खुद से आगे रखा।”
अजिंक्य रहाणे का अंतरराष्ट्रीय करियर और आंकड़े
मध्यक्रम के विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में पहचान बनाने वाले रहाणे ने भारतीय टेस्ट टीम की कई ऐतिहासिक जीतों में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विशेष रूप से 2020-21 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर मेलबर्न टेस्ट में उनका शतक और उनकी कप्तानी में भारत की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीत भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे स्वर्णिम अध्यायों में से एक है।
उनके तीनों प्रारूपों के आंकड़े इस प्रकार हैं:
- टेस्ट क्रिकेट: 85 मैचों की 140 पारियों में 38.46 की औसत से 5,077 रन बनाए। इसमें 12 शतक और 26 अर्धशतक शामिल हैं।
- वनडे (ODI): 90 मैचों में 2,962 रन बनाए, जिसमें 3 शतक और 24 अर्धशतक दर्ज हैं।
- टी-20 (T20I): 20 मैचों में 375 रन बनाए, जिसमें 1 अर्धशतक शामिल है।
रहाणे ने कहा, “मैंने पूरी ईमानदारी के साथ यह खेल खेला और मेरा हमेशा से मानना रहा है कि अगर आपकी नीयत सही है, तो खेल हमेशा आपका ख्याल रखेगा। जब से मैंने प्रथम श्रेणी क्रिकेटर के रूप में पदार्पण किया, भारतीय क्रिकेट में जबरदस्त वृद्धि हुई है और मुझे पिछले 20 वर्षों में इसका हिस्सा बनने पर बेहद गर्व है।”
संन्यास के बाद की योजनाएं: नई पीढ़ी को निखारने का इरादा
संन्यास की घोषणा के साथ ही रहाणे ने स्पष्ट किया कि भले ही एक भारतीय खिलाड़ी के रूप में उनका सफर खत्म हो गया हो, लेकिन क्रिकेट के साथ उनका रिश्ता कभी खत्म नहीं होगा। वे अब अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों को तराशने में अपना योगदान देना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, “भारतीय क्रिकेटर के तौर पर मेरा अध्याय भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन इस खेल के साथ मेरी यात्रा खत्म नहीं हुई है। मैं अगली पीढ़ी की मदद करने, इस खेल द्वारा मुझे सिखाए गए मूल्यों को साझा करने और उस खेल को वापस लौटाने के लिए तत्पर हूं जिसने मुझे मुंबई में एक युवा खिलाड़ी के रूप में शुरुआत करने से लेकर भारत के लिए खेलने तक सब कुछ दिया।”
“कैप #278 साइनिंग ऑफ”: फैंस और शुभचिंतकों को धन्यवाद
अपने संदेश के अंत में रहाणे ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI), मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA), अपने साथियों, कोचों, सभी आईपीएल फ्रेंचाइजियों, अपनी पत्नी राधिका और पूरे परिवार का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की।
रहाणे ने कहा, “अजिंक्य का अर्थ होता है ‘जिसे जीता न जा सके’। लेकिन क्रिकेट ने मुझे कई बार हार का सामना कराया। एक क्रिकेटर के रूप में हम सफल होने से ज्यादा असफल होते हैं। मेरी टीम मैच हारी है, मैंने गलतियां की हैं, लेकिन एक जगह ऐसी थी जहां मुझे कभी हराया नहीं जा सका—और वह था आप सभी का दिल। आपके प्यार, आपके विश्वास और आपके समर्थन के लिए धन्यवाद। “