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सबा करीम ने संजू सैमसन का बचाव किया और वैभव सूर्यवंशी को उनके रिप्लेसमेंट के तौर पर देखने की चर्चाओं को गलत बताया।
भारतीय क्रिकेट टीम में इन दिनों एक नई बहस छिड़ी हुई है। टीम इंडिया के युवा टैलेंट वैभव सूर्यवंशी के शानदार फॉर्म और टीम में उनकी मौजूदगी के बाद से लगातार यह कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या उन्हें संजू सैमसन की जगह प्लेइंग इलेवन में मौका मिलना चाहिए? हालांकि, पूर्व भारतीय क्रिकेटर और चयनकर्ता सबा करीम ने इस विचार का कड़ा विरोध किया है। सबा करीम का मानना है कि संजू सैमसन जैसे ‘मैच-विनर’ खिलाड़ी को महज कुछ खराब पारियों के आधार पर टीम से बाहर करने की बात करना न केवल गलत है, बल्कि उनके अब तक के योगदान का अपमान भी है।
संजू सैमसन: वर्ल्ड कप का हीरो और टीम का भरोसेमंद खिलाड़ी
सबा करीम ने ‘स्टार स्पोर्ट्स’ पर चर्चा करते हुए संजू सैमसन का पुरजोर बचाव किया। उन्होंने याद दिलाया कि सैमसन ने हाल ही में संपन्न हुए 2026 पुरुष टी20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन किया था। टूर्नामेंट के तीन सबसे बड़े और महत्वपूर्ण मैचों में सैमसन ने मैच-विनिंग अर्धशतक जड़े थे, जिसके दम पर उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया था। करीम ने सवाल उठाया, “हम किस बारे में बात कर रहे हैं? संजू सैमसन एक शानदार खिलाड़ी हैं। उन्होंने आईपीएल में भी अच्छा प्रदर्शन किया था। जब कोई खिलाड़ी टीम के लिए इतना कुछ कर चुका हो, तो हर कोई उन पर ही उंगली क्यों उठा रहा है?”
सबा करीम का स्पष्ट मानना है कि एक या दो मैच की खराब फॉर्म किसी खिलाड़ी की काबिलियत पर सवाल नहीं खड़ा कर सकती। संजू सैमसन ने अपनी निरंतरता से खुद को साबित किया है और उन्हें टीम मैनेजमेंट का समर्थन मिलना चाहिए।
वैभव सूर्यवंशी: अभी सीखने का है समय
टीम इंडिया ने 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए स्क्वाड का हिस्सा बनाया है। हालांकि, टीम मैनेजमेंट उन्हें अब तक डेब्यू करने का मौका नहीं दिया है। सबा करीम इस निर्णय के पूरी तरह पक्ष में हैं। उनका मानना है कि वैभव सूर्यवंशी के लिए भारतीय टीम का हिस्सा होना, ड्रेसिंग रूम का माहौल देखना और इतने बड़े खिलाड़ियों के साथ वक्त बिताना एक बेहतरीन ‘लर्निंग कर्व’ है।
करीम ने कहा, “वैभव सूर्यवंशी को यह समझने की जरूरत है कि भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने के लिए आपको अपना मौका ‘अर्जित’ (earn) करना पड़ता है। इतने प्रतिस्पर्धी माहौल में कदम रखने का मतलब यह नहीं है कि आपको तुरंत मौका मिल जाए। यह वातावरण उन्हें एक खिलाड़ी और एक इंसान के रूप में परिपक्व होने में मदद करेगा। उनके पास अपार प्रतिभा है, लेकिन उन्हें अपना समय आने का इंतजार करना होगा।”
टीम इंडिया की रणनीति: द्विपक्षीय सीरीज को भी गंभीरता से लेना
भारतीय टीम फिलहाल द्विपक्षीय सीरीज को भी किसी बड़े टूर्नामेंट की तरह गंभीरता से ले रही है। यही कारण है कि टीम मैनेजमेंट संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन जैसी वर्ल्ड कप विजेता तिकड़ी पर भरोसा जता रहा है। हालांकि, सैमसन के लिए हालिया तीन मैचों का सफर थोड़ा मुश्किल रहा है, जहाँ वे दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाए हैं। लेकिन सबा करीम जैसे दिग्गजों का मानना है कि सैमसन का क्लास उनके फॉर्म से कहीं ऊपर है और उन्हें अपनी लय वापस पाने के लिए थोड़ा और समय मिलना चाहिए।
शनिवार को इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 पर नजरें
भारत और इंग्लैंड के बीच शनिवार को होने वाला दूसरा टी20 मैच अब काफी दिलचस्प हो गया है। क्या टीम इंडिया अपनी पुरानी प्लेइंग इलेवन के साथ जाएगी या फिर युवा वैभव सूर्यवंशी को मौका मिलेगा? यह सस्पेंस अभी भी बरकरार है। लेकिन सबा करीम की टिप्पणियों ने यह साफ कर दिया है कि क्रिकेट के जानकारों और पूर्व दिग्गजों का बड़ा वर्ग अभी भी अनुभवी खिलाड़ियों के साथ खड़ा है।
कुल मिलाकर, वैभव सूर्यवंशी का टीम में होना भारतीय क्रिकेट के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है, लेकिन संजू सैमसन जैसे स्थापित खिलाड़ियों का टीम में स्थान अभी भी सुरक्षित है। क्रिकेट का खेल फॉर्म और क्लास का एक मिश्रण है, और संजू सैमसन ने समय-समय पर यह दिखाया है कि वे मैच का रुख पलटने में सक्षम हैं। अब गेंद टीम मैनेजमेंट के पाले में है कि वे अनुभव को तरजीह देते हैं या फिर युवाओं को मौका देकर भविष्य की टीम तैयार करते हैं। शनिवार का मुकाबला न केवल सीरीज के नतीजे के लिए, बल्कि टीम के भविष्य के समीकरणों को समझने के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण होगा।